Sensex recovery
Sensex recovery ने दिन के निचले स्तर से 400 अंकों की शानदार रिकवरी की, निफ्टी 25,850 के ऊपर बंद। जानिए बाजार रिबाउंड के 6 प्रमुख कारण और स्टॉक मार्केट की लेटेस्ट अपडेट

बाजार का पूरा ओवरव्यू
ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत कमजोर रही। ग्लोबल मार्केट्स से मिक्स्ड सिग्नल्स, FII की बिकवाली और रुपये की कमजोरी
ने शुरुआती घंटों में प्रेशर बनाया। सेंसेक्स दिन का लो 84,150 के
करीब टच किया, लेकिन वहां से शानदार रिकवरी हुई।
क्लोजिंग पर सेंसेक्स 426 अंकों की बढ़त के साथ 84,818 पर बंद हुआ।
निफ्टी ने भी 140 अंकों का गेन दिखाया
और 25,898 पर फिनिश किया। कई सेक्टर्स जैसे IT, बैंकिंग, मेटल और ऑटो में मजबूत बाइंग आई,
जिसने बाजार को सपोर्ट दिया।
रिबाउंड के 6 प्रमुख कारण
Moneycontrol और अन्य रिलायबल सोर्सेज से मिली जानकारी के आधार पर, यहां बाजार की इस रिकवरी के पीछे के मुख्य कारण हैं:
- पॉजिटिव ग्लोबल क्यूज: US फेडरल रिजर्व की हालिया रेट कट के बाद ग्लोबल सेंटिमेंट सुधरा। अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ, कमोडिटी प्राइसेज बढ़ीं और एशियन मार्केट्स में भी रिकवरी देखी गई। यह भारतीय बाजार के लिए बड़ा बूस्ट था।
- IT और बैंकिंग सेक्टर में बाइंग: फेड रेट कट का डायरेक्ट फायदा IT सेक्टर को मिला, जहां 0.3% की बढ़त आई। बैंक निफ्टी 0.7% चढ़ा, जिसमें HDFC बैंक, कोटक बैंक जैसे बड़े स्टॉक्स ने लीड किया। फाइनेंशियल सर्विसेज में वैल्यू बाइंग ने बाजार को मजबूती दी।
- मेटल स्टॉक्स का स्ट्रॉंग परफॉर्मेंस: कमजोर डॉलर की वजह से ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज फर्म रहीं। मेटल सेक्टर में 1% तक की तेजी आई। हिंडाल्को, टाटा स्टील जैसे स्टॉक्स टॉप गेनर्स रहे।
- ऑटो और फाइनेंशियल्स में खरीदारी: ऑटो सेक्टर में कंज्यूमर डिमांड के बेहतर संकेतों से बाइंग आई। तीन दिन की गिरावट के बाद फाइनेंशियल स्टॉक्स में रिबाउंड देखा गया।
- बार्गेन हंटिंग और वैल्यू बाइंग: लगातार गिरावट के बाद निवेशकों ने लो लेवल्स पर खरीदारी की। यह शॉर्ट-टर्म करेक्शन के बाद नॉर्मल रिकवरी थी, जैसा कि एक्सपर्ट्स कह रहे हैं।
- एक्सपायरी वोलेटिलिटी का कम होना: वीकली एक्सपायरी के दिन बड़े स्विंग्स नॉर्मल हैं। शुरुआती गिरावट पोजिशन्स अनवाइंडिंग की वजह से थी, लेकिन सेशन आगे बढ़ने पर बाजार स्थिर हुआ। LKP सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट रुपक डे ने कहा कि निफ्टी शुरुआती प्रेशर के बाद फर्म रहा।
Sensex recovery आगे क्या? टेक्निकल आउटलुक और सलाह
यह रिकवरी भारतीय बाजार की रेजिलिएंस दिखाती है।
ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद डोमेस्टिक फैक्टर्स मजबूत हैं।
लेकिन सावधानी बरतें – FII आउटफ्लो जारी है, रुपया प्रेशर में है।
टेक्निकल लेवल्स: निफ्टी का सपोर्ट 25,700 के आसपास,
रेजिस्टेंस 26,000-26,200 पर। अगर 26,000 के ऊपर सस्टेन होता है, तो आगे अपसाइड संभव।
मेरा एडवाइस: लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए डिप्स पर खरीदारी का अच्छा मौका, खासकर IT, बैंकिंग और मेटल में।
