नोएडा मेट्रो मंजूरी
नोएडा मेट्रो मंजूरी PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने नोएडा मेट्रो के एक्वा लाइन एक्सटेंशन को मंजूरी दी। सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी कॉरिडोर, 8 एलिवेटेड स्टेशन से नोएडा-ग्रेटर नोएडा कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

Noida और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए 14 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया और शनिवार को सरकारी बयान के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। इस प्रोजेक्ट से नोएडा की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा, जिससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा आसान, तेज और पर्यावरण-अनुकूल हो जाएगी।
नोएडा मेट्रो मंजूरी: प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
- यह एक्सटेंशन नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन (Aqua Line) का हिस्सा है।
- इसमें कुल 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे, जो पूरी तरह से ऊंचाई पर होंगे।
- इससे ट्रैफिक जाम से बचा जा सकेगा और यात्रा सुरक्षित रहेगी।
- प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2,254 करोड़ रुपये है और इसे 4 वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- कॉरिडोर की कुल लंबाई 11.56 किमी है,
- जो नोएडा के प्रमुख सेक्टरों को कवर करेगा।
- बॉटनिकल गार्डन स्टेशन यहां प्रमुख इंटरचेंज हब बनेगा,
- जहां यह दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से जुड़ेगा।
- इससे यात्रियों को एक ही टिकट से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
यात्रियों और शहर के लिए फायदे
इस एक्सटेंशन के चालू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई 61.62 किलोमीटर हो जाएगी। इससे रोजाना हजारों यात्रियों का समय बचेगा। विशेष रूप से:
- आईटी प्रोफेशनल्स, छात्र और मरीजों को बड़ा लाभ मिलेगा, क्योंकि सेक्टर 142 और आसपास के इलाके अब दिल्ली से सीधे जुड़ जाएंगे।
- ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में काफी कमी आएगी, क्योंकि लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे।
- आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। नोएडा को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब के रूप में मजबूत बनाने में यह प्रोजेक्ट अहम भूमिका निभाएगा।
- लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे ग्रेटर नोएडा के निवासी भी दिल्ली तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया है और इसे क्षेत्रीय विकास के लिए ऐतिहासिक बताया है।
क्यों है यह प्रोजेक्ट गेम-चेंजर?
- नोएडा तेजी से विकसित हो रहा शहर है, जहां आईटी सेक्टर,
- रियल एस्टेट और इंडस्ट्री का बोलबाला है।
- लेकिन बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के कारण ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बन गया था।
- यह मेट्रो एक्सटेंशन न केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान करेगा,
- बल्कि भविष्य में जेवर एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं से भी जुड़ने की नींव रखेगा।
बॉटनिकल गार्डन पहले से ही एक व्यस्त इंटरचेंज है, और अब एक्वा लाइन के जुड़ने से यहां मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब बन जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर का एक बड़ा हिस्सा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जो स्मार्ट सिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में बड़ा कदम है।
निष्कर्ष
- प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट द्वारा दी गई यह मंजूरी नोएडा
- वासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है।
- यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक मेट्रो लाइन नहीं, बल्कि बेहतर जीवनशैली,
- कम प्रदूषण और तेज आर्थिक तरक्की का प्रतीक है।
- चार साल बाद जब यह कॉरिडोर चालू होगा,
- तो नोएडा दिल्ली-एनसीआर का सबसे कनेक्टेड और आधुनिक शहरों में शुमार होगा।
नोएडा के निवासियों के लिए यह वाकई बड़ी खुशखबरी है! अब इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं और मेट्रो की रफ्तार से शहर की प्रगति भी तेज होगी। जय हिंद!
