तिरुप्परंकुंद्रम विवाद : 17 दिसंबर 2025 को विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने बड़ी घोषणा की है। पार्टी 22 दिसंबर को मदुरै में एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करेगी, जिसमें ‘साम्प्रदायिक और सनातन ताकतों’ की निंदा की जाएगी। VCK अध्यक्ष और चिदंबरम सांसद थोल थिरुमावलवन ने कहा कि ये ताकतें तिरुप्परंकुंद्रम में धार्मिक सद्भाव और शांति को बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। यह प्रदर्शन तमिलनाडु की राजनीति में चल रहे धार्मिक-राजनीतिक विवादों के बीच आ रहा है।
प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या है?
VCK का आरोप है कि तिरुप्परंकुंद्रम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद में साम्प्रदायिक ताकतें सक्रिय हैं। थिरुमावलवन ने बयान में कहा कि ये ताकतें धार्मिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रही हैं। मदुरै में यह प्रदर्शन इसी मुद्दे पर केंद्रित होगा। तिरुप्परंकुंद्रम एक प्रमुख मुरुगन मंदिर है, जहां हाल में कोर्ट के फैसलों और सरकारी कार्रवाइयों को लेकर तनाव रहा है। VCK का मानना है कि कुछ संगठन शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे रोकना जरूरी है।

थिरुमावलवन के गंभीर आरोप
VCK नेता थोल थिरुमावलवन ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2014 से सत्ता में आने के बाद BJP-नीत केंद्र सरकार विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को बाधित करने के लिए राज्यपालों का दुरुपयोग कर रही थी। लेकिन हालिया सुप्रीम कोर्ट के दो जजों के फैसलों ने इस प्रथा को खत्म कर दिया है। अब सरकार न्यायपालिका को हथियार बनाने की कोशिश कर रही है।
थिरुमावलवन ने दावा किया:
- जजों की नियुक्तियों में हस्तक्षेप हो रहा है।
- RSS और BJP से जुड़े लोगों को जज बनाकर ऊंचे पदों पर बैठाया जा रहा है।
- यह संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है।
ये आरोप तमिलनाडु में DMK गठबंधन (जिसमें VCK शामिल है) और केंद्र सरकार के बीच चल रहे टकराव को और गहरा करते हैं।
प्रदर्शन की डिटेल्स
- तारीख: 22 दिसंबर 2025
- स्थान: मदुरै
- आयोजक: विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK)
- उद्देश्य: तिरुप्परंकुंद्रम में शांति भंग करने वाली साम्प्रदायिक ताकतों की निंदा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा।
VCK कार्यकर्ता बड़े संख्या में इसमें शामिल होंगे। पार्टी ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है, लेकिन मदुरै में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।
राजनीतिक संदर्भ
तमिलनाडु में हाल के दिनों में धार्मिक मुद्दों पर विवाद बढ़े हैं। तिरुप्परंकुंद्रम मामले में मद्रास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले आए, जिनमें राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठे। DMK सरकार ने इसे ‘सांप्रदायिक सद्भाव’ की रक्षा बताया, जबकि विपक्षी दल इसे ‘हिंदू अधिकारों’ पर हमला मान रहे हैं। VCK जैसे दल DMK के साथ मिलकर केंद्र की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।
यह प्रदर्शन INDIA गठबंधन की तमिलनाडु इकाई की एकजुटता भी दिखाएगा। VCK दलित अधिकारों और सेक्युलरिज्म के लिए जाना जाता है, और थिरुमावलवन की आवाज राज्य में प्रभावशाली है।
आगे क्या?
- 22 दिसंबर का प्रदर्शन मदुरै की राजनीति को गरमा सकता है।
- अगर बड़े स्तर पर कार्यकर्ता जुटे, तो यह केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा मैसेज होगा।
- तमिलनाडु में धार्मिक सद्भाव बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
- VCK का यह प्रदर्शन संवैधानिक मूल्यों और धार्मिक सद्भाव की रक्षा का प्रतीक बनेगा।
- थिरुमावलवन के आरोपों से राजनीतिक बहस तेज होगी।
- अगर आप तमिलनाडु राजनीति फॉलो करते हैं, तो 22 दिसंबर पर नजर रखें!
