Volvo EX 30
Volvo EX 30 वोल्वो कार्स ने बैटरी ओवरहीटिंग और फायर रिस्क के कारण 40,000 से ज्यादा EX30 इलेक्ट्रिक SUVs का ग्लोबल रिकॉल जारी किया। प्रभावित मालिकों को बैटरी मॉड्यूल फ्री रिप्लेसमेंट मिलेगा, चार्जिंग 70% तक सीमित रखने की सलाह।

ऑटोमोबाइल जगत में सुरक्षा को लेकर वोल्वो का नाम हमेशा सबसे आगे रहा है। स्वीडिश इस कंपनी ने सालों से अपनी कारों को दुनिया की सबसे सुरक्षित गाड़ियों में शुमार करवाया है। लेकिन अब वोल्वो की सबसे नई और लोकप्रिय इलेक्ट्रिक एसयूवी Volvo EX30 में एक गंभीर समस्या सामने आई है, जिसके चलते कंपनी को दुनिया भर में 40,000 से ज्यादा कारों को वापस बुलाना (रिकॉल) पड़ गया है। यह खबर 23 फरवरी 2026 को रॉयटर्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट से सामने आई, जिसने ऑटो इंडस्ट्री में हलचल मचा दी।
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समस्या क्या है और कितनी गंभीर?
Volvo EX 30, जो कंपनी की सबसे सस्ती और कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी है, 2024-2026 मॉडल ईयर की Single-Motor Extended Range और Twin-Motor Performance वैरिएंट्स में यह समस्या पाई गई है। कुल 40,323 कारें इस रिकॉल के दायरे में आ रही हैं। मुख्य समस्या हाई-वोल्टेज बैटरी पैक में है। बैटरी के कुछ मॉड्यूल्स में ओवरहीटिंग (अत्यधिक गर्म होने) का खतरा है, जो आगे चलकर आग लगने का कारण बन सकता है।
- यह खराबी बैटरी सेल्स के मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या क्वालिटी इश्यू से जुड़ी बताई जा रही है।
- वोल्वो ने पुष्टि की है कि प्रभावित कारों में इस्तेमाल होने वाले स्पेसिफिक हाई-वोल्टेज सेल्स में यह समस्या है।
- कंपनी ने कहा है कि वह इन बैटरी पैक्स के मॉड्यूल्स को रिप्लेस करेगी,
- और रिप्लेसमेंट वही सप्लायर से होगा जिसने पहले बैटरी बनाई थी।
कंपनी ने क्या एक्शन लिया?
वोल्वो ने इस समस्या को लेकर तुरंत एक्शन लिया है। कंपनी ने प्रभावित कारों के मालिकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है और उन्हें अगले स्टेप्स के बारे में सूचित किया जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि:
- कार को घर के अंदर या बंद गैरेज में पार्क न करें, बल्कि बाहर खुले में रखें।
- बैटरी को 70% से ज्यादा चार्ज न करें, जब तक कि फिक्स नहीं हो जाता।
- अगर बैटरी ओवरहीटिंग का कोई वार्निंग सिग्नल दिखे, तो तुरंत कार को सुरक्षित जगह पर रोकें।
यह इंटरिम उपाय है ताकि किसी दुर्घटना से बचा जा सके। कंपनी का कहना है कि फुल रिपेयर के लिए बैटरी मॉड्यूल्स बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी, लेकिन इसमें समय लग सकता है क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में कारें प्रभावित हैं।
Volvo EX 30 का बैकग्राउंड और इसका महत्व
Volvo EX30 को 2023-2024 में लॉन्च किया गया था और यह कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहनों की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह छोटी, किफायती और स्टाइलिश एसयूवी है, जिसकी कीमत कई बाजारों में टेस्ला मॉडल 3 या BYD जैसे चाइनीज ब्रांड्स से मुकाबला करती है। EX30 को अच्छी रेंज, तेज चार्जिंग और वोल्वो की क्लासिक सेफ्टी फीचर्स के लिए सराहा गया था। लेकिन लॉन्च के बाद से ही कुछ मुद्दे जैसे डिलीवरी डिले, टैरिफ प्रॉब्लम्स (खासकर अमेरिका में) और अब यह बैटरी इश्यू सामने आए हैं।
- यह रिकॉल वोल्वो की सेफ्टी इमेज को चुनौती दे सकता है।
- इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि वोल्वो के लिए यह लाखों डॉलर का खर्चा साबित हो सकता है,
- साथ ही ब्रांड वैल्यू पर असर पड़ सकता है।
- फिर भी, कंपनी का त्वरित रिस्पॉन्स सराहनीय है क्योंकि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
भारत में स्थिति क्या है?
- भारत में Volvo EX30 की लॉन्चिंग अभी पूरी तरह नहीं हुई है,
- लेकिन कंपनी ने इसे इंट्रोड्यूस करने की प्लानिंग की है।
- अगर भारत में कोई प्रभावित यूनिट आती है, तो वोल्वो इंडिया भी उसी तरह रिकॉल प्रोसेस फॉलो करेगी।
- फिलहाल, भारतीय ग्राहकों को सलाह है कि अगर उनके पास EX30 है,
- तो वोल्वो के ऑफिशियल कस्टमर केयर या वेबसाइट पर VIN नंबर चेक करें।
क्या सीख मिलती है?
यह घटना इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में बैटरी सेफ्टी के महत्व को दोबारा उजागर करती है। EV इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बैटरी टेक्नोलॉजी में छोटी-छोटी खामियां भी बड़े रिस्क पैदा कर सकती हैं। वोल्वो जैसी कंपनियां जो सेफ्टी के लिए जानी जाती हैं, वे भी ऐसे इश्यू से नहीं बच पातीं। लेकिन अच्छी बात यह है कि आधुनिक रेगुलेशंस और कंपनियों की पारदर्शिता से ऐसे मामलों में जल्दी एक्शन होता है।
- ग्राहकों के लिए सलाह: अगर आप EV खरीद रहे हैं,
- तो हमेशा ब्रांड की रिकॉल हिस्ट्री, बैटरी वारंटी और सर्विस नेटवर्क चेक करें।
- वोल्वो EX30 अभी भी एक शानदार कार है,
- लेकिन इस रिकॉल के बाद कंपनी को और ज्यादा सतर्क रहना होगा।
अगर आपके पास Volvo EX30 है या आप इसे खरीदने की सोच रहे हैं, तो कमेंट में अपनी राय जरूर शेयर करें। सुरक्षित ड्राइविंग!
