भारत एयर टैक्सी ट्रायल
भारत एयर टैक्सी ट्रायल AI समिट में भारत की एयर टैक्सी का ट्रायल शो हुआ, जहां 8 मिनट में 36 KM की उड़ान ने सबका ध्यान खींचा। नई तकनीक से शहरी परिवहन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

आज का युग तकनीकी क्रांति का है, जहां सड़कों पर जाम से तंग आ चुके लोग अब हवा में उड़कर सफर करने की कल्पना कर रहे हैं। भारत में भी यह सपना सच होने की ओर बढ़ रहा है। हाल ही में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) में भारत की पहली इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी (eVTOL – electric Vertical Take-Off and Landing) का मॉडल और उसकी क्षमताएं प्रदर्शित की गईं, जिसने सबको हैरान कर दिया। कंपनी का दावा है कि यह एयर टैक्सी मात्र 8 मिनट में 36 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगी, बल्कि शहरी परिवहन को पूरी तरह बदल देगी। यह घटना भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुई, जहां हजारों लोग इस उड़न खटोले को देखने के लिए उमड़ पड़े।
एयर टैक्सी क्या है और कैसे काम करती है?
- एयर टैक्सी एक छोटा, हल्का और पूरी तरह बिजली से चलने वाला हवाई वाहन है,
- जिसे eVTOL कहा जाता है।
- यह पारंपरिक हेलीकॉप्टर या विमान से अलग है क्योंकि इसमें रनवे की जरूरत नहीं पड़ती।
- यह सीधे ऊपर उठ सकती है (Vertical Take-Off) और सीधे नीचे उतर सकती है
- (Vertical Landing)। इसमें कई प्रोपेलर या रोटर लगे होते हैं,
- जो इसे स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
भारत में प्रदर्शित इस एयर टैक्सी का मॉडल The ePlane Company (चेन्नई स्थित स्टार्टअप) द्वारा विकसित किया गया है, जिसका नाम e200x है। यह तीन सीटों वाला है – एक पायलट और दो यात्री। कंपनी ने NVIDIA के साथ साझेदारी में इसका डिजिटल ट्विन भी बनाया है, जो वर्चुअल सिमुलेशन से लाखों किलोमीटर की उड़ान टेस्ट करने में मदद करता है। यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक है, इसलिए कोई ईंधन नहीं जलता और प्रदूषण शून्य है। शोर भी बहुत कम होता है, जो शहरों के लिए आदर्श है।
भारत एयर टैक्सी ट्रायल: AI समिट में प्रदर्शन और मुख्य विशेषताएं
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हॉल नंबर चार में यह मॉडल रखा गया था, जहां लोग इसे करीब से देखकर उत्साहित हो रहे थे। कंपनी की प्रतिनिधि अनुष्का यादव ने बताया कि यह वाहन शहरों के भीतर छोटी-मध्यम दूरी के लिए डिजाइन किया गया है। मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- उड़ान और लैंडिंग के लिए जगह: केवल 8 × 10 मीटर का छोटा क्षेत्र काफी है।
- छतों, पार्किंग या छोटे ग्राउंड पर वर्टीपोर्ट बनाए जा सकते हैं।
- एक चार्ज पर रेंज: लगभग 110 किलोमीटर तक उड़ान।
- अधिकतम गति: 160 किलोमीटर प्रति घंटा।
- सफर का समय: उदाहरण के तौर पर, 36 किमी का सफर सिर्फ 8 मिनट में। य
- ह सामान्य सड़क मार्ग से कई घंटों का सफर मिनटों में पूरा कर देगा।
- क्षमता: 1 पायलट + 2 यात्री, या 200 किलो तक का सामान।
- अन्य उपयोग: आपातकालीन सेवाएं (जैसे एंबुलेंस), माल ढुलाई और पर्यटन के लिए भी उपयुक्त।
यह प्रदर्शन सिर्फ मॉडल का था, लेकिन कंपनी का कहना है कि वास्तविक ट्रायल और सर्टिफिकेशन के बाद जल्द ही असली उड़ानें शुरू हो सकती हैं।
भारत में एयर टैक्सी के फायदे और प्रभाव
भारत जैसे देश में जहां बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है, एयर टैक्सी क्रांतिकारी साबित हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में गुरुग्राम से कनॉट प्लेस का सफर जो 1-1.5 घंटे लेता है, वह 7-10 मिनट में हो सकता है। बेंगलुरु में एयरपोर्ट से सिटी सेंटर 2 घंटे का सफर 8 मिनट में पूरा होगा। मुंबई, हैदराबाद और अन्य महानगरों में भी ऐसी सेवाएं शुरू होने की योजना है।
फायदे:
- समय की बचत और उत्पादकता बढ़ना।
- सड़क जाम और प्रदूषण में कमी।
- आपात सेवाओं के लिए तेज पहुंच (अस्पताल, फायर ब्रिगेड)।
- पर्यावरण अनुकूल – जीरो एमिशन।
- नौकरियां – वर्टीपोर्ट, मेंटेनेंस, पायलट ट्रेनिंग आदि में।
हालांकि, चुनौतियां भी हैं जैसे सुरक्षा मानक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, बैटरी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और शुरुआती किराया (लगभग 1700-3000 रुपये प्रति छोटा सफर)। लेकिन सरकार और कंपनियां मिलकर इसे सुलझा रही हैं।
भविष्य की योजनाएं और निष्कर्ष
- कई कंपनियां जैसे Archer Aviation (InterGlobe के साथ),
- Sarla Aviation और ePlane भारत में 2027-2028 तक
- कमर्शियल सर्विस शुरू करने की तैयारी में हैं।
- पहले ट्रायल बड़े शहरों में होंगे, फिर आम लोगों तक पहुंचेंगी।
- यह ‘उड़न टैक्सी’ ओला-उबर की तरह ऐप से बुक होगी।
इंडिया एआई समिट में यह प्रदर्शन भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। जहां दुनिया AI और उन्नत परिवहन पर काम कर रही है, भारत भी पीछे नहीं है। जल्द ही हम सड़क छोड़ हवा में सफर करेंगे – एक ऐसा भविष्य जहां समय की कीमत कम और सपनों की उड़ान ज्यादा होगी।
