CJI वकील सलाह
CJI वकील सलाह चीफ जस्टिस का वकीलों को तगड़ा झटका! ‘पढ़ो, अपडेट रहो वरना पीछे रह जाओगे।’ कानूनी दुनिया में बड़ा संदेश। CJI की सलाह से वकालत में बदलाव। कोर्ट में नई तैयारी की जरूरत, पूरी बातें पढ़ें।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने वकीलों को एक सीधा संदेश दिया है: “पढ़ो, अपडेट रहो, वरना पीछे रह जाओगे!” यह बयान न्यायपालिका के भविष्य को लेकर एक चेतावनी भी है और वकीलों के लिए एक तगड़ा झटका भी, क्योंकि आज के जमाने में जो वकील खुद को अपडेट नहीं रखेगा, वह न्यायालयों में भी पीछे रह जाएगा.
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CJI का सीधा संदेश वकीलों को
CJI ने एक कार्यक्रम में वकीलों से कहा कि आज के दौर में बस पुरानी किताबें याद करने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि वकीलों को नए कानून, नए फैसले, नए टेक्नोलॉजी टूल्स और नए सोशल ट्रेंड्स के बारे में लगातार पढ़ना होगा. अगर वकील खुद को अपडेट नहीं रखेंगे, तो वे न्यायालयों में भी पीछे रह जाएंगे और अपने मुवक्किलों के लिए भी अच्छा काम नहीं कर पाएंगे.
क्यों दिया गया यह झटका?
- CJI ने यह बात इसलिए कही कि आज के जमाने में कानून का दौर बदल गया है.
- अब जज भी ऑनलाइन रिसर्च, AI टूल्स,
- डिजिटल रिकॉर्ड्स और इंटरनेशनल फैसलों का इस्तेमाल करते हैं.
- अगर वकील अभी भी बस पुरानी किताबों और अपने अनुभव पर भरोसा करेंगे,
- तो वे जजों के सामने भी कमजोर पड़ जाएंगे.
- इसके अलावा, आज नए मामले जैसे डिजिटल फ्रॉड,
- साइबर क्राइम, डेटा प्राइवेसी,
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन जैसे टॉपिक्स पर भी आ रहे हैं.
- इन मामलों में वकीलों को न सिर्फ कानून बल्कि टेक्नोलॉजी की भी अच्छी समझ होनी चाहिए.
CJI वकील सलाह : वकीलों के लिए चुनौतियाँ
CJI के इस बयान से यह साफ होता है कि आज के वकील को बस कोर्ट में बहस करने तक ही सीमित नहीं रहना है. उन्हें लगातार पढ़ना होगा, ऑनलाइन कोर्स करने होंगे, लॉ जर्नल्स पढ़ने होंगे और नए टूल्स सीखने होंगे.
अगर वकील खुद को अपडेट नहीं रखेंगे, तो वे:
- नए कानूनों के बारे में अंधेरे में रहेंगे ।
- जजों के सामने अपने तर्क कमजोर देंगे ।
- अपने मुवक्किलों को गलत सलाह दे सकते हैं ।
- दूसरे वकीलों के मुकाबले पीछे रह जाएंगे ।
वकीलों को क्या करना चाहिए?
CJI के इस संदेश को गंभीरता से लेते हुए वकीलों को अपनी आदतों में बदलाव करना होगा:
- रोजाना पढ़ें – नए फैसले, लॉ जर्नल्स, नए एक्ट्स और न्यूज़ को रोज पढ़ें ।
- टेक्नोलॉजी सीखें – ऑनलाइन रिसर्च टूल्स, लॉ डेटाबेस, AI टूल्स और डिजिटल फाइलिंग सिस्टम का इस्तेमाल सीखें ।
- कोर्स और वर्कशॉप ज्वाइन करें – नए टॉपिक्स जैसे साइबर लॉ, आईपी लॉ, डेटा प्रोटेक्शन और आर्थिक अपराधों पर कोर्स करें ।
- अपने नेटवर्क को अपडेट रखें – दूसरे वकीलों, जजों और एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत करें और नए ट्रेंड्स के बारे में जानें ।
न्यायपालिका का भविष्य
- CJI का यह बयान सिर्फ वकीलों के लिए नहीं,
- बल्कि पूरी न्यायपालिका के भविष्य के बारे में भी है.
- अगर वकील अपडेट नहीं रहेंगे, तो न्यायालयों में भी न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होगी.
इसलिए, न्यायपालिका चाहती है कि वकील भी आज के जमाने के हिसाब से खुद को तैयार करें और नए चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें.
निष्कर्ष
CJI का यह झटका वकीलों के लिए एक जगाने वाली घंटी है. आज के जमाने में वकील बस पुराने तरीकों पर भरोसा नहीं कर सकते. उन्हें लगातार पढ़ना होगा, अपडेट रहना होगा और नए टूल्स सीखने होंगे.
जो वकील इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा, वह न्यायालयों में आगे बढ़ेगा, और जो नहीं लेगा, वह वकालत की दौड़ में पीछे रह जाएगा.youtube
