पाक VS अफगान सेना
पाक VS अफगान सेना अगर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच युद्ध होता है तो कौन भारी पड़ेगा? जानिए तालिबान के पास कितने और कैसे हथियार हैं, अफगानिस्तान की सैन्य ताकत क्या है और पाकिस्तान की सेना से मुकाबले की वास्तविक स्थिति क्या कहती है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान ने “ओपन वॉर” की घोषणा की है, जबकि तालिबान शासित अफगानिस्तान ने इसका जवाब देने की तैयारी कर ली है। यह संघर्ष डूरंड लाइन पर वर्षों से चले आ रहे विवादों का नतीजा है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों का आरोप लगाते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या अफगानिस्तान के पास पाकिस्तान जैसी मजबूत सेना से टकराने की ताकत है? तालिबान के पास मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियारों का भंडार है, लेकिन क्या यह पाकिस्तान की पेशेवर सेना के सामने टिक पाएगा? इस ब्लॉग पोस्ट में हम तालिबान के हथियारों का पूरा हिसाब देंगे और दोनों देशों की सैन्य ताकत की तुलना करेंगे, जो ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 और अन्य रिपोर्ट्स पर आधारित है।
पाक VS अफगान सेना: अफगानिस्तान की सैन्य पृष्ठभूमि
अफगानिस्तान की वर्तमान सेना तालिबान के नियंत्रण में है, जो 2021 में अमेरिकी वापसी के बाद सत्ता में आया। पहले की अफगान नेशनल आर्मी (ANA) को अमेरिका ने अरबों डॉलर की सहायता दी थी, लेकिन तालिबान ने इसे हथिया लिया। आज तालिबान की सक्रिय सेना में लगभग 1,72,000 सैनिक हैं, जिन्हें 2,00,000 तक बढ़ाने की योजना है। यह सेना गुरिल्ला युद्ध में माहिर है, जो अफगानिस्तान की पहाड़ी और रेगिस्तानी इलाकों में सोवियत संघ और अमेरिका जैसी महाशक्तियों को हराने में सफल रही। लेकिन पारंपरिक युद्ध में इसकी कमजोरियां हैं, जैसे प्रशिक्षण की कमी, रखरखाव की समस्या और आधुनिक तकनीक का अभाव। तालिबान की ताकत उसकी अनियमित लड़ाई शैली में है, जहां वे छिपकर हमला करते हैं और स्थानीय समर्थन का फायदा उठाते हैं।
तालिबान के हथियारों का पूरा हिसाब
- तालिबान के पास मुख्य रूप से वे हथियार हैं जो 2021 में अमेरिकी सेना ने छोड़े।
- अमेरिकी रक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार,
- $7 बिलियन से ज्यादा मूल्य के सैन्य उपकरण अफगानिस्तान में छूट गए,
- जिसमें 78 विमान, 40,000 वाहन और 3,00,000 से ज्यादा हथियार शामिल हैं।
- यहां तालिबान के प्रमुख हथियारों का विस्तृत हिसाब है:
छोटे हथियार और गोला-बारूद:
- तालिबान के पास 3,16,000 से ज्यादा फायरआर्म्स हैं,
- जिनमें एम4 कार्बाइन, एम16 राइफल्स, स्नाइपर राइफल्स,
- रॉकेट लांचर्स और मशीन गन्स शामिल हैं।
- ये अमेरिकी मूल के हैं और $511 मिलियन मूल्य के हैं।
- इसके अलावा, कलाश्निकोव-पैटर्न असॉल्ट राइफल्स,
- पिस्टल्स, लाइट और हैवी मशीन गन्स, आरपीजी लांचर्स,
- मोर्टार्स और शॉटगन्स का बड़ा स्टॉक है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक,
- तालिबान के पास कुल 10 लाख हथियार थे, लेकिन आधे से ज्यादा गुम हो चुके या बेच दिए गए।
बख्तरबंद वाहन और टैंक:
12,000 हुमवीज, 42,000 ट्रक, 1,000 एमआरएपी वाहन और 200 बख्तरबंद पर्सनल कैरियर्स। टैंक्स में टी-55 (110+), टी-62एम (100), बीएमपी-1 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल्स (350) शामिल हैं। ये सोवियत और अमेरिकी मूल के हैं, लेकिन रखरखाव की समस्या के कारण कई ऑपरेशनल नहीं हैं।
हवाई शक्ति:
ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर्स (कई), स्काउट अटैक हेलीकॉप्टर्स, स्कैनईगल मिलिट्री ड्रोन्स और अन्य विमान। कुल 78 एयरक्राफ्ट, लेकिन ज्यादातर की स्थिति अनिश्चित है क्योंकि पायलटों की कमी है। नाइट विजन गॉगल्स, कम्युनिकेशन टूल्स और हैंडहेल्ड आईडेंटिटी डिटेक्शन इक्विपमेंट भी उपलब्ध हैं।
भारी हथियार:
हॉवित्जर आर्टिलरी, मिसाइल्स, एंटी-एयरक्राफ्ट गन्स और मोर्टार्स। कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि तालिबान ने इनमें से कुछ रूस, उत्तर कोरिया, ईरान और चीन को बेच दिए हैं।
कुल मिलाकर, तालिबान का हथियार भंडार प्रभावशाली है, लेकिन बिना रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स के यह जल्दी बेकार हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कुछ हथियार अल-कायदा जैसे ग्रुप्स को पहुंच गए हैं।
पाकिस्तान की सैन्य ताकत
Pakistan की सेना दुनिया की टॉप 10 में शुमार है, जिसका ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 0.2626 है (रैंक 14)। इसमें 6,60,000 सक्रिय सैनिक हैं: 5,60,000 आर्मी, 70,000 एयरफोर्स और 30,000 नेवी। पाकिस्तान का सैन्य बजट $10 बिलियन से ज्यादा है, जो चीन से आयातित उपकरणों पर खर्च होता है।
- भूमि शक्ति: 6,000 से ज्यादा बख्तरबंद वाहन, 4,600 आर्टिलरी पीस, 2,677 टैंक।
- हवाई शक्ति: 465 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एफ-16 फाइटर्स सहित), 260+ हेलीकॉप्टर्स और आर्म्ड ड्रोन्स।
- परमाणु क्षमता: 170 वॉरहेड्स, जो अफगानिस्तान के पास नहीं है।
पाकिस्तान की सेना पेशेवर है, जिसमें निरंतर भर्ती और चीन से तकनीकी सहायता है।
तुलना: अफगानिस्तान की कमजोरियां vs पाकिस्तान की श्रेष्ठता
- सैन्य तुलना में पाकिस्तान स्पष्ट रूप से मजबूत है।
- जहां पाकिस्तान की एयरफोर्स अफगानिस्तान पर हावी हो सकती है,
- वहीं तालिबान की गुरिल्ला रणनीति सीमा क्षेत्रों में चुनौती दे सकती है।
- अफगानिस्तान के पास कोई फाइटर जेट नहीं, जबकि पाकिस्तान के पास 465 हैं।
- मैनपावर में पाकिस्तान तीन गुना ज्यादा है।
- लेकिन अफगानिस्तान का इलाका पाकिस्तान के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है,
- जैसा सोवियत और अमेरिकी सेनाओं के साथ हुआ।
- ग्लोबल फायरपावर के अनुसार, अफगानिस्तान का रैंक 121 है, जो पाकिस्तान के 14 से बहुत नीचे है।
चुनौतियां और निष्कर्ष
पाक VS अफगान सेना तालिबान के हथियार भले ही अमेरिकी हों, लेकिन बिना प्रशिक्षण और रखरखाव के वे बेकार साबित हो सकते हैं। पाकिस्तान की सेना तकनीकी रूप से श्रेष्ठ है, लेकिन लंबे युद्ध में अफगानिस्तान की दृढ़ता उसे थका सकती है। यह संघर्ष क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, जहां दोनों पक्षों को बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। अंत में, अफगानिस्तान के पास पाकिस्तान से टकराने की ताकत सीमित है, लेकिन उसकी गुरिल्ला क्षमता को कम नहीं आंका जा सकता। सत्य यह है कि युद्ध किसी का भला नहीं करता—शांति ही एकमात्र रास्ता है।
