भारतीय मूल गोलीकांड अमेरिका
भारतीय मूल गोलीकांड अमेरिका अमेरिका में भारतीय मूल के व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद में पत्नी सहित 4 लोगों को गोली मारकर मौत का तांडव मचा दिया। दिल दहला देने वाली घटना, पूरी कहानी और पुलिस जांच डिटेल्स यहां देखें।

अमेरिका की शांतिपूर्ण छवि के बीच एक बार फिर घरेलू हिंसा ने अपना खौफनाक चेहरा दिखाया है। जॉर्जिया राज्य के लॉरेंसविले शहर में 24 जनवरी 2026 की सुबह एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया। भारतीय मूल के 51 वर्षीय विजय कुमार ने कथित तौर पर पारिवारिक विवाद के दौरान अपनी पत्नी और तीन अन्य रिश्तेदारों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना इतनी भयावह थी कि घर में मौजूद तीन छोटे बच्चे अलमारी में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, और उनमें से एक 12 साल के बेटे ने 911 पर कॉल करके मदद मंगवाई।
भारतीय मूल गोलीकांड अमेरिका: घटना का पूरा विवरण
पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सब शुक्रवार की सुबह शुरू हुआ। विजय कुमार और उनकी पत्नी मीमू डोगरा (43 वर्ष) के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। बहस इतनी तेज हो गई कि विजय ने बंदूक निकाल ली। उन्होंने पहले अपनी पत्नी मीमू को गोली मारी, फिर घर में मौजूद अन्य रिश्तेदारों – गौरव कुमार, निधि चंदर और हरीश पर हमला किया। चारों की मौके पर ही मौत हो गई।
घर में मौजूद तीन बच्चे (जिनमें से एक 12 साल का बेटा था) गोलीबारी की आवाज सुनकर डर गए। उन्होंने तुरंत अलमारी में छिपकर खुद को छिपा लिया। जब गोलीबारी रुकी, तो 12 साल के बच्चे ने साहस दिखाते हुए 911 इमरजेंसी नंबर पर फोन किया और पुलिस को पूरी स्थिति बताई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
- आरोपी विजय कुमार को घटनास्थल से कुछ दूरी पर पकड़ लिया गया।
- उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- पुलिस का कहना है कि यह पूरी घटना घरेलू विवाद से जुड़ी हुई लगती है,
- लेकिन सटीक मकसद की जांच जारी है।
कौन हैं विजय कुमार?
विजय कुमार भारतीय मूल के हैं और अमेरिका में लंबे समय से रह रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे जॉर्जिया में परिवार के साथ सेटल थे। उनकी पत्नी मीमू डोगरा भी भारतीय मूल की थीं। मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था, जिसकी पुष्टि भारतीय दूतावास अटलांटा ने की है। विजय कुमार पर चार हत्याओं का आरोप है, और अगर दोषी पाए गए तो उन्हें उम्रकैद या मौत की सजा तक मिल सकती है, क्योंकि जॉर्जिया में ऐसी घटनाओं में सख्त कानून लागू होते हैं।
बच्चों की बहादुरी और ट्रेजडी का असर
- इस घटना की सबसे दिल दहला देने वाली बात तीन मासूम बच्चों की बहादुरी है।
- वे गोलीबारी के बीच अलमारी में छिपे रहे,
- डर से कांपते हुए भी शांत रहकर पुलिस को बुलाया।
- यह बच्चे अब अनाथ हो चुके हैं।
- सामाजिक कार्यकर्ता और भारतीय समुदाय उन्हें सपोर्ट करने के लिए आगे आए हैं।
- भारतीय दूतावास ने भी परिवार की मदद का आश्वासन दिया है।
यह घटना अमेरिका में भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए भी बड़ा सदमा है। वहां लाखों भारतीय परिवार शांतिपूर्ण जीवन जी रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं पूरे समुदाय को प्रभावित करती हैं। कई संगठन घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाने की बात कर रहे हैं।
घरेलू हिंसा: एक वैश्विक समस्या
- यह पहली बार नहीं है जब घरेलू विवाद ने हिंसक रूप लिया हो।
- अमेरिका में हर साल हजारों लोग घरेलू हिंसा के शिकार होते हैं,
- और बंदूक आसानी से उपलब्ध होने से स्थिति और खतरनाक हो जाती है।
- भारतीय परिवारों में भी कभी-कभी सांस्कृतिक दबाव,
- आर्थिक तनाव या पारिवारिक मतभेद ऐसे रूप ले लेते हैं।
- विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए काउंसलिंग,
- कानूनी मदद और जागरूकता जरूरी है।
निष्कर्ष
विजय कुमार की इस कथित कार्रवाई ने चार जिंदगियां छीन लीं और तीन बच्चों का बचपन हमेशा के लिए बदल दिया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए चेतावनी है कि छोटे-छोटे विवाद कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकते हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी, लेकिन फिलहाल यह दिल दहला देने वाली घटना अमेरिका और भारत दोनों देशों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
- काश, ऐसी घटनाएं कभी न हों।
- घरेलू शांति बनाए रखना हर परिवार की जिम्मेदारी है।
- बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सबसे ऊपर होना चाहिए।
