Hyundai Ioniq5
Hyundai Ioniq5 हुंडई की इस कार को 6 महीने में सिर्फ 2 लोगों ने खरीदा। कंपनी के सबसे कम बिकने वाले मॉडल में शामिल। कारण, फीचर्स और मार्केट रिस्पॉन्स की पूरी रिपोर्ट यहां।

हुंडई Ioniq 5 एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV है, जो अपनी अनोखी डिजाइन, तेज चार्जिंग और आधुनिक फीचर्स के लिए जानी जाती है। लेकिन भारत में इसकी बिक्री के आंकड़े देखकर लगता है कि ये कार बाजार में ज्यादा सफल नहीं हो पाई है। हाल ही में खबरें आईं कि कुछ महीनों में इसकी बहुत कम यूनिट्स बिकीं, जिससे ये हुंडई का सबसे कम बिकने वाला मॉडल बन गया। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्यों हुंडई Ioniq 5 भारत में फ्लॉप जैसी स्थिति में है।
भारत में Hyundai Ioniq5 की लॉन्च और शुरुआती उम्मीदें
- हुंडई ने Ioniq 5 को भारत में 2023 में लॉन्च किया था।
- ये कंपनी की दूसरी इलेक्ट्रिक कार थी (पहली Kona Electric)।
- ग्लोबली ये कार काफी पॉपुलर हुई,
- जहां इसने कई अवॉर्ड जीते और अच्छी बिक्री दर्ज की।
- भारत में इसे प्रीमियम EV सेगमेंट में पेश किया गया,
- जहां लोग Tesla, Mercedes EQ सीरीज जैसी कारों के साथ तुलना करते हैं।
कीमत एक्स-शोरूम करीब 46 लाख रुपये रखी गई, जो इसे लग्जरी EV कैटेगरी में लाती है। शुरुआत में उम्मीद थी कि EV मार्केट बढ़ने के साथ ये अच्छा प्रदर्शन करेगी, लेकिन रियलिटी अलग निकली।
हाल के महीनों में बिक्री के चौंकाने वाले आंकड़े
2025-2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति साफ हो जाती है। पिछले कुछ महीनों में Ioniq 5 की बिक्री बेहद कम रही है:
- अगस्त 2025: 14 यूनिट्स
- सितंबर 2025: 6 यूनिट्स
- अक्टूबर 2025: 6 यूनिट्स
- नवंबर 2025: 24 यूनिट्स
- दिसंबर 2025: 69 यूनिट्स (कुछ महीनों में बढ़ोतरी दिखी)
- जनवरी 2026: सिर्फ 2 यूनिट्स
- ये आंकड़े बताते हैं कि कई महीनों में ये कार 10 यूनिट्स से भी कम बिकी।
- जनवरी 2026 में तो सिर्फ 2 लोग ही इस कार को खरीद पाए।
- पिछले 6 महीनों में कुल मिलाकर बहुत कम यूनिट्स बिकीं,
- जिससे ये हुंडई की सबसे कम बिकने वाली कार बन गई।
- तुलना करें तो हुंडई Creta एक दिन में इससे ज्यादा बिक जाती है।
दिसंबर 2025 में 69 यूनिट्स बिकने पर थोड़ी राहत मिली, लेकिन जनवरी में फिर से गिरावट आई। ये उतार-चढ़ाव दिखाता है कि डिमांड स्थिर नहीं है।
क्यों नहीं बिक रही हुंडई Ioniq 5? मुख्य कारण
बहुत ज्यादा कीमत
46 लाख रुपये की एक्स-शोरूम कीमत भारत के EV मार्केट के लिए काफी हाई है। ज्यादातर खरीदार 20-30 लाख की रेंज में कार देखते हैं। Tata Nexon EV, MG ZS EV जैसी कारें सस्ती और ज्यादा प्रैक्टिकल हैं।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
- भारत में फास्ट चार्जिंग स्टेशन अभी भी कम हैं, खासकर हाईवे पर।
- Ioniq 5 की 800V आर्किटेक्चर और तेज चार्जिंग
- (350 kW तक) का फायदा तब ही मिलता है जब अच्छा इंफ्रा हो।
- शहरों में भी चार्जिंग पॉइंट्स की कमी ग्राहकों को डराती है।
प्रतिस्पर्धा बढ़ गई
Tata, Mahindra, MG और BYD जैसी कंपनियां सस्ते और अच्छे EV ला रही हैं। लोकल प्रोडक्शन वाली कारों पर सब्सिडी और कम कीमत मिलती है, जबकि Ioniq 5 इंपोर्टेड है, जिससे कीमत ज्यादा रहती है।
रेंज और बैटरी चिंताएं
ARAI क्लेम के मुताबिक रेंज 631 km तक है, लेकिन रियल वर्ल्ड में ये कम हो जाती है। सर्दियों में EV की रेंज और कम होती है, जो ग्राहकों को प्रभावित करता है।
भारी डिस्काउंट के बावजूद कम डिमांड
- 2025 के अंत में हुंडई ने Ioniq 5 पर 10 लाख रुपये तक डिस्काउंट दिए,
- लेकिन फिर भी बिक्री नहीं बढ़ी।
- ये दिखाता है कि समस्या सिर्फ कीमत नहीं,
- बल्कि परसेप्शन और प्रैक्टिकल यूज की है।
क्या Hyundai Ioniq5 में कुछ अच्छा भी है?
हां, कार अपने आप में कमाल की है। रेट्रो-फ्यूचरिस्टिक डिजाइन, स्पेसियस इंटीरियर, V2L फीचर (कार से घर में बिजली चलाना), और 800V फास्ट चार्जिंग इसे स्पेशल बनाते हैं। ग्लोबली ये कार बेस्ट EV में शुमार होती है। लेकिन भारत की कंडीशंस (कीमत, इंफ्रा, कॉम्पिटिशन) में ये फिट नहीं बैठ रही।
आगे क्या होगा?
हुंडई भारत में लोकल EV प्रोडक्शन पर फोकस कर रही है। आने वाले सालों में सस्ते EV लॉन्च होंगे, जो Ioniq 5 की तरह नहीं बल्कि ज्यादा अफोर्डेबल होंगे। अगर इंफ्रा बेहतर हुआ और कीमतें घटीं, तो प्रीमियम EV की डिमांड बढ़ सकती है। फिलहाल Ioniq 5 उन चुनिंदा लोगों के लिए है जो लग्जरी और टेक्नोलॉजी चाहते हैं।
निष्कर्ष में कहें तो हां, भारत में हुंडई Ioniq 5 की बिक्री निराशाजनक रही है और ये फ्लॉप जैसी लग रही है। लेकिन EV मार्केट तेजी से बदल रहा है। हो सकता है भविष्य में ये कार बेहतर प्रदर्शन करे, लेकिन अभी आंकड़े यही कहते हैं कि ये हुंडई का सबसे कम बिकने वाला मॉडल बन चुका है।
