कपसाड़ कांड नया मोड़
कपसाड़ कांड नया मोड़ कपसाड़ कांड में नया ट्विस्ट! पारस नाबालिग निकला, आज कोर्ट में सबूत पेश। रुबी के घर पर भारी सिक्योरिटी तैनात। क्या होगा अगला मोड़? पूरी अपडेट, वीडियो और लाइव रिपोर्टिंग के साथ।

कपसाड़ कांड ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। राजस्थान के कपसाड़ गांव में हुई इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया था, लेकिन अब मामला एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगता। खबर है कि मुख्य आरोपी पारस नाबालिग निकला है! आज कोर्ट में उसके बचपन के सबूत पेश किए जाएंगे, जबकि पीड़िता रुबी के घर पर सख्त सिक्योरिटी तैनात कर दी गई है। क्या यह ट्विस्ट केस को उलट देगा? आइए, इस पूरे कांड की गहराई में उतरते हैं और समझते हैं कि आखिर यह सब कैसे शुरू हुआ और अब क्या हो सकता है।
कपसाड़ कांड की शुरुआत
#कपसाड़ कांड की जड़ें पिछले साल की गर्मियों में हैं। राजस्थान के उदयपुर जिले के कपसाड़ गांव में 19 साल की रुबी का अपहरण और कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया। पारस नामक युवक और उसके साथियों ने रुबी को गांव से भगा लिया था। ग्रामीणों ने हंगामा मचाया, पुलिस पहुंची और केस दर्ज हुआ। शुरुआत में यह एक साधारण लव एलोपमेंट लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ी तो दुष्कर्म, ब्लैकमेल और जबरन वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगे।
- रुबी ने अपनी FIR में बताया कि पारस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती की और फिर धोखे से अपहरण कर लिया।
- गांव वालों का गुस्सा भड़क गया – पारस के परिवार को घर छोड़ना पड़ा।
- पुलिस ने पारस समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- लेकिन अब 6 महीने बाद, केस में यह नया मोड़ आया है।
- पारस के वकील का दावा है कि आरोपी की उम्र 17 साल से कम है,
- यानी वह POCSO एक्ट के तहत नाबालिग है।
- अगर यह साबित हो गया, तो मामला जुवेनाइल कोर्ट में चला जाएगा!
कपसाड़ कांड नया मोड़ : नाबालिग होने का सबूत: आज कोर्ट में ड्रामा
आज (14 जनवरी 2026) कपसाड़ कोर्ट में पारस पक्ष के वकील बचपन के दस्तावेज पेश करेंगे। इनमें स्कूल रिकॉर्ड, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और गांव के बुजुर्गों के बयान शामिल हैं। वकील का कहना है, “पारस का जन्म 2009 में हुआ, यानी वह अभी 16 साल का है। पुलिस ने गलत उम्र का आधार पर गिरफ्तारी की।”
- मेडिकल रिपोर्ट में भी उम्र 16-17 साल बताई गई है।
- अगर कोर्ट मान लेता है, तो पारस को जेल से बाल न्याय बोर्ड भेज दिया जाएगा।
- वहां सजा मिलेगी, लेकिन वयस्कों जितनी सख्त नहीं।
- POCSO एक्ट में नाबालिग आरोपी को सुधार गृह भेजा जा सकता है।
- लेकिन सवाल यह है – क्या पारस सच में नाबालिग है?
- पुलिस का कहना है कि आधार कार्ड में उम्र 20 साल दर्ज है और फोटो से मैच करता है।
- कोर्ट की बोन एज टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है।
रुबी के घर पर सख्त सिक्योरिटी: डर का माहौल
- इधर, रुबी के कपसाड़ स्थित घर पर पुलिस ने भारी सुरक्षा बढ़ा दी है।
- RAF और स्थानीय फोर्स की 50 से ज्यादा तैनाती है।
- वजह? पारस समर्थकों के धमकी भरे मैसेज और सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग #JusticeForParas।
- रुबी का परिवार डर में जी रहा है।
- रुबी की मां ने बताया, “हमारी बेटी को न्याय चाहिए,
- लेकिन पारस के रिश्तेदार गांव में घूम रहे हैं। सिक्योरिटी जरूरी है।”
रुबी अब सुरक्षित जगह पर है, लेकिन उसके बयान पर सवाल उठ रहे हैं। पारस पक्ष का दावा है कि रुबी ने खुद भागने का प्लान बनाया था। वीडियो वायरल होने के बाद ब्लैकमेल का कोण आया। पुलिस ने 3 मोबाइल जब्त किए हैं, जिनमें आपत्तिजनक क्लिप्स मिलीं। CBI जांच की मांग भी हो रही है।
कानूनी और सामाजिक प्रभाव: क्या कहता है कानून?
इस केस ने कई सवाल खड़े कर दिए। POCSO एक्ट 2012 के तहत 18 साल से कम उम्र के आरोपी को वयस्क ट्रायल से बचाया जाता है, लेकिन गंभीर अपराध में भी अपवाद है। सुप्रीम कोर्ट के शिल्पी केस में कहा गया कि सबूत साफ होने पर नाबालिग को भी सजा हो सकती है। कपसाड़ कांड जातिगत रंग ले चुका है – पारस राजपूत, रुबी मीणा समुदाय से। इससे राजस्थान में तनाव बढ़ा है।
- सामाजिक रूप से, यह ग्रामीण भारत की लड़कियों की असुरक्षा दिखाता है।
- सोशल मीडिया पर दोस्ती से अपराध बढ़ रहे हैं।
- सरकार को सख्त साइबर लॉ की जरूरत है।
- विशेषज्ञ कहते हैं, “उम्र साबित होना चाहिए,
- लेकिन न्याय पीड़िता को मिलना चाहिए।”
भविष्य की संभावनाएं और अपडेट
अगर पारस नाबालिग साबित हुआ, तो केस कमजोर पड़ सकता है। रुबी पक्ष अपील करेगा। पुलिस निगरानी बढ़ाएगी। हम लाइव अपडेट देंगे। क्या आपको लगता है न्याय होगा?
कपसाड़ कांड महिलाओं के लिए सबक है – सावधानी बरतें। कमेंट में अपनी राय बताएं!
