मौसम अलर्ट
मौसम अलर्ट कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने से कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी। मौसम विभाग ने आज और कल मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह।

देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो गया है। यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और अगले 48 घंटों में और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने का खतरा बढ़ गया है। आज (21 फरवरी 2026) और कल (22 फरवरी) को विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यह बदलाव गर्मी से राहत दे सकता है, लेकिन साथ ही बाढ़, जलभराव और अन्य समस्याओं का भी कारण बन सकता है।
मौसम अलर्ट: कम दबाव क्षेत्र क्या है और कैसे काम करता है?
- कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) तब बनता है
- जब किसी जगह पर हवा का दबाव आसपास के इलाकों से कम हो जाता है।
- इससे हवा तेजी से उस क्षेत्र की ओर खिंचती है,
- जिससे बादल बनते हैं और बारिश होती है।
- मौजूदा सिस्टम बंगाल की खाड़ी में बना है,
- जो श्रीलंका की ओर बढ़ रहा है और फिर
- पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है।
- IMD के अनुसार, यह सिस्टम ऊपरी वायु में चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) से जुड़ा हुआ है,
- जो समुद्र तल से 5.8 किमी तक फैला है।
- इस तरह के सिस्टम अक्सर भारी बारिश, गरज-चमक,
- तेज हवाओं (30-40 किमी/घंटा) और कभी-कभी ओलावृष्टि का कारण बनते हैं।
- फरवरी में ऐसा सिस्टम असामान्य नहीं है,
- लेकिन इसकी तीव्रता के कारण यह चिंता का विषय बन गया है।
प्रभावित राज्य और जिले: कहाँ-कहाँ बारिश होगी?
IMD की प्रेस रिलीज और बुलेटिन के अनुसार, मुख्य रूप से दक्षिण भारत प्रभावित होगा। प्रमुख राज्य और विवरण इस प्रकार हैं:
- तमिलनाडु: दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी (तूतीकोरिन), तेनकासी, विरुधुनगर और थेनी जैसे 6 जिलों में आज भारी बारिश का येलो अलर्ट। 21 से 24 फरवरी तक गरज-चमक के साथ बारिश जारी रह सकती है।
- केरल और माहे: दक्षिण केरल में 21 और 22 फरवरी को भारी बारिश।
- तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पठानमथिट्टा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में येलो अलर्ट।
- हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक।
- पुडुचेरी और कराईकल: 21 से 24 फरवरी तक बारिश और गरज की संभावना।
- अन्य क्षेत्र: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भी हल्की से मध्यम बारिश जारी।
- कुछ रिपोर्ट्स में कर्नाटक के दक्षिणी और तटीय इलाकों, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में 23-24 फरवरी से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम हो रहा है, लेकिन हिमालयी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी या बारिश संभव है।
IMD की चेतावनी और सलाह
- भारी बारिश (64.5-115.5 mm/दिन) या इससे अधिक होने पर येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी।
- तेज हवाएं, बिजली गिरने और जलभराव का खतरा।
- IMD ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट्स चेक करें, अनावश्यक यात्रा टालें, और निचले इलाकों में सतर्क रहें।
- किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने चाहिए,
- जबकि शहरवासियों को जल निकासी व्यवस्था जांचनी चाहिए।
निष्कर्ष: सतर्कता जरूरी, लेकिन राहत भी
यह कम दबाव सिस्टम गर्मी से राहत दे रहा है, खासकर दक्षिण भारत में जहां तापमान 34-36 डिग्री तक पहुंच रहा था। बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और मौसम सुहावना बनेगा। लेकिन मूसलाधार बारिश से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए तैयारी जरूरी है। IMD की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर नियमित अपडेट देखें। मौसम की मार्केटिंग नहीं, बल्कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
