दिल्ली बुलडोजर ऑपरेशन
दिल्ली बुलडोजर ऑपरेशन दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर ऑपरेशन, हंगामा और पुलिस पर पथराव की घटनाएं। देर रात तक चला तनाव, कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई।

Delhi के पुराने शहर तुर्कमान गेट इलाके में 6-7 जनवरी 2026 की दरमियानी रात को एमसीडी ने भारी बुलडोजर एक्शन चलाया, जो फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित अवैध निर्माणों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन के दौरान स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया, पुलिस पर पथराव हुआ और आंसू गैस का इस्तेमाल कर स्थिति को काबू में किया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर चली यह कार्रवाई करीब 4 घंटे चली, जिसमें 30 से ज्यादा बुलडोजर लगाए गए।
दिल्ली बुलडोजर ऑपरेशन: घटना का पूरा विवरण
रात करीब 1 बजे शुरू हुए इस बुलडोजर ऑपरेशन में एमसीडी की टीमें मस्जिद के पास बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, दुकानें और अन्य अवैध ढांचे ध्वस्त करने पहुंचीं। जैसे ही मशीनें चलीं, इलाके में हजारों लोग जमा हो गए और नारेबाजी शुरू हो गई। उपद्रवियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने ड्रोन से निगरानी की, भारी बल तैनात किया और आंसू गैस के गोले दागे।
कार्रवाई रातभर चली और सुबह तक 38,940 वर्ग फुट से ज्यादा अतिक्रमण हटा लिया गया। जॉइंट सीपी मदhur वर्मा ने कहा कि अमन कमिटी के साथ बैठकें हो चुकी थीं और न्यूनतम बल से स्थिति नियंत्रित की गई। इलाका रामलीला मैदान और न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास होने से ट्रैफिक प्रभावित न हो, इसलिए रात का समय चुना गया।
बुलडोजर एक्शन का बैकग्राउंड
- यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के 12 नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित थी,
- जिसमें सेव इंडिया फाउंडेशन की PIL पर एमसीडी और PWD को 3 महीने में अतिक्रमण हटाने को कहा गया।
- सर्वे में पाया गया कि 0.195 एकड़ से बाहर के ढांचे अवैध हैं,
- जिनमें बारात घर, पार्किंग और डायग्नोस्टिक सेंटर शामिल थे।
- मस्जिद कमेटी ने दावा किया कि जमीन वक्फ बोर्ड की है और 100 साल पुरानी है,
- लेकिन दस्तावेज पेश न कर सके।
दिसंबर 2025 में MCD ने नोटिस जारी किया था, जिसे कमेटी ने कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन अंतरिम रोक नहीं मिली। अक्टूबर 2025 के संयुक्त सर्वे ने अतिक्रमण की पुष्टि की। मस्जिद खुद को औरंगजेब काल से जोड़ती है, लेकिन कार्रवाई केवल आसपास के हिस्सों तक सीमित रही।
सुरक्षा इंतजाम और पुलिस की भूमिका
- इलाके को छावनी बना दिया गया था,
- हजारों जवान तैनात किए गए।
- सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग, ड्रोन सर्विलांस और अर्थमूवर मशीनें इस्तेमाल हुईं।
- जेसीबी और 50 डंपर मलबा हटाने के लिए लगाए गए।
- पुलिस ने कहा कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और सामान्यcy बहाल हो गई।
- स्थानीय लोगों ने विरोध में सड़कें जाम करने की कोशिश की,
- लेकिन बल प्रयोग से रोका गया।
- अब भी भारी सुरक्षा बरकरार है।
मस्जिद का इतिहास और विवाद
- फैज-ए-इलाही मस्जिद तुर्कमान गेट में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद है,
- जिसे मुगल बादशाह औरंगजेब के समय का माना जाता है।
- यह ‘ईश्वर की कृपा’ का प्रतीक है और स्थानीय आस्था का केंद्र।
- विवाद सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर है,
- जहां कमेटी लीज रेंट का दावा करती है।
हाल के वर्षों में दिल्ली में कई बुलडोजर एक्शन हुए हैं, लेकिन यह कोर्ट-आधारित था। कुछ रिपोर्ट्स में मस्जिद से लाल किले ब्लास्ट आरोपी का कनेक्शन जोड़ा गया।
वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
कार्रवाई पूरी हो चुकी है, मलबा हटाया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार। मस्जिद कमेटी आगे कोर्ट जा सकती है। प्रशासन ने शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
यह घटना दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियान की गंभीरता दिखाती है। कुल मिलाकर, यह ऑपरेशन कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा था, लेकिन सामाजिक तनाव पैदा कर गया।
