राजनीतिक मुद्दों पर बयान देते हुए संजय राउत।
संजय राउत : शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने INDIA अलायंस पर बड़ा हमला बोला। कहा- लोकसभा चुनाव से पहले ही सक्रिय होता है, पहले कोई संवाद नहीं। कांग्रेस को जिम्मेदारी निभानी चाहिए, विपक्ष को हमेशा एकजुट रहना होगा। किसान, मणिपुर जैसे मुद्दों पर दबाव बनाएं। पूरी खबर और विश्लेषण पढ़ें।
मुंबई से एक बार फिर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने INDIA गठबंधन पर जमकर निशाना साधा है। 18 फरवरी 2026 को दिए बयान में उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ लोकसभा चुनाव के समय ही सक्रिय होता है, उससे पहले आपस में कोई बातचीत तक नहीं होती। राउत ने विपक्षी दलों को चेतावनी दी कि अगर वे हर वक्त एकजुट नहीं रहे तो देश की कई समस्याओं का हल नहीं निकलेगा।

संजय राउत का मुख्य बयान – क्या कहा INDIA अलायंस पर?
संजय राउत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “लोकसभा चुनाव जब आने वाले हैं, तभी INDIA गठबंधन का काम शुरू होता है। उससे पहले आपस में कोई संवाद तक नहीं होता। चुनाव से पहले कोई यह तक नहीं जानता कि आखिर INDIA अलायंस में चल क्या रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ संसद में हंगामा करने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि वहां विपक्षी नेताओं को बोलने भी नहीं दिया जाता। “राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दे रहे, ऐसे में बाहर क्या किया जा सकता है?” राउत ने जोर दिया कि गठबंधन को हर समय सक्रिय रहना चाहिए, चाहे चुनाव हों या न हों।
राउत ने राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की:
- किसान आंदोलन और अमेरिका के साथ डील से किसानों की स्थिति खराब हो सकती है, आत्महत्या और भुखमरी बढ़ सकती है।
- मणिपुर के हालात, कानून व्यवस्था पर दबाव बनाना जरूरी।
- सभी दलों को मिलकर समन्वित प्रयास करने चाहिए, न कि सिर्फ चुनाव के समय जागना।
उन्होंने कहा, “हम सभी चाहते हैं कि INDIA अलायंस हमेशा सक्रिय रहे, न कि सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले।”
INDIA गठबंधन की निष्क्रियता – चुनाव के बाद क्यों चुप्पी?
लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटों पर रोकने के बाद INDIA गठबंधन में उत्साह था, लेकिन अब कई राज्यों में हार (हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र निकाय चुनाव) से दरारें साफ दिख रही हैं। राउत ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद मीटिंग तक नहीं हुईं। कांग्रेस को सबसे बड़े दल के रूप में जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सहयोगियों को कमजोर नहीं करना चाहिए।
राउत ने नेतृत्व पर भी बात की – ममता बनर्जी या एमके स्टालिन जैसे नेताओं के नाम आते हैं, लेकिन पहले मीटिंग बुलानी चाहिए। गठबंधन में तालमेल की कमी से विपक्ष कमजोर हो रहा है।
विपक्ष की चुनौतियां और आगे का रास्ता
- राउत का बयान ऐसे समय में आया है जब इस साल कई राज्यों (पश्चिम बंगाल, असम आदि)
- में विधानसभा चुनाव होने हैं। अगर INDIA ब्लॉक सिर्फ चुनाव
- से पहले सक्रिय होता रहा तो भविष्य में टूट सकता है।
- राउत ने कहा, “अगर गठबंधन टूट गया तो फिर वापस नहीं बनेगा।”
विपक्ष को सलाह:
- संसद के बाहर भी आंदोलन और दबाव बनाएं।
- राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट रहें।
- आपसी संवाद बढ़ाएं, न कि महीनों चुप रहें।
यह बयान विपक्षी एकता पर सवाल उठाता है और कांग्रेस को बड़े भाई की भूमिका निभाने की याद दिलाता है।
क्या सिखाता है यह विवाद?
INDIA गठबंधन 2023-24 में मोदी सरकार को चुनौती देने के लिए बना था, लेकिन अब आंतरिक मतभेद सतह पर आ रहे हैं। संजय राउत जैसे नेता खुलकर बोल रहे हैं कि बिना निरंतर सक्रियता के विपक्ष मजबूत नहीं हो सकता। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर जल्द मीटिंग नहीं हुई तो आने वाले चुनावों में और नुकसान हो सकता है।
