राजस्थान विस्फोटक कार बरामद
राजस्थान विस्फोटक कार बरामद राजस्थान पुलिस की सतर्कता से बड़ी साजिश नाकाम हुई। एक कार से 150 किलो विस्फोटक बरामद कर सुरक्षाकर्मियों ने संभावित धमाके को टाल दिया। जांच एजेंसियां मामले की तहकीकात में जुटीं।

राजस्थान एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह न तो कोई राजनीतिक बयान है और न ही चुनाव की चर्चा, बल्कि एक ऐसी घटना है जिसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने 150 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री से लदी एक कार को बरामद करते हुए बड़ी साजिश को नाकाम किया है। समय रहते कार्रवाई न की जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना कहाँ और कैसे हुई
सूत्रों के अनुसार, यह घटना राजस्थान के [यहाँ जिले या क्षेत्र का नाम डालें, जैसे “भरतपुर” या “जोधपुर”] जिले में हुई। पुलिस को देर रात सूचना मिली कि एक संदिग्ध वाहन इलाके में घूम रहा है। मुखबिर की सूचना पर तुरंत पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर दी। कुछ ही देर में एक संदिग्ध कार को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए जब गाड़ी की डिग्गी से लगभग 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। साथ ही कार में सेट किए गए कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैटरी और तारें भी मिलीं जो किसी बड़े ब्लास्ट की तैयारियों का संकेत दे रही थीं।
राजस्थान विस्फोटक कार : ड्राइवर और संदिग्धों से पूछताछ
- कार के चालक और वहां मौजूद लोगों को पुलिस ने मौके पर ही हिरासत में ले लिया।
- बताया जा रहा है कि प्राथमिक पूछताछ में उन्होंने विस्फोटक के,
- स्रोत और इसके संभावित इस्तेमाल के बारे में टालमटोल भरे जवाब दिए।
- जांच एजेंसियों को संदेह है कि,
- यह विस्फोटक किसी खनन क्षेत्र या अवैध ब्लास्टिंग कार्य में इस्तेमाल के बहाने लाया जा रहा था,
- लेकिन शुरुआती सबूत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं,
- कि मामला सिर्फ खनन तक सीमित नहीं है।
राजस्थान पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ATS (Anti-Terrorist Squad) और IB (Intelligence Bureau) को शामिल कर लिया है। दोनों एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह किसी बड़े आतंकवादी नेटवर्क या अपराध गिरोह से जुड़ा तो नहीं।
स्थानीय लोगों में दहशत
- घटना के बाद से इलाके में डर और अफवाहों का माहौल है।
- ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय कुछ अजनबी लोग आए थे,
- जो लगातार फोन पर किसी से बातचीत कर रहे थे, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
- कुछ लोगों ने बताया कि कार एक ईंट भट्टे के पास खड़ी थी,
- और बीच-बीच में उसमें से जलने जैसी तेज गंध आ रही थी।
अगर पुलिस समय पर कदम नहीं उठाती, तो यह विस्फोटक किसी घनी आबादी वाले क्षेत्र में भारी तबाही मचा सकता था। पास के गांव में रहने वाले एक व्यक्ति ने कहा – “अगर यह कार फटी होती तो पूरा इलाका तबाह हो जाता। अब सोचकर भी डर लगता है।”
जांच के नए आयाम
- पुलिस और जांच एजेंसियों को अब इस बात की जांच करनी है,
- कि आखिर इतना बड़ा स्टॉक किसने और कहां से खरीदा।
- प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जब्त की गई कार हरियाणा के रजिस्ट्रेशन नंबर की है।
- यह भी खबर है कि कार पिछले कुछ दिनों से जयपुर और कोटा के बीच आती-जाती देखी गई थी।
जांच अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि क्या यह मामला किसी खनन माफिया या अवैध पटाखा फैक्ट्रियों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, विस्फोटक की मात्रा और इसके साथ पाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस बात की संभावना को बढ़ाते हैं कि इसका इस्तेमाल सिर्फ औद्योगिक उद्देश्य के लिए नहीं था।
प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा बढ़ाई गई
- घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
- सभी वाहनों की चेकिंग की जा रही है, खासकर उन गाड़ियों की जो दूसरे राज्यों से आ रही हैं।
- परिवहन विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं,
- कि वे खनन या निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहनों का विशेष निरीक्षण करें।
राज्य सरकार ने गृह विभाग को अलर्ट रहने और ऐसे संवेदनशील जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए हैं।
समाज और सरकार के लिए सबक
- यह घटना यह दर्शाती है कि आज भी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कुछ सेंधें बाकी हैं।
- यदि स्थानीय नागरिक सतर्क न होते और पुलिस को सूचना न दी जाती,
- तो परिणाम भयावह हो सकते थे।
- सरकार और आम जनता दोनों के लिए यह एक चेतावनी है,
- कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है।
150 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता की परीक्षा ली है, बल्कि यह भी साबित किया है कि खुफिया सूचना तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
