नितिन नवीन एंट्री
नितिन नवीन एंट्री RSS की हाई-लेवल बैठक में नितिन नवीन की एंट्री से BJP में बड़े संगठनात्मक फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में नई रणनीति और नेतृत्व में बदलाव की चर्चा जोर पकड़ रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके वैचारिक स्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के बीच समन्वय हमेशा से राजनीतिक चर्चा का केंद्र रहा है। हाल के घटनाक्रम में BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की RSS की एक हाई-लेवल बैठक में पहली बार भागीदारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह बैठक न केवल संघ की आंतरिक कार्ययोजना पर केंद्रित है, बल्कि इसमें BJP के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलावों की तैयारी के संकेत भी साफ नजर आ रहे हैं। फरवरी 2026 के अंत में हो रही इस महत्वपूर्ण बैठक से BJP में नए सिरे से रणनीति बनाने और नेतृत्व में फेरबदल की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
नितिन नवीन एंट्री
- नितिन नवीन, बिहार के एक अनुभवी नेता और पूर्व लोक निर्माण मंत्री,
- जनवरी 2026 में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए।
- मात्र 45 वर्ष की उम्र में वे पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष बने,
- जो मोदी-शाह duo की नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति को दर्शाता है।
- उनके पिता स्वर्गीय नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी BJP के वरिष्ठ नेता थे।
- बैंकिपुर विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके नवीन ने बूथ स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा किया है।
उनकी नियुक्ति दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में हुई थी, जिसके बाद वे पूर्णकालिक अध्यक्ष बने। पीएम मोदी, अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थन से उनका चुनाव निर्विरोध हुआ। यह बदलाव JP नड्डा के कार्यकाल के बाद आया, जब पार्टी को 2029 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों की तैयारी करनी है।
RSS की हाई-लेवल बैठक
- RSS की प्रतिनिधि सभा जैसी हाई-लेवल बैठकें संघ की राष्ट्रीय कार्ययोजना,
- प्रशिक्षण और आगामी वर्ष की रूपरेखा तय करने के लिए होती हैं।
- फरवरी 2026 में हो रही इस तीन दिवसीय बैठक में नितिन नवीन की एंट्री विशेष महत्व रखती है।
- यह उनकी अध्यक्ष पद संभालने के बाद RSS के साथ पहली बड़ी आधिकारिक मुलाकात है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में 2025-26 के कार्यों का लेखा-जोखा, शताब्दी वर्ष की तैयारियां और राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा होगी। नवीन यहां RSS से जुड़े 36 से अधिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी समन्वय स्थापित कर चुके हैं या कर रहे हैं। यह बैठक BJP-RSS के बीच नए समीकरण बनाने का मंच साबित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि RSS की फीडबैक के आधार पर BJP के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बड़े बदलाव हो सकते हैं। कुछ मौजूदा सदस्यों को हटाने और नए, ग्रासरूट स्तर के नेताओं को जगह देने की बात हो रही है।
संगठनात्मक फेरबदल के संकेत: क्या बदलाव आ रहे हैं?
- BJP में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की सुगबुगाहट लंबे समय से है।
- रविवार गार्डियन जैसी रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वर्तमान राष्ट्रीय
- कार्यकारिणी के कई प्रमुख नाम हट सकते हैं।
- RSS और संबद्ध संगठनों की फीडबैक निर्णायक होगी।
- नितिन नवीन संगठनात्मक अनुशासन और बूथ स्तर के अनुभव वाले नेताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पार्टी युवा चेहरों पर फोकस कर रही है। 80% नए नेतृत्व में युवाओं को जगह देने की योजना है। बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल जैसे राज्यों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नवीन ने पहले ही कई राज्यों में दौरे किए और संगठनात्मक बैठकों को संबोधित किया। गोवा, पुडुचेरी जैसे क्षेत्रों में चुनावी तैयारियां तेज हुई हैं। RSS के साथ 36 समन्वय बैठकों का प्लान भी इसी दिशा में है।
राजनीतिक निहितार्थ और भविष्य की राह
- यह बैठक BJP को मजबूत बनाने और RSS के साथ तालमेल बढ़ाने का अवसर है।
- नितिन नवीन की युवा ऊर्जा और संगठनात्मक कौशल पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
- लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं –
- बिहार से आने वाले एक नेता को पूरे देश के विविध संगठन को संभालना आसान नहीं होगा।
कुल मिलाकर, RSS की इस हाई-लेवल बैठक में नितिन नवीन की एंट्री BJP में बड़े फेरबदल का स्पष्ट संकेत है। आने वाले महीनों में राष्ट्रीय कार्यकारिणी, राज्य इकाइयों और मोर्चाओं में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यह बदलाव 2029 के लोकसभा चुनाव और विकसित भारत@2047 के संकल्प को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
