निशांत कुमार राजनीतिक एंट्री
निशांत कुमार राजनीतिक एंट्री बिहार में हलचल! नीतीश कुमार के सामने ललन सिंह ने बेटे निशांत कुमार से कहा- “कह दीजिए, मान जाएंगे!” NK का राजनीतिक डेब्यू कब? JDU में उत्तराधिकार की चर्चा तेज, जानिए पूरी सियासी ड्रामा।

बिहार की राजनीति हमेशा से ही ड्रामा, संकेतों और अटकलों से भरी रही है। लेकिन हाल ही में पटना में हुए एक सरल से सरस्वती पूजा कार्यक्रम ने सियासी गलियारों में तूफान मचा दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते बेटे निशांत कुमार (जिन्हें NK कहा जाता है) की राजनीति में एंट्री को लेकर जो चर्चा पहले से चल रही थी, वह अब एक खुले संकेत में बदल गई। केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने नीतीश कुमार के सामने ही निशांत से कहा – “कह दीजिए मान जाएंगे!” यह वाक्य सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी संदेश था।
निशांत कुमार राजनीतिक एंट्री : घटना का पूरा माजरा
23 जनवरी को पटना में जेडीयू के आईटी सेल कार्यालय में सरस्वती पूजा का आयोजन हुआ। पूजा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे, लेकिन उनसे पहले उनके बेटे निशांत कुमार और ललन सिंह मौजूद थे। जब नीतीश कुमार पहुंचे, तो उन्होंने बेटे को देखकर हैरानी जताते हुए पूछा, “तुम कब आए?” निशांत ने पिता के पैर छूकर प्रणाम किया। इसी बीच ललन सिंह ने निशांत की पीठ पर हाथ रखा और मजाकिया अंदाज में नीतीश से कहा, “बोल दीजिए कि मानेंगे।” यानी, “कह दीजिए कि मान जाएंगे!” यह सुनकर नीतीश मुस्कुरा दिए, लेकिन उनकी मुस्कान में छिपा संदेश सबने पढ़ लिया।
- यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- ललन सिंह का यह बयान कोई अचानक की बात नहीं था।
- पिछले कई महीनों से जेडीयू के अंदर और बाहर निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री की चर्चा गर्म है।
- जेडीयू के कुछ पोस्टर और कार्यक्रमों में निशांत का नाम या फोटो दिखना,
- उनकी मौजूदगी बढ़ना – ये सब संकेत हैं कि नीतीश कुमार का बेटा अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने वाला है।
निशांत कुमार कौन हैं?
- निशांत कुमार नीतीश कुमार के इकलौते पुत्र हैं।
- करीब 49 साल के निशांत लंबे समय से राजनीति से दूर रहे।
- वे बैचलर हैं और अध्यात्म, ध्यान तथा सामाजिक कार्यों में ज्यादा रुचि रखते हैं।
- नीतीश कुमार ने हमेशा कहा है कि वे अपने बेटे को राजनीति में नहीं लाना चाहते,
- क्योंकि वे खुद परिवारवाद के खिलाफ रहे हैं।
- लेकिन बिहार की सियासत में “बेटा” शब्द की चर्चा अब आम हो गई है।
- पिछले साल से निशांत “निशांत संवाद” जैसे कार्यक्रमों में दिखने लगे हैं, जहां वे जनता से जुड़ते हैं।
ललन सिंह का बयान जेडीयू के अंदर एक तरह का दबाव दिखाता है। ललन सिंह खुद नीतीश के करीबी रहे हैं और दिल्ली की राजनीति में जेडीयू का चेहरा हैं। उनकी यह अपील नीतीश पर दबाव डालने जैसी लगती है। साथ ही, विजय चौधरी जैसे अन्य नेता भी इस मौके पर निशांत को आगे बढ़ाने की बात कर रहे थे।
क्या है NK के पॉलिटिकल डेब्यू का टाइमलाइन?
- अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है,
- लेकिन सियासी गलियारों में अटकलें तेज हैं।
- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के अंत में होने हैं।
- कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, निशांत का डेब्यू इसी साल या अगले साल की शुरुआत में हो सकता है।
- जेडीयू के अंदर से दबाव है कि नीतीश के बाद पार्टी का नेतृत्व मजबूत रहे,
- और निशांत इसमें भूमिका निभा सकते हैं।
नीतीश कुमार की उम्र 73 साल हो चुकी है। वे कई बार गठबंधन बदल चुके हैं, लेकिन पार्टी में दूसरी पीढ़ी तैयार करने की जरूरत महसूस हो रही है। आरजेडी और अन्य विपक्षी दल इस पर हमला कर रहे हैं कि नीतीश परिवारवाद की तरफ बढ़ रहे हैं। लेकिन जेडीयू के नेता इसे “जनता की मांग” बता रहे हैं।
सियासी गलियारों में हलचल क्यों?
यह घटना सिर्फ एक पूजा समारोह की नहीं, बल्कि बिहार की आने वाली राजनीति का संकेत है। नीतीश कुमार की मुस्कान, ललन सिंह का बयान और निशांत की बढ़ती मौजूदगी – ये सब बताते हैं कि जेडीयू में “दूसरी पीढ़ी” का दौर शुरू होने वाला है। क्या निशांत कुमार बिहार की सियासत में अपना मुकाम बनाएंगे? या नीतीश कुमार अभी भी “नहीं” कहेंगे? समय बताएगा।
फिलहाल, बिहार की राजनीति में “निशांत” नाम की हलचल तेज है। ललन सिंह के “कह दीजिए मान जाएंगे!” ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया है – क्या NK का पॉलिटिकल डेब्यू अब बस कुछ महीनों दूर है?
