ओटीटी vs सिनेमा
ओटीटी vs सिनेमा : तमिलनाडु डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन का बड़ा बयान – “OTT सिनेमा की जगह नहीं ले सकता, थिएटर हमेशा जिंदा रहेगा!” देखें पूरा बयान और साउथ इंडस्ट्री की हकीकत।

परिचय
10 दिसंबर 2025 को तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री और मशहूर अभिनेता-निर्माता उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान सिनेमा जगत के सबसे बड़े सवाल का सीधा और सटीक जवाब दे दिया। उन्होंने बिना लाग-लपेट के कहा – “कोई कहता है कि OTT ने सिनेमा को मार दिया। मैं कहता हूँ – बिल्कुल गलत! सिनेमा हॉल का अनुभव, 70mm स्क्रीन, डॉल्बी एटमॉस साउंड, अंधेरा हॉल और सैकड़ों लोगों की एक साथ तालियाँ – यह जादू कोई मोबाइल या स्मार्ट टीवी कभी नहीं दे सकता। OTT सिनेमा की जगह ले ही नहीं सकता।”
यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब जियोहॉटस्टार 4000 करोड़ रुपये साउथ कंटेंट में लगा रहा है और कई बड़ी फिल्में पहले OTT पर ही रिलीज़ हो रही हैं।
उदयनिधि स्टालिन ने क्या-क्या कहा? (पूरा बयान)
- “थिएटर का अनुभव हमेशा अलग रहेगा।”
- “लोग घर पर भी फिल्म देखते थे, फिर भी जेलर, विक्रम, लियो, KGF, RRR, पुष्पा, जवान ने 500-1000 करोड़ कमाए।”
- “OTT एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म है, विकल्प नहीं।”
- “जो फिल्में पहले थिएटर में सुपरहिट हुईं, वही OTT पर भी महीनों तक ट्रेंड करती हैं।”
- “तमिलनाडु सरकार थिएटर मालिकों के साथ मिलकर टिकट की कीमतें कम करने और सुविधाएँ बढ़ाने पर काम कर रही है।”
साउथ के बड़े सितारे भी यही कह रहे हैं
- अल्लू अर्जुन: “पुष्पा-2 सिर्फ थिएटर के लिए बना है, OTT बाद में।”
- यश: “KGF-3 भी पहले सिनेमा हॉल में ही आएगा।”
- प्रभास: “सालार, कल्कि, स्पिरिट – सब पहले थिएटर।”
- रजनीकांत: “वेट्टैयन और कूलि पहले थिएटर, फिर OTT।”
- कमल हासन: “थिएटर हमारी जड़ें हैं, इन्हें कोई उखाड़ नहीं सकता।”
2025-2026 में आने वाली बड़ी साउथ फिल्में (सभी पहले थिएटर में)
- कूलि – रजनीकांत गेम चेंजर – राम चरण कंगुवा – सुरिया थंगलान – विक्रम विद्युत जामवाल – IB71 पार्ट 2 देva – शाहरुख + नयनतारा (तमिल डेब्यू) गोअट – विजय (आखिरी फिल्म)
कोई भी बड़ी फिल्म सीधे OTT पर नहीं आ रही। सबमें 4-8 हफ्ते का थिएटर विंडो रखा गया है।
तो OTT सच में खतरा नहीं है?
नहीं! बल्कि यह साथी है। उदाहरण: जेलर – थिएटर में 600+ करोड़ → नेटफ्लिक्स पर 6 महीने ट्रेंड लियो – 620 करोड़ → नेटफ्लिक्स पर नंबर 1 विक्रम – 450 करोड़ → हॉटस्टार पर महीनों ट्रेंड जवान – 1150 करोड़ → अब भी नेटफ्लिक्स टॉप 10 में
यानी पहले थिएटर में पैसा कमाओ, फिर OTT से लंबी कमाई करो। यह नया फॉर्मूला बन गया है।
थिएटर को बचाने के लिए क्या हो रहा है?
तमिलनाडु सरकार के प्लान:
- टिकट की कीमतें कम करना (मल्टीप्लेक्स में भी ₹120-150 तक)
- पार्किंग, कैंटीन, सीटिंग की क्वालिटी बढ़ाना
- सुबह 9 बजे के शो फिर से शुरू
- लोकल भाषा की छोटी फिल्मों को भी सपोर्ट
नतीजा: पिछले 6 महीने में तमिलनाडु में सिंगल स्क्रीन थिएटर की बुकिंग 40% बढ़ी है।
निष्कर्ष – सिनेमा मरने वाला नहीं, बस बदल रहा है
उदयनिधि स्टालिन का बयान सिर्फ एक नेता या कलाकार का बयान नहीं है – यह पूरी साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की आवाज है। OTT आएगा, बढ़ेगा, लेकिन थिएटर का जादू हमेशा बरकरार रहेगा। जैसा उदयनिधि ने कहा – “सिनेमा हॉल में जब हीरो एंट्री मारता है और पूरा हॉल चिल्लाता है – यह एहसास कोई OTT नहीं दे सकता।”
