Kolkata Plane Emergency Landing
Kolkata Plane Emergency Landing तुर्की एयरलाइंस की फ्लाइट में इंजन में आग लगने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग। 236 यात्रियों की जान बाल-बाल बची, कोई हताहत नहीं। पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला। पूरी घटना की डिटेल्स।

हवाई यात्रा हमेशा से ही रोमांचक लेकिन जोखिम भरी मानी जाती है। एक छोटी सी तकनीकी खराबी भी कभी-कभी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। लेकिन 4 फरवरी 2026 को जो घटना घटी, वह वाकई दिल दहला देने वाली थी। तुर्किश एयरलाइंस की एक फ्लाइट, जो नेपाल के काठमांडू से तुर्की के इस्तांबुल जा रही थी, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद खतरे की घंटी बजा दी। विमान के दाहिने इंजन में आग लगने की आशंका जताई गई, और इसने 236 यात्रियों व क्रू मेंबर्स की जिंदगी पर संकट मंडरा दिया। लेकिन पायलट की सूझबूझ, एयर ट्रैफिक कंट्रोल की त्वरित प्रतिक्रिया और कोलकाता एयरपोर्ट की तैयारियों ने एक बड़े हादसे को टाल दिया। यह कहानी है साहस, प्रोफेशनलिज्म और चमत्कारिक बचाव की।
Kolkata Plane Emergency Landing: घटना का विवरण
तुर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट THY-727 (या TK-727) काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर करीब 12:35 बजे उड़ान भरी। यह एक एयरबस A330-303 विमान था, जिसमें 236 यात्री और 11 क्रू मेंबर्स सवार थे। कुल मिलाकर 247 लोग इस उड़ान में थे। विमान जब कोलकाता के ऊपर से गुजर रहा था, तभी पायलट (कैप्टन) को दाहिने इंजन में समस्या दिखाई दी। इंजन से चिंगारी या आग की लपटें निकल रही थीं, या कम से कम आग लगने की आशंका मजबूत हो गई थी।
- पायलट ने तुरंत कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क किया
- और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
- ATC ने फौरन फुल इमरजेंसी घोषित कर दी।
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NSCBI) पर फायर ब्रिगेड,
- एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीमें हाई अलर्ट पर आ गईं।
- विमान को सुरक्षित रनवे पर उतारने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई।
दोपहर करीब 2:49 बजे (कुछ रिपोर्ट्स में 3:03 बजे भी बताया गया) विमान ने सफलतापूर्वक लैंडिंग कर ली। सभी यात्री और क्रू मेंबर सुरक्षित उतारे गए। कोई भी घायल नहीं हुआ। विमान को एयरपोर्ट के आइसोलेशन बे में ले जाया गया, जहां उसकी गहन जांच शुरू हो गई।
पायलट और टीम की बहादुरी
- इस पूरी घटना में सबसे बड़ी भूमिका पायलट और उनके क्रू की थी।
- उड़ान भरने के मात्र कुछ मिनट बाद ही इंजन की समस्या का पता चल गया।
- पायलट ने शांत दिमाग से इंजन को शट डाउन किया,
- विमान को स्थिर रखा और निकटतम सुरक्षित एयरपोर्ट—कोलकाता—की ओर मोड़ दिया।
- यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इस्तांबुल तक का सफर लंबा था,
- लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने सही निर्णय लिया।
कोलकाता एयरपोर्ट के निदेशक ने भी इस ऑपरेशन की सराहना की। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की इमरजेंसी टीम ने बेहद तेजी से काम किया, जिससे विमान सुरक्षित उतर सका। यह घटना एविएशन इंडस्ट्री में क्रू रिस्पॉन्स और ग्राउंड सपोर्ट के महत्व को दर्शाती है।
यात्रियों का अनुभव
- यात्रियों के लिए यह पल बेहद डरावना रहा होगा।
- आसमान में 30,000 फीट की ऊंचाई पर जब इंजन में आग की आशंका हुई,
- तो घबराहट फैलना स्वाभाविक था।
- कई यात्रियों ने बाद में बताया कि क्रू मेंबर्स ने उन्हें शांत रहने के लिए कहा
- और सारी प्रक्रियाएं व्यवस्थित तरीके से बताईं।
- लैंडिंग के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- तुर्किश एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए वैकल्पिक उड़ान और ठहरने की व्यवस्था शुरू की।
जांच और आगे की कार्रवाई
विमान की जांच अभी जारी है। तकनीकी विशेषज्ञ इंजन की खराबी के कारणों का पता लगा रहे हैं। क्या यह मैकेनिकल फेलियर था, फ्यूल लीक, या कोई अन्य समस्या? रिपोर्ट्स आने में समय लगेगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर सवाल उठाए हैं। तुर्किश एयरलाइंस जैसी बड़ी कंपनी भी ऐसी परिस्थितियों से अछूती नहीं है।
निष्कर्ष: सुरक्षा सबसे ऊपर
- यह घटना याद दिलाती है कि हवाई यात्रा में कितनी सतर्कता बरती जाती है।
- एक छोटी सी आग की आशंका ने 236 जिंदगियों को खतरे में डाल दिया,
- लेकिन प्रोफेशनल हैंडलिंग ने सबको बचा लिया।
- पायलट, क्रू, ATC और एयरपोर्ट स्टाफ—सभी ने मिलकर एक चमत्कार रचा।
जब हम अगली बार प्लेन में सवार होंगे, तो शायद इस घटना को याद करके थोड़ा और विश्वास महसूस करेंगे कि हमारे पीछे एक पूरी सिस्टम काम कर रही है। सुरक्षा सबसे ऊपर—यह नारा सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हकीकत है।
