India Iran LPG Operation
India Iran LPG Operation ईरान की अनुमति से भारत एक विशेष ऑपरेशन के तहत LPG ला रहा है। नौसेना की कड़ी सुरक्षा में जहाजों के जरिए गैस सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे देश में ऊर्जा संकट को कम करने की कोशिश हो रही है।

पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे खतरनाक जल मार्ग बन गया है। इस संकीर्ण जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। ईरान ने संघर्ष के दौरान इस रूट को प्रभावी रूप से ब्लॉक कर दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ठप हो गई।
भारत, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) आयातक देश है, इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। देश की लगभग 60-65 प्रतिशत एलपीजी जरूरतें मध्य पूर्व से आती हैं और इनमें से 90 प्रतिशत से ज्यादा होर्मुज से गुजरती हैं। मार्च 2026 में आयात लगभग 46 प्रतिशत घट गया, जिससे घरेलू रसोई गैस की कमी, कीमतों में उछाल और उद्योगों पर असर पड़ा। ऐसे में भारत ने एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया – ईरान से LPG लाने और होर्मुज से सुरक्षित निकालने का। भारतीय नौसेना की कड़ी सुरक्षा में भारतीय झंडे वाले टैंकर अब भारत पहुंच रहे हैं।
यह ऑपरेशन न सिर्फ कूटनीति का कमाल है, बल्कि भारतीय नौसेना की क्षमता और ऊर्जा सुरक्षा की मजबूती का प्रमाण भी है।
India Iran LPG Operation: संकट की शुरुआत
- फरवरी-मार्च 2026 में क्षेत्रीय संघर्ष तेज हुआ।
- ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की धमकी दी
- और व्यावहारिक रूप से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही रोक दी।
- कई भारतीय जहाज फंस गए।
- भारत में एलपीजी की कमी से आम लोगों को सुबह 3 बजे कतारों में लगना पड़ा,
- कुछ जगहों पर लकड़ी का इस्तेमाल बढ़ा और छोटे उद्योग ठप हो गए।
भारत सरकार ने तुरंत कदम उठाए। विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की सक्रिय कूटनीति शुरू हुई। ईरान के साथ बातचीत की गई, जबकि अमेरिका से भी समन्वय रखा गया। कुछ मामलों में यूएस ने ईरानी तेल और रिफाइंड प्रोडक्ट्स पर अस्थायी सैंक्शंस हटाए, जिससे ईरानी LPG कार्गो भारत की ओर डायवर्ट हुआ।
सीक्रेट ऑपरेशन
- सबसे दिलचस्प हिस्सा रहा ईरानी नौसेना का रोल।
- रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी नौसेना ने चुनिंदा भारतीय LPG टैंकरों को प्री-अप्रूvd रूट से होर्मुज पार कराने में मदद की।
- एक वरिष्ठ क्रू मेंबर ने बताया कि टैंकर ईरान की क्वेश्म और लारक द्वीपों के पास से गुजरा,
- जहां ईरानी नौसेना ने रेडियो संपर्क में रहकर गाइड किया।
जहाज होर्मुज से निकलते ही भारतीय नौसेना का स्वागत इंतजार कर रहा था। भारतीय युद्धपोतों ने तुरंत एस्कॉर्ट मोड में आकर इन टैंकरों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर तक सुरक्षित पहुंचाया।
मुख्य जहाजों के नाम:
- Pine Gas और Jag Vasant: इन दो भारतीय झंडे वाले Very Large Gas Carriers ने यूएई और कुवैत से LPG लोड किया।
- दोनों ने मिलकर करीब 92,000 टन LPG भारत लाया – जो देश की लगभग एक दिन की जरूरत है।
- Shivalik और Nanda Devi: पहले बैच में इन टैंकरों ने सफलतापूर्वक होर्मुज पार किया।
- अन्य टैंकर जैसे Jag Laadki भी मुंद्रा पोर्ट पहुंच चुके हैं।
भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प (Operation Sankalp) या ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा के तहत 6-7 युद्धपोत तैनात किए, जिनमें विशाखापट्टनम क्लास डिस्ट्रॉयर शामिल हैं। ये युद्धपोत गल्फ ऑफ ओमान में पोजीशन पर रहे और टैंकरों को एस्कॉर्ट किया। हेलीकॉप्टर (MH-60R) और अन्य सपोर्ट वेसल्स भी शामिल थे। कुछ रिपोर्ट्स में इसे ऑपरेशन उर्जा सुरक्षा भी कहा गया।
- यह ऑपरेशन “सीक्रेट” इसलिए कहा जा रहा है
- क्योंकि यह उच्च-स्तरीय कूटनीतिक समन्वय और रीयल-टाइम नेवल कोऑर्डिनेशन पर आधारित था।
- ईरान ने भारत को विशेष छूट दी,
- जबकि भारतीय नौसेना ने बाहर से सुरक्षा सुनिश्चित की।
चुनौतियां
- होर्मुज पार करना आसान नहीं था।
- क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन और समुद्री खतरे मंडरा रहे थे।
- क्रू सदस्यों ने इमरजेंसी तैयारी की – लाइफ राफ्ट्स तैयार रखे गए।
- लंबा रूट, ज्यादा फ्रेट चार्ज और बीमा लागत बढ़ गई।
- फिर भी, भारत ने वैकल्पिक स्रोतों (अर्जेंटीना, अमेरिका आदि) से आयात बढ़ाया,
- लेकिन मध्य पूर्व का कार्गो सबसे सस्ता और तेज था।
India Iran LPG Operation: कुछ जहाजों को चीन से डायवर्ट करके भारत भेजा गया। कुल मिलाकर, मार्च में आयात घटा लेकिन ये सफल ट्रांजिट राहत प्रदान कर रहे हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति
यह घटना भारत को सिखाती है कि ऊर्जा सुरक्षा सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा और कूटनीति से जुड़ी है। भारत:
- 85 प्रतिशत से ज्यादा तेल-गैस आयात पर निर्भर है।
- रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व बढ़ा रहा है।
- नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दे रहा है।
- नौसेना को ब्लू वाटर क्षमता मजबूत कर रहा है।
ऑपरेशन संकल्प जैसी पहलें दिखाती हैं कि भारतीय नौसेना अब इंडियन ओशन रीजन में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। ओमान के दुकम पोर्ट जैसे ठिकाने भी भारत के लिए गेम चेंजर साबित हो रहे हैं।
निष्कर्ष
- ईरान से LPG लाने का यह सीक्रेट ऑपरेशन भारत की परिपक्व विदेश नीति का उदाहरण है।
- हम न तो किसी पक्ष में पूरी तरह शामिल हुए,
- न ही अपनी ऊर्जा जरूरतों से समझौता किया।
- ईरानी नौसेना की मदद और भारतीय नौसेना की कड़ी सुरक्षा ने
- दिखाया कि चुनौतीपूर्ण समय में भी जिंदगी की रसोई जलती रहनी चाहिए।
अभी भी कई जहाज फंसे हुए हैं और स्थिति अनिश्चित है। भारत को चाहिए कि घरेलू उत्पादन बढ़ाए, आयात स्रोतों को और विविधीकृत करे और नौसेना की क्षमता को लगातार मजबूत करे।
