Sensex falls over 200 points
#Sensex falls over 200 points से ज्यादा गिरा और निफ्टी 26,100 के नीचे फिसला। साल के अंत में पतले कारोबार में बाजार कमजोर रहा, Eternal और Bajaj Finance जैसे शेयरों में 1% की गिरावट। लेटेस्ट स्टॉक मार्केट अपडेट्स और लाइव न्यूज

आज का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा। सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा गिरकर बंद हुआ और निफ्टी भी 26,100 के स्तर से नीचे फिसल गया। साल के अंत में ट्रेडिंग वॉल्यूम काफी पतला रहा, जिसकी वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव तो कम था, लेकिन दबाव जरूर बना रहा। आइए इस ब्लॉग पोस्ट में विस्तार से समझते हैं कि आज क्या हुआ, क्यों हुआ, और आगे क्या हो सकता है।
आज के प्रमुख आंकड़े
सेक्टोरल परफॉर्मेंस: ज्यादातर सेक्टर्स लाल निशान में रहे,
खासकर फाइनेंस, आईटी और कुछ कंज्यूमर गुड्स।
BSE सेंसेक्स: दिन के उच्च स्तर से 200+ अंक गिरा।
अंत में यह कमजोरी के साथ बंद हुआ।
NSE निफ्टी: 26,100 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे ट्रेड करता रहा।
प्रमुख गिरावट वाले शेयर: Eternal और Bajaj Finance
दोनों में करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई।
इनके अलावा कुछ अन्य फाइनेंशियल और
कंज्यूमर स्टॉक्स में भी दबाव दिखा।
यह चार्ट देखिए – रेड कैंडल्स की भरमार!
यह दर्शाता है कि बेयरिश सेंटिमेंट हावी रहा।
कैंडलस्टिक पैटर्न में लगातार लाल कैंडल्स का मतलब है
कि बायर्स की ताकत कमजोर पड़ रही है।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
साल का अंतिम सप्ताह चल रहा है,
और क्रिसमस-न्यू ईयर की छुट्टियों की
वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम रहा।
ऐसे में छोटी-मोटी बिकवाली
भी इंडेक्स पर बड़ा असर डाल देती है।
कुछ प्रमुख कारण:
पतला ट्रेडिंग वॉल्यूम: विदेशी निवेशक (FIIs) छुट्टियों पर हैं,
और घरेलू निवेशक भी नए पोजीशन लेने से बच रहे हैं।
इससे लिक्विडिटी कम हुई
और छोटी बिकवाली ने बड़ा इंपैक्ट किया।
प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में बाजार अच्छा चला था,
इसलिए कई निवेशकों ने प्रॉफिट बुक कर लिया।
खासकर हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स जैसे Bajaj Finance में।
ग्लोबल क्यूज म्यूट: अमेरिकी बाजारों में भी साल के
अंत में ज्यादा उत्साह नहीं है।
फेड रेट कट की उम्मीदें कम हो रही हैं,
जिसका असर इमर्जिंग मार्केट्स पर पड़ रहा है।
सेक्टोरल प्रेशर: फाइनेंशियल सर्विसेज
और कुछ कंज्यूमर स्टॉक्स में बिकवाली।
Eternal जैसे स्टॉक्स में भी 1% की गिरावट
ने सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडर्स का यह चेहरा आज का मूड बयां कर रहा है –
चिंता और सतर्कता।
जब बाजार गिरता है, तो हर कोई अगले दिन का इंतजार करता है।
टेक्निकल एनालिसिस: आगे क्या?
सपोर्ट लेवल: निफ्टी के लिए 26,000-26,050 महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
अगर यह टूटा, तो और नीचे 25,800 तक जा सकता है।
रेजिस्टेंस: ऊपर की तरफ 26,300-26,400 पर मजबूत रेजिस्टेंस है।
VIX: इंडिया VIX थोड़ा ऊपर है,
जो बताता है कि वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।
साल के अंत में आमतौर पर “विंडो ड्रेसिंग” होती है
जहां फंड मैनेजर्स पोर्टफोलियो को
बेहतर दिखाने के लिए खरीदारी करते हैं।
हो सकता है आने वाले सेशन में रिकवरी दिखे।
#Sensex falls over 200 points
निवेशकों के लिए सलाह
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: सतर्क रहें।
स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करें।
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है।
अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स जैसे ब्लूचिप्स पर नजर रखें।
नए साल में बजट और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर फोकस करें।
भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है।
दोस्तों, बाजार में उतार-चढ़ाव तो आते-जाते रहते हैं।
2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई पॉजिटिव फैक्टर्स हैं –
इंफ्रा स्पेंडिंग, कंज्यूमर डिमांड और डिजिटल ग्रोथ।
आज की यह गिरावट सिर्फ एक छोटा सा ब्रेक है।
पैनिक न करें, बल्कि ऑपर्चुनिटी ढूंढें।
साल का अंतिम सप्ताह चल रहा है,
और क्रिसमस-न्यू ईयर की छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम रहा।
ऐसे में छोटी-मोटी बिकवाली भी इंडेक्स पर बड़ा असर डाल देती है।
कुछ प्रमुख कारण:
पतला ट्रेडिंग वॉल्यूम: विदेशी निवेशक (FIIs) छुट्टियों पर हैं,
और घरेलू निवेशक भी नए पोजीशन लेने से बच रहे हैं।
इससे लिक्विडिटी कम हुई
और छोटी बिकवाली ने बड़ा इंपैक्ट किया।
प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में बाजार अच्छा चला था,
इसलिए कई निवेशकों ने प्रॉफिट बुक कर लिया।
खासकर हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स जैसे Bajaj Finance में।
ग्लोबल क्यूज म्यूट: अमेरिकी बाजारों में भी साल के
अंत में ज्यादा उत्साह नहीं है।
फेड रेट कट की उम्मीदें कम हो रही हैं,
जिसका असर इमर्जिंग मार्केट्स पर पड़ रहा है।
सेक्टोरल प्रेशर: फाइनेंशियल सर्विसेज
और कुछ कंज्यूमर स्टॉक्स में बिकवाली।
Eternal जैसे स्टॉक्स में भी 1% की गिरावट ने सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडर्स का यह चेहरा आज का मूड बयां कर रहा है –
चिंता और सतर्कता।
जब बाजार गिरता है, तो हर कोई अगले दिन का इंतजार करता है।
टेक्निकल एनालिसिस: आगे क्या?
सपोर्ट लेवल: निफ्टी के लिए 26,000-26,050 महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
अगर यह टूटा, तो और नीचे 25,800 तक जा सकता है।
रेजिस्टेंस: ऊपर की तरफ 26,300-26,400 पर मजबूत रेजिस्टेंस है।
VIX: इंडिया VIX थोड़ा ऊपर है,
जो बताता है कि वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।
साल के अंत में आमतौर पर “विंडो ड्रेसिंग” होती है
जहां फंड मैनेजर्स पोर्टफोलियो को बेहतर दिखाने के लिए खरीदारी करते हैं।
हो सकता है आने वाले सेशन में रिकवरी दिखे।
निवेशकों के लिए सलाह
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: सतर्क रहें। स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करें।
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है।
अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स जैसे ब्लूचिप्स पर नजर रखें।
नए साल में बजट और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर फोकस करें।
भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है।
दोस्तों, बाजार में उतार-चढ़ाव तो आते-जाते रहते हैं।
2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई पॉजिटिव फैक्टर्स हैं –
इंफ्रा स्पेंडिंग, कंज्यूमर डिमांड और डिजिटल ग्रोथ।
आज की यह गिरावट सिर्फ एक छोटा सा ब्रेक है।
पैनिक न करें, बल्कि ऑपर्चुनिटी ढूंढें।
साल का अंतिम सप्ताह चल रहा है,
और क्रिसमस-न्यू ईयर की छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम रहा।
ऐसे में छोटी-मोटी बिकवाली भी इंडेक्स पर बड़ा असर डाल देती है।
कुछ प्रमुख कारण:
पतला ट्रेडिंग वॉल्यूम: विदेशी निवेशक (FIIs) छुट्टियों पर हैं,
और घरेलू निवेशक भी नए पोजीशन लेने से बच रहे हैं।
इससे लिक्विडिटी कम हुई
और छोटी बिकवाली ने बड़ा इंपैक्ट किया।
प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में बाजार अच्छा चला था,
इसलिए कई निवेशकों ने प्रॉफिट बुक कर लिया।
खासकर हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स जैसे Bajaj Finance में।
ग्लोबल क्यूज म्यूट: अमेरिकी बाजारों में भी साल के
अंत में ज्यादा उत्साह नहीं है।
फेड रेट कट की उम्मीदें कम हो रही हैं,
जिसका असर इमर्जिंग मार्केट्स पर पड़ रहा है।
सेक्टोरल प्रेशर: फाइनेंशियल सर्विसेज और कुछ कंज्यूमर स्टॉक्स में बिकवाली।
Eternal जैसे स्टॉक्स में भी 1% की गिरावट ने सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडर्स का यह चेहरा आज का मूड बयां कर रहा है –
चिंता और सतर्कता।
जब बाजार गिरता है, तो हर कोई अगले दिन का इंतजार करता है।
टेक्निकल एनालिसिस: आगे क्या?
सपोर्ट लेवल: निफ्टी के लिए 26,000-26,050 महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
अगर यह टूटा, तो और नीचे 25,800 तक जा सकता है।
रेजिस्टेंस: ऊपर की तरफ 26,300-26,400 पर मजबूत रेजिस्टेंस है।
VIX: इंडिया VIX थोड़ा ऊपर है,
जो बताता है कि वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।
साल के अंत में आमतौर पर “विंडो ड्रेसिंग” होती है
जहां फंड मैनेजर्स पोर्टफोलियो को
बेहतर दिखाने के लिए खरीदारी करते हैं।
हो सकता है आने वाले सेशन में रिकवरी दिखे।
निवेशकों के लिए सलाह
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: सतर्क रहें।
स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करें।
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है।
अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स जैसे ब्लूचिप्स पर नजर रखें।
नए साल में बजट और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर फोकस करें।
भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है।
दोस्तों, बाजार में उतार-चढ़ाव तो आते-जाते रहते हैं।
2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई पॉजिटिव फैक्टर्स हैं –
इंफ्रा स्पेंडिंग, कंज्यूमर डिमांड और डिजिटल ग्रोथ।
आज की यह गिरावट सिर्फ एक छोटा सा ब्रेक है।
पैनिक न करें, बल्कि ऑपर्चुनिटी ढूंढें।साल का अंतिम सप्ताह चल रहा है,
और क्रिसमस-न्यू ईयर की छुट्टियों की वजह से ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत कम रहा।
ऐसे में छोटी-मोटी बिकवाली भी इंडेक्स पर बड़ा असर डाल देती है।
कुछ प्रमुख कारण:
पतला ट्रेडिंग वॉल्यूम: विदेशी निवेशक (FIIs) छुट्टियों पर हैं,
और घरेलू निवेशक भी नए पोजीशन लेने से बच रहे हैं।
इससे लिक्विडिटी कम हुई
और छोटी बिकवाली ने बड़ा इंपैक्ट किया।
प्रॉफिट बुकिंग: हाल के दिनों में बाजार अच्छा चला था,
इसलिए कई निवेशकों ने प्रॉफिट बुक कर लिया।
खासकर हाई वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स जैसे Bajaj Finance में।
ग्लोबल क्यूज म्यूट: अमेरिकी बाजारों में भी साल के
अंत में ज्यादा उत्साह नहीं है।
फेड रेट कट की उम्मीदें कम हो रही हैं,
जिसका असर इमर्जिंग मार्केट्स पर पड़ रहा है।
सेक्टोरल प्रेशर: फाइनेंशियल सर्विसेज और कुछ कंज्यूमर स्टॉक्स में बिकवाली।
Eternal जैसे स्टॉक्स में भी 1% की गिरावट ने सेंटिमेंट को प्रभावित किया।
दलाल स्ट्रीट पर ट्रेडर्स का यह चेहरा आज का मूड बयां कर रहा है –
चिंता और सतर्कता।
जब बाजार गिरता है, तो हर कोई अगले दिन का इंतजार करता है।
टेक्निकल एनालिसिस: आगे क्या?
सपोर्ट लेवल: निफ्टी के लिए 26,000-26,050 महत्वपूर्ण सपोर्ट है।
अगर यह टूटा, तो और नीचे 25,800 तक जा सकता है।
रेजिस्टेंस: ऊपर की तरफ 26,300-26,400 पर मजबूत रेजिस्टेंस है।
VIX: इंडिया VIX थोड़ा ऊपर है,
जो बताता है कि वोलेटिलिटी बढ़ सकती है।
साल के अंत में आमतौर पर “विंडो ड्रेसिंग” होती है
जहां फंड मैनेजर्स पोर्टफोलियो को बेहतर दिखाने के लिए खरीदारी करते हैं।
हो सकता है आने वाले सेशन में रिकवरी दिखे।
निवेशकों के लिए सलाह
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स: सतर्क रहें।
स्टॉप लॉस लगाकर ट्रेड करें।
लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स: यह डिप खरीदारी का मौका हो सकता है।
अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स जैसे ब्लूचिप्स पर नजर रखें।
नए साल में बजट और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर फोकस करें।
भारत की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है।
दोस्तों, बाजार में उतार-चढ़ाव तो आते-जाते रहते हैं।
2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई पॉजिटिव फैक्टर्स हैं –
इंफ्रा स्पेंडिंग, कंज्यूमर डिमांड और डिजिटल ग्रोथ।
आज की यह गिरावट सिर्फ एक छोटा सा ब्रेक है।
पैनिक न करें, बल्कि ऑपर्चुनिटी ढूंढें।
