अयोध्या कोर्ट बम धमकी
अयोध्या कोर्ट बम धमकी अयोध्या जिला कोर्ट में बम धमकी ईमेल मिला, परिसर खाली कर सर्च ऑपरेशन चालू। पुलिस हाई अलर्ट पर, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। क्या ये साजिश या अफवाह? पूरी कहानी।

मनगरी अयोध्या में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर आ गई। अयोध्या जिला न्यायालय (कोर्ट) परिसर में बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह धमकी ईमेल के जरिए आई, जिसके बाद तुरंत कोर्ट परिसर को खाली करा दिया गया और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया। यह घटना अकेले अयोध्या तक सीमित नहीं रही, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों की अदालतों को इसी तरह की धमकियां मिलीं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह धमकी कितनी गंभीर है और इसके पीछे का पूरा खेल क्या है?
अयोध्या कोर्ट बम धमकी कैसे मिली और क्या था इसमें लिखा?
धमकी एक ईमेल के रूप में जिला जज के सरकारी ईमेल पर प्राप्त हुई। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अयोध्या कोर्ट परिसर में बम लगा दिए गए हैं और दोपहर करीब 1:30 बजे इसे उड़ाया जाएगा। धमकी में जजों, वकीलों और वहां मौजूद अन्य लोगों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। इसी तरह की धमकियां लखनऊ, वाराणसी, मिर्जापुर, मेरठ सहित कम से कम 19 जिलों की अदालतों को मिलीं। कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु के एक व्यक्ति सुनिया डासन की ओर से भेजा गया था, जिसमें केवल बम की बात नहीं, बल्कि तमिलनाडु सरकार और मीडिया के कथित गठजोड़ पर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। यह धमकी अचानक आई और बिना किसी पूर्व संकेत के हाईकोर्ट से लेकर जिला स्तर तक की अदालतों को टारगेट किया गया।
तुरंत कार्रवाई: परिसर खाली, सुरक्षा बल तैनात
- धमकी मिलते ही अयोध्या पुलिस और प्रशासन ने कोई रिस्क नहीं लिया।
- पूरे कोर्ट परिसर को तुरंत खाली करा दिया गया।
- जज, वकील, कर्मचारी और आम जनता को बाहर निकाला गया।
- बम निरोधक दस्ता (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड), डॉग स्क्वाड और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं।
- पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली जा रही है।
- वाराणसी और अन्य जिलों में भी यही स्थिति बनी रही,
- जहां ATS और STF की टीमें जांच में जुटी हुई हैं।
- अयोध्या में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कोई अनहोनी न हो।
- अभी तक किसी भी जगह से कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन सर्च ऑपरेशन जारी है।
यह धमकी कितनी सच्ची है? क्या यह होक्स है?
ऐसी बम धमकियां अक्सर होक्स कॉल या ईमेल के रूप में आती हैं, जिनका मकसद अफरा-तफरी फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था को परखना होता है। पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या के राम मंदिर पर भी कई बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में वे झूठी साबित हुईं। इस बार भी विशेषज्ञों का मानना है कि यह धमकी भी संभवतः फर्जी हो सकती है, क्योंकि कोई संगठित आतंकी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। फिर भी, अयोध्या जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई भी धमकी हल्के में नहीं ली जा सकती। यह धमकी ईमेल से आई है, जिसकी ट्रेसिंग की जा रही है। साइबर सेल और अन्य एजेंसियां आईपी एड्रेस, सेंडर की लोकेशन और अन्य डिटेल्स की जांच कर रही हैं। अगर यह कोई व्यक्ति या ग्रुप की ओर से किया गया है, तो जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।
अयोध्या की संवेदनशीलता और सुरक्षा का पहलू
- अयोध्या राम जन्मभूमि के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील शहर है।
- यहां राम मंदिर के साथ-साथ कोर्ट परिसर भी महत्वपूर्ण है,
- क्योंकि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े कई केस यहां से जुड़े रहे हैं।
- ऐसी धमकियां न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देती हैं,
- बल्कि लोगों में दहशत फैलाती हैं।
- उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही
- अयोध्या में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था बनाए हुए हैं।
- इस घटना के बाद सुरक्षा और सख्त की जा सकती है।
निष्कर्ष: सतर्कता जरूरी, लेकिन घबराहट नहीं
यह धमकी चाहे फर्जी हो या असली, यह बताती है कि देश में साइबर माध्यम से अपराध बढ़ रहे हैं। आम जनता को ऐसी खबरों पर घबराने की बजाय सतर्क रहना चाहिए। पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करके स्थिति को नियंत्रित किया है। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल, अयोध्या कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन जारी है और लोग सुरक्षित हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सब सामान्य हो जाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी।
