महुआ मोइत्रा डॉगी कस्टडी
महुआ मोइत्रा डॉगी कस्टडी महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व साथी के बीच पालतू कुत्ते ‘हेनरी’ की कस्टडी को लेकर हाईकोर्ट में कानूनी जंग छिड़ गई है। निजी विवाद अब अदालत तक पहुंच गया, जिससे मामला चर्चा में है।

भारतीय राजनीति और कानूनी दुनिया में अक्सर बड़े-बड़े घोटाले और विवाद सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन कभी-कभी एक पालतू कुत्ते की कस्टडी भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन जाती है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा और उनके पूर्व प्रेमी, सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्रई के बीच अब एक रॉटवीलर नस्ल के कुत्ते ‘हेनरी’ की कस्टडी को लेकर तीखी कानूनी लड़ाई चल रही है। यह मामला इतना दिलचस्प है कि दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ याचिकाएं दायर कर रहे हैं। यह विवाद न केवल व्यक्तिगत रिश्तों की कड़वाहट को दर्शाता है, बल्कि पालतू जानवरों को लेकर भारतीय अदालतों में बढ़ते मामलों का भी उदाहरण है।
महुआ मोइत्रा डॉगी कस्टडी: विवाद की शुरुआत प्रेम से अलगाव तक
- महुआ मोइत्रा और जय अनंत देहाद्रई के बीच कभी गहरा रिश्ता था।
- दोनों ने मिलकर हेनरी नाम के इस रॉटवीलर कुत्ते को पाला था,
- जिसे वे ‘अपना बच्चा’ मानते थे। लेकिन रिश्ते टूटने के बाद स्थिति बिगड़ गई।
- 2023 में यह विवाद शुरू हुआ, जब दोनों ने एक-दूसरे पर हेनरी को ‘चुराने’ का आरोप लगाया।
- महुआ का दावा है कि हेनरी मुख्य रूप से उनके साथ रहता था और उनकी जिम्मेदारी थी,
- जबकि जय अनंत कहते हैं कि उन्होंने कुत्ते को पाला-पोसकर बड़ा किया और दस्तावेज भी उनके नाम पर हैं।
यह मामला महुआ मोइत्रा के ‘कैश फॉर क्वेरी’ विवाद से भी जुड़ गया, जहां जय अनंत ने महुआ पर गंभीर आरोप लगाए थे। महुआ ने इसे ‘जिल्टेड एक्स’ (छोड़े गए प्रेमी) का बदला बताया। लेकिन असली जंग अब हेनरी की कस्टडी पर केंद्रित हो गई है।
कानूनी यात्रा: साकेत कोर्ट से हाईकोर्ट तक
- मामला सबसे पहले दिल्ली के साकेत कोर्ट में पहुंचा।
- महुआ मोइत्रा ने हेनरी की संयुक्त कस्टडी (जॉइंट कस्टडी) की मांग की थी,
- जिसमें हर महीने 10 दिनों के लिए कुत्ता उनके पास रह सके।
- लेकिन 10 नवंबर 2025 को साकेत कोर्ट ने उनकी अंतरिम कस्टडी की अर्जी खारिज कर दी।
- कोर्ट ने फैसला दिया कि हेनरी फिलहाल जय अनंत के पास सुरक्षित है।
इस फैसले से नाराज महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। फरवरी 2026 में जस्टिस मनोज कुमार ओहरी की बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई की और जय अनंत देहाद्रई को नोटिस जारी किया। महुआ ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत है, क्योंकि हेनरी उनके पालतू के रूप में उनके घर में रहता था और उनकी अनुपस्थिति में ही जय के पास जाता था। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल के लिए तय की है।
इससे पहले सितंबर 2025 में भी दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से कहा था, “आप दोनों आपस में बैठकर क्यों नहीं सुलझा लेते?” जस्टिस जैन ने पूछा था कि इस छोटे से विवाद को कोर्ट में क्यों घसीटा जा रहा है। लेकिन दोनों पक्षों की जिद के कारण मामला लंबित है।
हेनरी कौन है? एक बेजुबान ‘स्टार’
- हेनरी एक रॉटवीलर नस्ल का मजबूत और वफादार कुत्ता है।
- सोशल मीडिया पर उसके वीडियो और फोटो वायरल हो चुके हैं,
- जहां महुआ उसके साथ खेलती-कूदती नजर आती हैं।
- दोनों पक्ष हेनरी को अपना मानते हैं और उसके कल्याण के लिए लड़ रहे हैं।
- महुआ कहती हैं कि हेनरी उनके साथ खुश रहता है,
- जबकि जय अनंत दावा करते हैं कि वे उसके पोषण और देखभाल के जिम्मेदार हैं।
पालतू जानवरों की कस्टडी के मामले भारत में बढ़ रहे हैं। अदालतें अब जानवरों को सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि भावनात्मक साथी मानती हैं। ऐसे में कोर्ट अक्सर कुत्ते के ‘बेस्ट इंटरेस्ट’ को प्राथमिकता देती है – जैसे उसकी देखभाल, स्वास्थ्य और खुशी।
निष्कर्ष: क्या सुलझेगा यह विवाद?
- यह मामला राजनीति, व्यक्तिगत रिश्तों और कानूनी जटिलताओं का अनोखा मिश्रण है।
- महुआ मोइत्रा जैसी प्रमुख सांसद और जय अनंत जैसे वकील के बीच यह जंग दिखाती है
- कि निजी विवाद कितनी आसानी से सार्वजनिक हो सकते हैं।
- हाईकोर्ट में चल रही यह लड़ाई अप्रैल 2026 में फिर सुनवाई के लिए आएगी।
क्या दोनों पक्ष आपस में समझौता करेंगे? या हेनरी की कस्टडी का फैसला कोर्ट ही करेगा? समय बताएगा। फिलहाल, यह ‘डॉगी ड्रामा’ भारतीय मीडिया और सोशल मीडिया पर छाया हुआ है, जो याद दिलाता है कि प्यार और नफरत के बीच की रेखा कितनी पतली होती है – और कभी-कभी उसमें एक बेजुबान कुत्ता भी फंस जाता है।
