धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र
धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मुसलमानों को गाली देकर हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा। जात-पात छोड़कर हिंदू एकता बनाओ, मुस्लिम विरोधी नहीं हैं हम—सख्त नसीहत दी।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) ने एक धार्मिक कार्यक्रम में ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुसलमानों को गालियां देकर हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा।” यह बयान न केवल हिंदू समाज के लिए एक सख्त नसीहत है, बल्कि यह समाज में फैली नफरत और विभाजन की राजनीति पर भी गहरा प्रहार करता है। धीरेंद्र शास्त्री ने जोर देकर कहा कि हिंदू राष्ट्र की स्थापना के लिए पहले हिंदुओं को अपनी आंतरिक कमजोरियों को दूर करना होगा, जाति-पात की दीवारें तोड़नी होंगी और सच्ची एकता कायम करनी होगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर धार्मिक आधार पर नफरत फैलाने वाले बयान आम हो गए हैं। लेकिन बाबा बागेश्वर जैसे प्रभावशाली संत ने स्पष्ट किया कि गाली-गलौज या दूसरे समुदाय को निशाना बनाने से कोई सकारात्मक बदलाव नहीं आएगा। बल्कि, यह समाज को और कमजोर करेगा।
नफरत का रास्ता गलत क्यों है?
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू मेरी एक बात नोट कर लें—मुसलमानों को गालियां देकर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं को पहले अपनी कुरीतियों को सुधारना होगा। सनातन धर्म में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करना होगा। अगर हम खुद में सुधार नहीं लाएंगे, तो बाहर की तरफ उंगली उठाने से कोई फायदा नहीं होगा।
यह विचार बहुत गहरा है। आजकल कई लोग सोशल मीडिया पर दूसरे धर्मों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे समाज में तनाव बढ़ता है। लेकिन बाबा बागेश्वर का कहना है कि ऐसा करने से हिंदू समाज मजबूत नहीं होता, बल्कि कमजोर पड़ता है।
- असली शक्ति एकता में है, नफरत में नहीं।
- हिंदू राष्ट्र का मतलब सिर्फ नाम का नहीं,
- बल्कि एक ऐसा समाज जहां हर व्यक्ति सम्मान से जी सके,
- संस्कारों का पालन हो और देश की प्रगति हो।
- गाली-गलौज से तो सिर्फ विभाजन बढ़ेगा,
- जो किसी भी राष्ट्र के लिए हानिकारक है।
धीरेंद्र शास्त्री हिंदू राष्ट्र: जाति-पात छोड़कर एकता की जरूरत
- धीरेंद्र शास्त्री ने विशेष रूप से जाति-पात पर जोर दिया।
- उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में जातिवाद सबसे बड़ी कमजोरी है।
- ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र—ये विभाजन हमें कमजोर करते हैं।
- जब तक हम एक-दूसरे को ऊंच-नीच की नजर से देखेंगे,
- तब तक कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाएंगे।
- संत ने नसीहत दी कि जात-पात छोड़ो, एकता बनाओ।
- हिंदू समाज को एक परिवार की तरह एकजुट होना होगा।
- अगर हम आपस में लड़ते रहेंगे,
- तो बाहर के ताकतवर तत्व हमें आसानी से कमजोर कर देंगे।
- सनातन धर्म की असली ताकत उसकी समावेशिता में है—सबको साथ लेकर चलना।
- बाबा बागेश्वर का यह संदेश आज के समय में बहुत प्रासंगिक है,
- जहां जातिगत राजनीति और आरक्षण जैसे मुद्दे समाज को बांट रहे हैं।
हिंदू राष्ट्र कैसे बनेगा? आत्म-सुधार का रास्ता
धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि हिंदू राष्ट्र बनाने का रास्ता नफरत नहीं, बल्कि आत्म-सुधार से होकर गुजरता है। हिंदुओं को:
- अपनी कुरीतियां जैसे दहेज प्रथा, बाल विवाह, अंधविश्वास आदि छोड़नी होंगी।
- वेदों और शास्त्रों के सच्चे ज्ञान को अपनाना होगा।
- बच्चों को संस्कार देना होगा, ताकि आने वाली पीढ़ी मजबूत हो।
- सभी हिंदुओं में एकता लानी होगी, चाहे वो किसी भी जाति या वर्ग के हों।
उन्होंने कहा कि अगर हम खुद सुधर गए, तो देश स्वतः मजबूत होगा। हिंदू राष्ट्र कोई घोषणा से नहीं, बल्कि व्यवहार और एकता से बनेगा।
निष्कर्ष
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान एक जागृति का संदेश है। यह बताता है कि सच्चा हिंदुत्व नफरत में नहीं, प्रेम और एकता में है। मुसलमानों को गाली देने या किसी को नीचा दिखाने से कोई राष्ट्र नहीं बनता। असली राष्ट्र तब बनेगा जब हम सब मिलकर काम करेंगे, आपसी सम्मान रखेंगे और देश को मजबूत बनाएंगे।
