सीमा हैदर से जुड़े मामले पर मीडिया में चर्चा की तस्वीर।
सीमा हैदर : पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने 17 फरवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा में बेटे को जन्म दिया। अब कुल 6 बच्चे, लेकिन सचिन से जन्मे बच्चों की भारतीय नागरिकता पर कानूनी उलझन। अवैध प्रवेश के कारण क्या मिलेगी नागरिकता? पूरी खबर और अपडेट पढ़ें।
ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सीमा हैदर सुर्खियों में हैं। पाकिस्तान से प्यार की खातिर नेपाल के रास्ते भारत आईं सीमा ने 17 फरवरी 2026 को एक निजी अस्पताल (कृष्णा अस्पताल) में बेटे को जन्म दिया है। यह उनका छठा बच्चा है और सचिन मीणा का दूसरा संतान। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, डिलीवरी सामान्य रही और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। घर पहुंचते ही परिवार और पड़ोसियों ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जोरदार स्वागत किया। सीमा और सचिन ने सोशल मीडिया पर भी खुशी का इजहार किया है।

सीमा हैदर का पूरा बैकग्राउंड – पबजी से शुरू हुआ प्यार
सीमा हैदर मूल रूप से पाकिस्तान के सिंध प्रांत की रहने वाली हैं। 2019 में पबजी गेम खेलते-खेलते उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवासी सचिन मीणा से हुई। बातचीत बढ़ी, प्यार हुआ और दोनों ने नेपाल में दो बार मिलकर शादी भी की। 2023 में सीमा ने अपने पहले पति गुलाम हैदर से चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया।
- 4 जुलाई 2023 को अवैध प्रवेश के आरोप में सीमा, सचिन और उनके पिता को गिरफ्तार किया गया था।
- 7-8 जुलाई को जमानत मिली और तब से वे रबूपुरा में रह रहे हैं। सीमा ने हिंदू धर्म अपनाया और
- भारतीय नागरिकता की मांग की। उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष याचिका भी दायर की, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।
नवजात बेटे और बेटी की नागरिकता पर कानूनी पेच
सीमा के पहले पति से चार बच्चे पाकिस्तानी नागरिक हैं। सचिन से उनका पहला बच्चा (बेटी) 18 मार्च 2025 को हुआ था, और अब 11 महीने बाद दूसरा बेटा। लेकिन सवाल यह है – क्या ये बच्चे भारतीय नागरिक होंगे?
भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 3 के अनुसार, भारत में जन्मे बच्चे को नागरिकता तभी मिलती है जब:
- माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो।
- दूसरा अवैध प्रवासी न हो।
- सचिन मीणा भारतीय हैं, लेकिन सीमा हैदर अवैध रूप से भारत में हैं।
- सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील रुद्र विक्रम सिंह का कहना है:
- “सीमा हैदर और सचिन मीणा के बच्चों को नागरिकता तब तक नहीं मिल सकती,
- जब तक सिद्ध न हो जाए कि सीमा वैध तरीके से भारत आई थीं। धारा 3C (ii) में स्पष्ट है
- कि जन्म के समय दूसरा माता-पिता अवैधानिक तरीके से नहीं रह रहा हो।”
दूसरी तरफ, सीमा के वकील एपी सिंह का दावा है कि नेपाल में शादी के कारण कोई दिक्कत नहीं, और पहले बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र बनने से कुछ फायदे हो सकते हैं। लेकिन कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, सीमा की अवैध एंट्री पूरे मामले को जटिल बना रही है। सीमा ने खुद और चार बच्चों के लिए नागरिकता याचिका लगाई है, लेकिन फैसला लंबित है।
परिवार की खुशी और सोशल मीडिया पर चर्चा
बेटे के जन्म के बाद परिवार में उत्सव का माहौल है। सीमा और सचिन यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं, जहां लाखों फॉलोअर्स हैं। उन्होंने वीडियो शेयर कर कहा, “अपनी जान का स्वागत…”। लेकिन नागरिकता का मुद्दा अभी भी अनसुलझा है। क्या सीमा को जल्द नागरिकता मिलेगी? क्या बच्चे ‘हिंदुस्तानी’ कहलाएंगे? यह सवाल पूरे देश में चर्चा में है।
क्या सिखाता है यह मामला?
- यह केस प्यार, सीमा-पार संबंधों और कानूनी जटिलताओं का मिश्रण है।
- अवैध प्रवेश के मामलों में नागरिकता मिलना मुश्किल होता है। युवाओं को रिश्तों में कानूनी पहलुओं का ध्यान रखना चाहिए।
- सीमा बार-बार कहती हैं कि वे भारत में रहना चाहती हैं, लेकिन कानून अपना रास्ता अपनाता है।
