सरिता विहार मॉल आग
सरिता विहार मॉल आग दिल्ली के सरिता विहार पैसिफिक मॉल के निर्माणाधीन थिएटर में लगी भीषण आग, अफरा-तफरी मची। 6-8 दमकल गाड़ियां पहुंचीं, आग पर काबू। कोई हताहत नहीं, जांच जारी।

दिल्ली की राजधानी में आग लगने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन 7 फरवरी 2026 को सरिता विहार स्थित पैसिफिक मॉल में लगी भीषण आग ने एक बार फिर लोगों में दहशत फैला दी। यह मॉल दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शॉपिंग और मनोरंजन केंद्रों में से एक है, जहां हर रोज हजारों लोग खरीदारी, फिल्में देखने और खाने-पीने के लिए आते हैं। शनिवार दोपहर करीब 12:20 बजे अचानक आग लगने की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग चीखते-चिल्लाते बाहर भागे, जबकि दुकानदार और स्टाफ घबराहट में सामान छोड़कर भागने लगे। यह घटना निर्माणाधीन थिएटर से जुड़ी होने के कारण और भी चिंताजनक थी, क्योंकि मॉल में मौजूद लोग नहीं जानते थे कि आग कितनी तेजी से फैल सकती है।
घटना का विवरण: आग कहां और कैसे लगी?
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग मॉल की चौथी मंजिल पर स्थित निर्माणाधीन थिएटर (सिनेमा हॉल) में लगी। अधिकारी यशवंत मीना ने बताया कि दोपहर 12:20 बजे कॉल मिली कि पैसिफिक मॉल जसोला में धुआं निकल रहा है। जांच में पता चला कि थिएटर के अंदर थर्मोकोल (थर्माकोल) पर वेल्डिंग या आयरन-बेंडिंग का काम चल रहा था, जिससे आग भड़क उठी। थर्मोकोल अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ है, इसलिए आग तेजी से फैली। उस समय थिएटर निर्माणाधीन या मरम्मत के दौर में था, इसलिए वहां कोई मजदूर या कर्मचारी मौजूद नहीं था। गनीमत रही कि आग मॉल के मुख्य हिस्से तक नहीं पहुंची।
अफरा-तफरी और दहशत का माहौल
- आग की सूचना फैलते ही मॉल में मौजूद लोग घबरा गए।
- शॉपिंग कर रहे ग्राहक, परिवार, बच्चे और कर्मचारी सब बाहर की ओर भागे।
- कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किए,
- जिसमें धुआं भरता हुआ मॉल और लोग भागते हुए दिख रहे थे।
- बाहर सड़क पर भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग चीख रहे थे,
- “आग लग गई है, जल्दी बाहर निकलो!” मॉल के अंदर फायर अलार्म बजने लगा,
- लेकिन शुरुआती पल में स्थिति काफी भयावह लग रही थी।
- दिल्ली पुलिस की टीमें भी तुरंत पहुंचीं और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
- अफरा-तफरी के कारण कुछ दुकानों का सामान बिखर गया, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
सरिता विहार मॉल आग: फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
दिल्ली फायर सर्विस ने बेहद तेज प्रतिक्रिया दिखाई। सूचना मिलते ही 6 से 8 फायर टेंडर (दमकल की गाड़ियां) मौके पर पहुंच गईं। फायरकर्मी तुरंत आग बुझाने में जुट गए। पानी की तेज धार से आग पर काबू पाया गया। अधिकारी ने बताया कि आग पूरी तरह नियंत्रण में आ गई और कोई हताहत नहीं हुआ। कोई व्यक्ति घायल भी नहीं हुआ, क्योंकि आग निर्माणाधीन हिस्से में थी और वहां कोई नहीं था। फायर ब्रिगेड की टीम ने मॉल के अन्य हिस्सों की भी जांच की ताकि आग कहीं और न फैले। शाम तक स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन जांच जारी रही।
कारण और सुरक्षा पर सवाल
प्रारंभिक जांच में आग का कारण वेल्डिंग कार्य के दौरान थर्मोकोल में चिंगारी बताया गया। निर्माण स्थलों पर ऐसी घटनाएं आम हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी चिंता का विषय है। पैसिफिक मॉल जैसे बड़े कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी इक्विपमेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट होने चाहिए। सवाल उठ रहा है कि निर्माण कार्य के दौरान इतने ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल बिना पर्याप्त सुरक्षा के क्यों किया गया? दिल्ली में पहले भी कई मॉल और बाजारों में आग लग चुकी है, जैसे उपहार सिनेमा कांड की यादें अभी भी ताजा हैं। ऐसे में मॉल मैनेजमेंट को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की जरूरत है।
राहत: कोई हताहत नहीं
- सबसे बड़ी राहत यह रही कि इस भीषण, आग में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
- न कोई घायल हुआ, न किसी की मौत।
- यह दिल्ली फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई और निर्माणाधीन
- हिस्से में आग लगने का नतीजा था।
- अगर आग मुख्य मॉल क्षेत्र में लगती,
- तो स्थिति बहुत गंभीर हो सकती थी।
निष्कर्ष
सरिता विहार पैसिफिक मॉल की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सार्वजनिक स्थानों पर आग से सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। मॉल मालिकों, निर्माण कंपनियों और प्रशासन को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे। नियमित फायर ड्रिल, बेहतर उपकरण और जागरूकता ही ऐसी घटनाओं को रोकेगी। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है और मॉल सामान्य रूप से चल रहा है, लेकिन यह चेतावनी है कि लापरवाही महंगी पड़ सकती है। दिल्लीवासियों को भी ऐसी जगहों पर सतर्क रहना चाहिए। सुरक्षित रहें, सावधान रहें!
