बाजार में चांदी के ताज़ा रेट की जानकारी।
चांदी का भाव : चांदी की कीमतें पीक ₹4.20 लाख/किलो से गिरकर ₹2 लाख तक फिसलीं, लेकिन मार्च 2026 तक रिकवरी की उम्मीद। $70–$90 (₹2.25–₹2.85 लाख/किलो) रेंज में ट्रेडिंग, औद्योगिक मांग और सप्लाई डेफिसिट से मजबूती। आज का रेट, कारण और निवेश सलाह पढ़ें।
चांदी (सिल्वर) ने 2026 की शुरुआत में निवेशकों को हैरान कर दिया था। MCX पर 29 जनवरी को यह ₹4,20,000 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर (पीक) पर पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद तेज गिरावट आई और कीमतें पीक से लगभग 2 लाख रुपये (करीब 46%) सस्ती होकर ₹2 लाख-₹2.5 लाख के आसपास पहुंच गईं। बुधवार (18 फरवरी 2026) को MCX पर मार्च वायदा में 3.81% की बढ़त के साथ ₹2,37,490 प्रति किलो पर ट्रेडिंग हुई। प्रति 10 ग्राम के हिसाब से यह लगभग ₹23,749 है। शहरों में सर्राफा बाजार में चांदी ₹2.45 लाख से ₹2.55 लाख/किलो के बीच है।

चांदी का भाव गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
चांदी की इतनी बड़ी गिरावट कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स से आई:
- अमेरिका-ईरान तनाव में कमी से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग घटी।
- अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से कमोडिटी पर दबाव।
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता – जून 2026 से कटौती की उम्मीद, लेकिन फिलहाल बाजार में डर।
- प्रॉफिट बुकिंग और इंडस्ट्रियल मेटल्स में करेक्शन।
यह गिरावट पिछले पैटर्न जैसी है, जहां तेज रैली के बाद करेक्शन आता है। लेकिन लॉन्ग टर्म में चांदी मजबूत दिख रही है।
मार्च 2026 तक चांदी की प्रेडिक्शन – एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, लेकिन मार्च तक रिकवरी संभव है:
- वेंचुरा कमोडिटी प्रमुख एनएस रामास्वामी: चीनी नववर्ष (20 फरवरी तक) के दौरान कम भागीदारी रहती है। फरवरी अंत या मार्च शुरुआत में लिक्विडिटी और फिजिकल डिमांड बढ़ने से तेजी आ सकती है। मौजूदा करेक्शन सामान्य है।
- ऑगमोंट रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी: चांदी $70–$90 (करीब ₹2,25,000–₹2,85,000 प्रति किलो) रेंज में ट्रेड कर सकती है। ट्रेडर्स को गिरावट में खरीदें और उछाल पर बेचें की रणनीति अपनानी चाहिए। $70 से नीचे ब्रेकडाउन पर और गिरावट ($64 तक, ₹2 लाख) संभव।
- ग्लोबल फोरकास्ट: J.P. Morgan 2026 में औसत $81/oz देख रहा है। सिल्वर इंस्टीट्यूट के अनुसार छठा साल लगातार सप्लाई डेफिसिट रहेगा।
मार्च तक कीमतें ₹2.25 लाख से ₹2.85 लाख/किलो के बीच रहने की संभावना ज्यादा है, जिसमें उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
लॉन्ग टर्म में चांदी क्यों मजबूत रहेगी?
- औद्योगिक मांग: सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और 5G से डिमांड बढ़ रही है।
- सप्लाई घाटा: लगातार 6 साल डेफिसिट, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा।
- निवेश रुचि: भारत और चीन जैसे बाजारों में निवेश बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए सलाह
- गिरावट में खरीदारी (Buy on Dips) करें, लेकिन रिस्क मैनेजमेंट जरूरी।
- शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स रेंज ट्रेडिंग करें।
- लॉन्ग टर्म निवेशक औद्योगिक डिमांड पर फोकस करें – 2026 में मजबूत रिटर्न की उम्मीद।
- बाजार वोलेटाइल है, इसलिए एक्सपर्ट सलाह लें और डाइवर्सिफाई करें।
आज का चांदी का भाव (18 फरवरी 2026 अपडेट)
- MCX मार्च वायदा: ₹2,37,490/किलो (3.81% ऊपर)।
- दिल्ली/मुंबई सर्राफा: ₹2.49 लाख–₹2.55 लाख/किलो।
- प्रति 10 ग्राम: ₹24,900–₹25,500 (टैक्स सहित)।
- प्रति ग्राम: ₹249–₹255।
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