यूपी फ्री स्कूटी
यूपी फ्री स्कूटी उत्तर प्रदेश बजट 2026 में बड़ा ऐलान! मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी योजना के लिए 500 करोड़ का प्रावधान। महिलाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए कई आकर्षक योजनाएं घोषित, विकास पर फोकस।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने हाल ही में विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट का आकार 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो पिछले बजट से लगभग 12-13% अधिक है। इस बजट में महिलाओं, युवाओं, छात्राओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस किया गया है। खासकर महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए कई आकर्षक घोषणाएं की गई हैं, जिनमें मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी की योजना सबसे ज्यादा चर्चा में है। आइए विस्तार से जानते हैं इस बजट की प्रमुख महिलाओं से जुड़ी घोषणाओं के बारे में।
यूपी फ्री स्कूटी: रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना
बजट की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय घोषणा है रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा (कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर) प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी प्रदान की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में पढ़ने वाली बेटियों के स्कूल/कॉलेज ड्रॉपआउट को रोकना है, जहां दूरी और परिवहन की समस्या बड़ी चुनौती होती है।
पिछले बजट में इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन अब इसे और मजबूत करते हुए विशेष बजट आवंटन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, इस योजना पर कुल 400-500 करोड़ रुपये के आसपास का फंड रखा गया है, ताकि योग्य छात्राओं को स्कूटी वितरण सुचारू रूप से हो सके। योगी सरकार का यह वादा 2022 के चुनावी संकल्प पत्र का हिस्सा था, और अब इसे अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इससे लाखों बेटियां सुरक्षित और आसानी से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। स्कूटी मिलने से उनकी मोबिलिटी बढ़ेगी, समय की बचत होगी और आत्मविश्वास में इजाफा होगा। यह योजना न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि बेटियों को आर्थिक रूप से भी स्वतंत्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
महिलाओं के लिए अन्य प्रमुख ऐलान: सशक्तिकरण का नया अध्याय
- महिलाओं के सशक्तिकरण पर बजट में अलग से जोर दिया गया है।
- सरकार ने मिशन शक्ति को और मजबूत किया है,
- जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन शामिल है।
- कुछ प्रमुख घोषणाएं इस प्रकार हैं:
विशेष स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट सेंटर:
- महिलाओं के लिए अलग से कौशल संवर्धन केंद्र खोले जाएंगे।
- ये केंद्र बाजार की मांग के अनुसार तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देंगे।
- साथ ही, डेडिकेटेड जॉब प्लेसमेंट सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे,
- जो महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार दिलाने में मदद करेंगे।
- इससे महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगी।
वर्किंग वूमेन हॉस्टल:
यूपी फ्री स्कूटी कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए नगर निगमों और प्रमुख शहरों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल बनाए जाएंगे। ये हॉस्टल सेफ सिटी अवधारणा का हिस्सा होंगे, जहां महिलाएं सुरक्षित रहकर नौकरी कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री सुमंगला योजना और विवाह सहायता:
- बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के तहत अब तक लाखों लाभार्थी हैं।
- साथ ही, गरीब बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि बढ़ाई जा सकती है –
- कुछ रिपोर्ट्स में इसे 1 लाख रुपये तक करने की बात कही गई है।
- अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग की गरीब बेटियों के विवाह के लिए अलग-अलग फंड आवंटित किए गए हैं।
लखपति दीदी और अन्य योजनाएं:
लखपति महिला योजना के तहत लाखों महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। बीसी सखी योजना और उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय लेन-देन और कमाई के अवसर मिले हैं। बजट में इन योजनाओं को और मजबूती दी गई है।
सुरक्षा और स्वास्थ्य:
मिशन शक्ति 5.0, ऑपरेशन गरुड़ और ऑपरेशन शील्ड जैसी योजनाओं के जरिए महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान हैं, जैसे एंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाना।
महिलाओं के सशक्तिकरण का बड़ा संदेश
- यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है,
- बल्कि महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का मजबूत संकल्प है।
- योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है – शिक्षा, सुरक्षा,
- कौशल और रोजगार के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना।
- मेधावी छात्राओं को फ्री स्कूटी जैसी योजना न केवल प्रतीकात्मक है,
- बल्कि व्यावहारिक रूप से बेटियों की जिंदगी बदल सकती है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जहां परिवहन की कमी से पढ़ाई छूट जाती है,
- वहां स्कूटी एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।
इसके अलावा, स्किल सेंटर, हॉस्टल और जॉब प्लेसमेंट जैसी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगी। सरकार का दावा है कि उसके कार्यकाल में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हुई है और गरीबी रेखा से करोड़ों लोग बाहर आए हैं। महिलाओं के लिए ये घोषणाएं इसी दिशा में एक और कदम हैं।
निष्कर्ष में कहें तो यूपी का यह बजट महिलाओं और बेटियों के लिए वाकई “धमाकेदार” है। अगर ये योजनाएं सही तरीके से लागू हुईं, तो प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिखी जा सकती है। उम्मीद है कि जल्द ही मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलनी शुरू हो जाएगी और अन्य योजनाएं भी धरातल पर उतरेंगी।
