प्रतीक यादव तलाक
प्रतीक यादव तलाक मुलायम परिवार में बवाल! प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान किया। उन्हें स्वार्थी, परिवार तोड़ने वाली और खराब मेंटल हेल्थ का जिम्मेदार बताया।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुलायम सिंह यादव का परिवार हमेशा सुर्खियों में रहा है। अब एक बार फिर इस प्रभावशाली परिवार में बड़ा विवाद छाया हुआ है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है। यह जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक और तीखे पोस्ट के जरिए दी, जिसमें अपर्णा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट में प्रतीक ने अपर्णा को “स्वार्थी महिला”, “परिवार तोड़ने वाली” (Family Destroyer) और “बुरी आत्मा” तक कहा है। इस घटना ने न केवल यादव परिवार बल्कि पूरे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है।
प्रतीक यादव का इंस्टाग्राम पोस्ट: क्या लिखा गया?
19 जनवरी 2026 को प्रतीक यादव (@iamprateekyadav) ने अपर्णा यादव की फोटो के साथ एक लंबा पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने लिखा:
“मैं इस स्वार्थी महिला से जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी तलाक लेने जा रहा हूं। उसने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया। वह सिर्फ मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है, लेकिन उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी, और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की।”
- यह पोस्ट बेहद भावुक और आक्रामक था,
- जिसमें प्रतीक ने अपनी मानसिक सेहत पर भी असर का जिक्र किया।
- पोस्ट वायरल होते ही मीडिया और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
- कई लोगों ने इसे निजी मामलों को सार्वजनिक करने का गलत तरीका बताया,
- जबकि कुछ ने प्रतीक की स्थिति पर सहानुभूति जताई।
अपर्णा यादव कौन हैं? राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
- अपर्णा यादव (जन्म: 1 जनवरी 1990) मूल रूप से अपर्णा बिष्ट हैं।
- उन्होंने लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से स्कूलिंग की और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर से मास्टर्स किया।
- क्लासिकल संगीत में भी प्रशिक्षित हैं।
- 2011-2012 में प्रतीक यादव से उनकी लव मैरिज हुई,
- जो मुलायम परिवार की बहू बनकर सुर्खियों में आईं।
2017 में अपर्णा ने सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। 2022 से पहले उन्होंने सपा छोड़कर भाजपा जॉइन कर ली और राष्ट्रवाद का हवाला दिया। फिलहाल वे उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। अपर्णा अक्सर सपा और अखिलेश यादव पर निशाना साधती रही हैं, जिससे यादव परिवार में पहले से तनाव की बातें चलती थीं। उनकी दो बेटियां हैं।
तलाक के पीछे संभावित कारण: राजनीतिक मतभेद या निजी रंजिश?
- प्रतीक और अपर्णा की शादी 14 साल पुरानी है।
- प्रतीक राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट और जिम बिजनेस में सक्रिय हैं,
- जबकि अपर्णा की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बढ़ती गई।
- विशेषज्ञों का मानना है कि अपर्णा का सपा से भाजपा में जाना ही रिश्तों में दरार का मुख्य कारण रहा।
- प्रतीक के पोस्ट में “स्वार्थी” और “मशहूर बनने की चाहत” जैसे शब्द अपर्णा की राजनीतिक छवि से जुड़े लगते हैं।
हालांकि, दिसंबर 2025 में अपर्णा के जन्मदिन पर प्रतीक उनके साथ दिखे थे, लेकिन कुछ ही हफ्तों में स्थिति इतनी बिगड़ गई। अपर्णा के भाई अमन बिष्ट ने दावा किया कि प्रतीक का अकाउंट हैक हो गया हो सकता है, लेकिन पोस्ट की भाषा और भावनाएं इसे नकारती दिखती हैं। दोनों पक्षों से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
परिवार और राजनीति पर असर: यादव खेमे में क्या होगा?
यह घटना मुलायम सिंह यादव के परिवार के लिए बड़ा झटका है। अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक का यह कदम परिवार की एकता पर सवाल उठाता है। अपर्णा भाजपा में हैं, इसलिए राजनीतिक विरोधी खेमे इसे सपा के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते हैं। कांग्रेस जैसे दलों ने पहले ही भाजपा पर तंज कसा है।
- निजी रिश्तों का सार्वजनिक होना आजकल आम हो गया है,
- लेकिन इससे बच्चों और परिवार की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।
- प्रतीक की मानसिक सेहत का जिक्र चिंताजनक है।
- कानूनी तौर पर तलाक की प्रक्रिया अब शुरू हो सकती है,
- जिसमें मेंटेनेंस, बच्चों की कस्टडी और संपत्ति बंटवारा जैसे मुद्दे उठेंगे।
प्रतीक यादव तलाक : निष्कर्ष
प्रतीक यादव का यह पोस्ट एक निजी दर्द की अभिव्यक्ति है, लेकिन सोशल मीडिया के दौर में यह राजनीतिक बहस बन गया। अपर्णा यादव की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है, जो स्थिति को और रोचक बनाता है। यादव परिवार पहले भी कई विवादों से गुजरा है, लेकिन यह तलाक की कगार पर पहुंचा मामला सबसे संवेदनशील लगता है। उम्मीद है कि दोनों पक्ष निजी तौर पर इस मुद्दे को सुलझाएंगे और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
