पप्पू NEET केस
पप्पू NEET केस राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को NEET छात्रा मौत मामले में राजनीतिक साजिश बताया। कांग्रेस ने बिहार सरकार पर आरोपियों को बचाने का लगाया इल्ज़ाम। न्याय की मांग तेज।

बिहार की राजधानी पटना में एक NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मौत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें कथित बलात्कार, हत्या और सिस्टम की नाकामी के गंभीर आरोप लगे हैं। छात्रा पटना के एक हॉस्टल में रहकर मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। घटना के बाद परिवार ने न्याय की मांग की, लेकिन जांच में देरी और संदिग्ध रवैये ने विवाद को और बढ़ा दिया।
इसी बीच, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने इस केस में आवाज उठाई।
उन्होंने संसद के बाहर प्रदर्शन किया, सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अपराध से जुड़ा है। लेकिन 7 फरवरी 2026 को पप्पू यादव की 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तारी ने राजनीति को नया मोड़ दे दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुलकर उनका समर्थन किया और इसे ‘राजनीतिक साजिश’ तथा ‘प्रतिशोध’ करार दिया।
पप्पू NEET केस: NEET छात्रा मौत केस क्या हुआ था?
पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक हॉस्टल में NEET आकांक्षी छात्रा को अस्वस्थ पाया गया था। वह कई दिनों तक कोमा में रही और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा के संकेत मिले, जिसके बाद परिवार ने बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया। शुरू में पुलिस ने इसे सुसाइड बताया, लेकिन परिवार ने कवर-अप का दावा किया। पिता ने न्याय के लिए आत्मदाह की धमकी तक दी। मामले में SIT गठित हुई, लेकिन जांच की गति और पारदर्शिता पर सवाल उठे। पप्पू यादव ने इसे ‘सेक्स रैकेट’ और ‘राजनीतिक संरक्षण’ से जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि एक मंत्री के बेटे का नाम भी इसमें जुड़ा है। इस मुद्दे पर उन्होंने संसद में और बाहर जोरदार विरोध किया, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी
- 7 फरवरी 2026 की देर रात पटना पुलिस ने पप्पू यादव को 1995 के
- एक पुराने जमीन विवाद और फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया।
- इसमें धारा 419, 420, 468 आदि शामिल हैं।
- गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें PMCH में भर्ती कराया गया।
- पप्पू यादव ने इसे साजिश बताया और कहा
- कि NEET केस में आवाज उठाने की सजा मिल रही है।
- यह गिरफ्तारी ऐसे समय हुई जब वे छात्रा के परिवार के साथ खड़े थे
- और सरकार पर लगातार हमला बोल रहे थे।
राहुल गांधी का तीखा हमला
राहुल गांधी ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि पटना में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत ने सिस्टम की गहरी सड़ांध उजागर की है। उन्होंने लिखा, “इस बेटी के लिए न्याय की आवाज बनकर सांसद पप्पू यादव मजबूती से खड़े हुए। उनकी गिरफ्तारी साफ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही मांगने वाली हर आवाज को डराया और दबाया जा सके।” राहुल ने इसे ‘भयावह साजिश’ और ‘खतरनाक पैटर्न’ बताया, जहां बेटियां शिकार बन रही हैं और सत्ता आंखें मूंद रही है। उन्होंने BJP-NDA पर आरोप लगाया कि वे मामले को भटकाने, परिवार को प्रताड़ित करने और अपराधियों को बचाने में लगे हैं।
प्रियंका गांधी का समर्थन
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी X पर पोस्ट कर पप्पू यादव से फोन पर बात की और उनका साथ दिया। उन्होंने लिखा, “पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है।
- ” प्रियंका ने सवाल उठाया, “यह सब किसे बचाने के लिए किया जा रहा है?”
- उन्होंने हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी जैसे मामलों का जिक्र कर कहा कि,
- BJP शासित राज्यों में पीड़ितों को न्याय नहीं, बल्कि आरोपियों को संरक्षण मिलता है।
- पप्पू यादव की गिरफ्तारी को उन्होंने सरकार के असंवेदनशील और दमनकारी रवैये का उदाहरण बताया।
- प्रियंका ने कहा कि आवाज उठाने वालों को सजा दी जा रही है, जबकि अन्याय जारी है।
राजनीतिक साजिश का आरोप
- राहुल और प्रियंका के समर्थन से कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया।
- विपक्ष का दावा है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी NEET केस को दबाने की कोशिश है।
- यह मामला बिहार में NDA सरकार के लिए चुनौती बन गया है,
- जहां कानून-व्यवस्था पर पहले से सवाल उठते रहे हैं।
- पप्पू यादव जैसे मुखर नेता की गिरफ्तारी ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप मजबूत किया है।
निष्कर्ष
यह घटना सिर्फ एक छात्रा की मौत नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा, जांच की निष्पक्षता और राजनीतिक स्वतंत्रता का सवाल है। राहुल-प्रियंका का पप्पू यादव को खुला साथ दिखाता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है। सरकार को अब पारदर्शी जांच और न्याय सुनिश्चित करना होगा, वरना ‘राजनीतिक साजिश’ के आरोप और गंभीर होते जाएंगे। देश की बेटियां सुरक्षित हों, यही सबसे बड़ी जरूरत है।
