यूपी कुल्हाड़ी हत्याकांड
यूपी कुल्हाड़ी हत्याकांड होली से पहले यूपी में खूनी तांडव, कुल्हाड़ी से चार लोगों की निर्मम हत्या और दो जिंदगी-मौत से जूझ रहे। त्योहार के माहौल में दहशत, पुलिस अलर्ट पर। प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों पर उठे सवाल।

उत्तर प्रदेश में होली का त्योहार रंगों और उल्लास से मनाया जाना चाहिए था, लेकिन बहराइच जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सब कुछ बदल दिया। रविवार-सोमवार की आधी रात रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर उदल (मजरे रामनगर) गांव में संपत्ति विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक ही परिवार में कुल्हाड़ी से हुए ताबड़तोड़ हमलों में चार लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं जो जीवन-मौत की जंग लड़ रहे हैं। यह घटना होली से ठीक पहले हुई, जिसने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। गांव का आंगन खून से लाल हो गया, जहां चीख-पुकार की आवाजें गूंजीं और मौत का तांडव मचा।
यूपी कुल्हाड़ी हत्याकांड: घटना का भयावह विवरण
घटना रविवार रात करीब 12:30 से 1:30 बजे के बीच हुई। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, परिवार में पिता बदलूराम (62) ने कुछ समय पहले अपनी जमीन बेची थी। बिक्री से मिले पैसे और गहनों के बंटवारे को लेकर बेटे निरंकार (27) से लगातार विवाद चल रहा था। निरंकार को अपना हिस्सा नहीं मिलने से वह काफी नाराज था। रात में बात बढ़ी और कहासुनी झगड़े में बदल गई।
- अचानक निरंकार ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और अंधाधुंध वार शुरू कर दिए।
- सबसे पहले उसने अपने पिता बदलूराम और मां संजू देवी (60) पर हमला किया।
- जब दादी शीतला देवी (82) और बहन पार्वती (20-35 वर्ष, विभिन्न रिपोर्ट्स में उम्र अलग-अलग बताई गई) रोकने आईं,
- तो उन पर भी क्रूर हमले किए।
- महज कुछ मिनटों में आंगन खून से लथपथ हो गया।
- चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
- बड़े भाई गुरुदेव (33) और निरंकार खुद भी घायल हो गए।
- घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया,
- लेकिन हालत गंभीर होने पर लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
- निरंकार की हालत सबसे नाजुक बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति
मृतकों में शामिल हैं:
- शीतला देवी (82 वर्ष) – दादी
- बदलूराम (62 वर्ष) – पिता
- संजू देवी (60 वर्ष) – मां
- पार्वती (20-35 वर्ष) – बहन
- यह परिवार ग्रामीण इलाके में रहता था और कृषि पर निर्भर था।
- संपत्ति विवाद ने रिश्तों को इतना खोखला कर दिया कि बेटा खुद अपने माता-पिता और दादी-बहन का कातिल बन गया।
- पड़ोसियों ने बताया कि रात में अचानक चीखें सुनाई दीं।
- जब वे पहुंचे, तो घर का आंगन लाशों से भरा था। गांव में हाहाकार मच गया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
यूपी कुल्हाड़ी हत्याकांड रुपईडीहा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कुल्हाड़ी बरामद की गई, जिस पर खून के धब्बे थे। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी निरंकार खुद घायल होने के कारण अस्पताल में है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी जल्द होगी। जांच में पाया जा रहा है कि विवाद मुख्य रूप से जमीन बिक्री के पैसे और परिवार में बंटवारे को लेकर था। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि आरोपी की पत्नी ने उसे छोड़ दिया था, जिससे मानसिक तनाव बढ़ा हो सकता है, लेकिन मुख्य कारण संपत्ति ही बताया जा रहा है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई और हिंसा न हो। एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी कर रहे हैं।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना उत्तर प्रदेश में बढ़ते पारिवारिक विवादों और संपत्ति के लालच का खौफनाक उदाहरण है। होली जैसे पर्व पर जहां परिवार एकजुट होने चाहिए, वहां खून-खराबा हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में संपत्ति बंटवारे के मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं क्योंकि लोग कानूनी रास्ता अपनाने के बजाय हथियार उठा लेते हैं। यह भी सवाल उठता है कि परिवार में संवाद की कमी, लालच और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी कितनी खतरनाक हो सकती है।
निष्कर्ष: रंगों की होली में खून की होली
होली से पहले यह खूनी तांडव पूरे देश को झकझोर गया है। चार निर्दोष जानें चली गईं, दो जिंदगियां खतरे में हैं। परिवार टूट गया, गांव सदमे में है। उम्मीद है कि पुलिस जल्द न्याय सुनिश्चित करेगी और आरोपी को कड़ी सजा मिलेगी। समाज को सोचना होगा कि संपत्ति से ज्यादा कीमती रिश्ते हैं। होली का त्योहार प्रेम, एकता और खुशी का प्रतीक है – इसे खून से न रंगें। उन निर्दोषों की आत्मा को शांति मिले और घायलों को जल्द स्वस्थ होने की कामना।
