NCP Merger Broken
NCP Merger Broken NCP के दो गुटों का मर्जर टूट गया। 12 फरवरी को ऐलान तय था, अजित पवार ने फाइनल किया था लेकिन अब शरद पवार ने कहा प्रक्रिया रुक गई—अजित की मौत के बाद बड़ा खुलासा।

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो गुटों—शरद पवार गुट और अजित पवार गुट—के बीच लंबे समय से चल रही एकीकरण की चर्चा अचानक ठंडी पड़ गई है। खास बात यह है कि अजित पवार के निधन से ठीक पहले यह मर्जर लगभग फाइनल हो चुका था, और 12 फरवरी को इसकी औपचारिक घोषणा होने वाली थी। लेकिन अब शरद पवार ने खुद इसकी पोल खोल दी है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
अजित पवार की आखिरी इच्छा
अजित पवार, जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे, पिछले कई महीनों से अपने चाचा शरद पवार के साथ एनसीपी के दो गुटों को एक करने की कोशिश में जुटे थे। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में चाचा-भतीजे के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकें हुईं। इनमें से एक खास बैठक 17 जनवरी को बारामती में हुई, जहां मर्जर की रूपरेखा तैयार की गई। अजित पवार ने खुद इस प्रक्रिया को फाइनल किया था और तय किया था कि जिला परिषद चुनावों के नतीजों के बाद 12 फरवरी को मुंबई या पुणे में संयुक्त बैठक बुलाकर विलय का ऐलान किया जाएगा।
शरद पवार ने हाल ही में बारामती में मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि अजित पवार इस विलय के बड़े समर्थक थे। उन्होंने कहा, “पिछले चार महीनों से बात चल रही थी, अजित खुद 12 फरवरी को घोषणा करने वाले थे।” यह बयान एनसीपी के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा रहा है। अजित पवार इसे शरद पवार के लिए ‘तोहफा’ मानते थे, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
मर्जर टूटने की वजहें: सत्ता की राजनीति और परिवार का खेल
- अजित पवार के निधन के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई।
- अजित गुट ने जल्दबाजी में सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया,
- जिसकी शरद पवार को कोई जानकारी नहीं थी।
- शरद पवार ने स्पष्ट कहा कि यह अजित गुट का आंतरिक मामला है
- और परिवार से कोई चर्चा नहीं हुई।
- इससे साफ है कि मर्जर की राह में सत्ता की राजनीति बाधा बन गई है।
अजित गुट के कुछ नेता तत्काल विलय के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि शरद पवार गुट इसका राजनीतिक फायदा उठाना चाहता है। वहीं, शरद पवार गुट के नेता जैसे जयंत पाटिल, अनिल देशमुख और राजेश टोपे विलय की मांग कर रहे हैं।
- वे इसे अजित पवार की ‘आखिरी इच्छा’ बता रहे हैं।
- लेकिन सुनेत्रा पवार की शपथ और विधायक दल की बैठक से लगता है
- कि अजित गुट अलग रास्ता चुन रहा है।
- शरद पवार ने भी कहा है कि अब यह प्रक्रिया बंद हो सकती है।
NCP Merger Broken: एनसीपी का भविष्य सुनेत्रा पवार या शरद पवार की कमान?
- अजित पवार के जाने से एनसीपी में नेतृत्व का संकट गहरा गया है।
- सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है,
- लेकिन पार्टी अध्यक्ष या विधायी दल की कमान पर सवाल हैं।
- संभावित नामों में सुनेत्रा पवार, सुप्रिया सुले, प्रफुल्ल पटेल और रोहित पवार शामिल हैं।
- अगर मर्जर नहीं होता, तो अजित गुट महायुति गठबंधन में मजबूत रहेगा,
- जबकि शरद पवार गुट इंडिया गठबंधन के साथ।
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है। अजित पवार का विमान हादसा न सिर्फ एक नेता का नुकसान है, बल्कि एक संभावित पार्टी एकता का भी अंत है। शरद पवार का खुलासा बताता है कि मर्जर कितना करीब था, लेकिन सत्ता और परिवार के खेल ने इसे टाल दिया। अब देखना है कि पवार परिवार और एनसीपी का भविष्य किस दिशा में जाता है।
