मोदी सेवा तीर्थ फैसला
मोदी सेवा तीर्थ फैसला PM मोदी ने नए सेवा तीर्थ से महिलाओं, युवाओं, किसानों और स्टार्टअप्स के लिए बड़े फैसले लिए। महिला सशक्तिकरण, रोजगार और विकास पर फोकस। आम आदमी के लिए गेमचेंजर ऐलान!

13 फरवरी 2026 का दिन भारतीय प्रशासनिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा और इसका औपचारिक उद्घाटन किया। यह परिसर अब PMO, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय का एकीकृत केंद्र है। साथ ही कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई प्रमुख मंत्रालय जैसे रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा आदि शामिल हो गए हैं। यह बदलाव औपनिवेशिक प्रतीकों से दूर होकर सेवा-केंद्रित शासन की नई सोच को दर्शाता है।
लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरने वाले हैं सेवा तीर्थ से PM मोदी के पहले दिन के फैसले। उद्घाटन के तुरंत बाद उन्होंने महिलाओं, युवाओं, किसानों और कमजोर वर्गों से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी। ये फैसले न केवल गेमचेंजर हैं, बल्कि समाज के हर तबके को छूने वाले हैं। आइए विस्तार से समझते हैं इन फैसलों को।
सेवा तीर्थ का महत्व: क्यों बदला PMO का नाम और स्थान?
- सेवा तीर्थ नामकरण मोदी सरकार की उस विचारधारा को रेखांकित करता है,
- जिसमें शासन को ‘राज’ नहीं, बल्कि ‘सेवा’ माना जाता है।
- यह नया परिसर आधुनिक, एकीकृत और नागरिक-केंद्रित है।
- पहले PMO और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय अलग-अलग जगहों पर फैले थे,
- अब सब एक छत के नीचे आ गए हैं।
- इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी,
- समन्वय बेहतर होगा और प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
- PM मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह परिसर “सेवा की भावना” से प्रेरित है
- और हर फैसला आम आदमी के कल्याण के लिए होगा।
महिलाओं के लिए बड़ा गेमचेंजर: लखपति दीदी का लक्ष्य दोगुना
- PM मोदी के पहले फैसलों में सबसे चर्चित है लखपति दीदी योजना का विस्तार।
- पहले लक्ष्य था मार्च 2027 तक 3 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाना,
- लेकिन सरकार ने इसे पहले ही हासिल कर लिया।
- अब नया लक्ष्य है मार्च 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाना।
यह योजना स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है। महिलाएं छोटे व्यवसाय, पशुपालन, हस्तशिल्प आदि से कमाई कर रही हैं। लक्ष्य दोगुना होने से 3 करोड़ और महिलाओं को लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गरीबी कम होगी और महिलाओं की सामाजिक स्थिति ऊंची उठेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला महिलाओं के लिए सबसे बड़ा गेमचेंजर साबित होगा।
युवाओं के लिए स्टार्टअप बूस्ट: फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी
युवा भारत की ताकत हैं, और PM मोदी ने इसे समझते हुए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह फंड डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, AI, बायोटेक और शुरुआती स्टेज के इनोवेशन को बढ़ावा देगा।
पहले फंड ने हजारों स्टार्टअप्स को फंडिंग दी, लेकिन अब 2.0 संस्करण ज्यादा गहन और तकनीकी होगा। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, भारत इनोवेशन हब बनेगा और आत्मनिर्भर भारत का सपना मजबूत होगा। युवा उद्यमियों के लिए यह ऐलान सपनों को हकीकत में बदलने वाला है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले: किसानों और दुर्घटना पीड़ितों को राहत
- कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को दोगुना कर 2 लाख करोड़ रुपये किया गया।
- इससे कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट्स और वैल्यू चेन मजबूत होगी।
- किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और बर्बादी कम होगी।
- PM राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिलेगा।
- सड़क हादसों में घायलों के लिए यह बड़ी राहत है, खासकर गरीब परिवारों के लिए।
ये फैसले दिखाते हैं कि सेवा तीर्थ से शासन की शुरुआत सेवा भावना से हुई है। PM मोदी ने पहले दिन ही समाज के कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी।
मोदी सेवा तीर्थ फैसला: आगे की राह, क्या बदलाव लाएगा सेवा तीर्थ?
- यह नया परिसर और फैसले मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की शुरुआत को मजबूत बनाते हैं।
- महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी,
- युवा इनोवेशन फलेगा-फूलेगा और किसान-दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल राहत मिलेगी।
- यदि ये योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हुईं,
- तो भारत का सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य बदल सकता है।
सेवा तीर्थ सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि एक नई सोच है – जहां शक्ति सेवा में है। PM मोदी का यह पहला तगड़ा फैसला महिलाओं और युवाओं के लिए वाकई गेमचेंजर साबित हो रहा है।
