राजपाल यादव केस
राजपाल यादव केस राजपाल यादव को कोर्ट से कड़ी फटकार, वादा तोड़ने पर तिहाड़ जेल पहुंचे। कोर्ट ने साफ कहा – आप जेल में इसलिए हैं क्योंकि…। केस की पूरी डिटेल्स और अपडेट यहां पढ़ें।

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव, जिन्होंने “फिर हेरा फेरी”, “भूल भुलैया” और “गोलमाल” जैसी फिल्मों में हंसी के ठहाके बिखेरे, आजकल खुद मुश्किलों के घेरे में हैं। फरवरी 2026 में वे दिल्ली की तिहाड़ जेल पहुंच गए। वजह? एक पुराना चेक बाउंस केस, जिसमें लगभग 9 करोड़ रुपये का बकाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और साफ कहा – “आप जेल इसलिए गए क्योंकि आपने अपना वादा पूरा नहीं किया।” यह सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि वादों की अवहेलना की सजा है। आइए जानते हैं पूरी कहानी – कब शुरू हुआ विवाद, कोर्ट ने क्या कहा और बॉलीवुड में कैसे उठी हलचल?
राजपाल यादव केस: मामला कहां से शुरू हुआ?
सब कुछ 2010 में शुरू हुआ। राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म “अता पता लापता” बनाने के लिए दिल्ली स्थित मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही। लोन चुकाने के लिए दिए गए चेक बाउंस हो गए। कंपनी ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत केस दायर किया।
- 2013: राजपाल को पहली बार 4 दिन जेल हुई।
- 2018: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराया।
- 6 महीने की साधारण कैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई।
- 2019: सत्र न्यायालय ने सजा बरकरार रखी।
- 2024-2025: दिल्ली हाई कोर्ट में अपील चली।
- जून 2024 में कोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाई और कहा – “ईमानदार प्रयास से रकम चुकाएं।”
- ब्याज और पेनल्टी से बकाया बढ़कर लगभग 9 करोड़ हो गया।
कोर्ट ने कई बार समय दिया। राजपाल ने वादा किया कि वे रकम चुकाएंगे। 2025 में उन्होंने 75 लाख रुपये जमा किए, लेकिन बाकी नहीं चुकाए। कोर्ट ने उनके बार-बार वादे तोड़ने को “निंदनीय” बताया।
फरवरी 2026: सरेंडर और जेल
2 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट (जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा) ने अंतिम आदेश दिया – सरेंडर करो। राजपाल ने एक हफ्ते की मोहलत मांगी, लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया। कहा – “आपको पर्याप्त मौके मिल चुके हैं। सेलिब्रिटी होने से कोई छूट नहीं मिलेगी।”
5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में खुद को सरेंडर कर दिया। 6 महीने की सजा शुरू हो गई।
12 फरवरी 2026 को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने फिर फटकार लगाई:
- “आप जेल इसलिए गए क्योंकि आपने अपनी ही कमिटमेंट्स का सम्मान नहीं किया।”
- “कम से कम दो दर्जन बार आपने कहा कि पैसे चुकाएंगे, लेकिन नहीं किया।”
- “आपको 25 मौके दिए गए, मगर आदेश की अवहेलना हुई।”
जमानत खारिज। सुनवाई 16 फरवरी तक टाल दी गई। राजपाल को कम से कम कुछ और दिन तिहाड़ में रहना पड़ेगा।
कोर्ट की खरी-खोटी: वादा तोड़ने की सजा
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने साफ कहा – “आपको कोर्ट ने जेल नहीं भेजा, आपने खुद के वादे तोड़कर जेल भेजा।” कोर्ट ने नोट किया कि राजपाल ने समझौते के आधार पर पैसे देने का वादा किया था, लेकिन बार-बार डिफॉल्ट किया। यह NI Act के तहत चेक बाउंस केस में आम है – जहां दोषी को 6 महीने तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। लेकिन अगर समझौता हो जाए या रकम चुक जाए, तो सजा माफ हो सकती है। यहां राजपाल ने वादे तोड़े, इसलिए कोर्ट सख्त हुआ।
बॉलीवुड की मदद: सलमान, अजय, सोनू सूद आगे आए
राजपाल की मुश्किलें देख बॉलीवुड एकजुट हो गया।
- सोनू सूद ने उन्हें अपनी अगली फिल्म में साइन किया और साइनिंग अमाउंट दिया।
- सलमान खान, अजय देवगन ने परिवार से संपर्क किया।
- माइका सिंह और अन्य ने मदद का ऐलान किया।
- FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज) ने सभी सदस्यों से सहयोग मांगा।
- पत्नी राधा यादव ने सभी मददगारों का आभार जताया।
राजपाल ने इमोशनल बयान दिया – “मैंने सब कोशिश की, लेकिन पैसे नहीं जुटा पाया।”
क्या होगा आगे?
- 16 फरवरी को जमानत पर फैसला।
- अगर रकम चुकाई तो सजा माफ हो सकती है।
- लेकिन सजा काटने से कर्ज माफ नहीं होता – बकाया अभी भी चुकाना पड़ेगा।
- राजपाल की फाइनेंशियल स्थिति कमजोर है। फिल्मों में काम कम हो गया था।
निष्कर्ष: हंसी के पीछे छिपी सच्चाई
राजपाल यादव ने स्क्रीन पर लाखों को हंसाया, लेकिन असल जिंदगी में वादों की कीमत चुकानी पड़ी। यह केस बताता है कि कानून सबके लिए बराबर है – चाहे स्टार हो या आम आदमी। वादा तोड़ने की सजा जेल हो सकती है। बॉलीवुड की मदद से शायद वे बाहर आ जाएं, लेकिन 9 करोड़ का बोझ अभी भी है।
क्या राजपाल यादव जल्द रिहा होंगे? क्या इंडस्ट्री उन्हें फिर खड़ा करेगी? समय बताएगा। फिलहाल, तिहाड़ की दीवारों के पीछे एक कॉमेडियन अपनी सजा काट रहा है – वादा तोड़ने की।
