ईरान ने ऑपरेशन ‘बशारत-उल-फतह
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। ईरानी सेना ने ‘बशारत-उल-फतह’ नामक ऑपरेशन के तहत कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर पहुंच गई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
क्या है ऑपरेशन ‘बशारत-उल-फतह’?
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार ‘बशारत-उल-फतह’ एक जवाबी सैन्य अभियान है, जिसे हाल ही में अमेरिकी हमलों के प्रतिकार के रूप में शुरू किया गया। ईरान का दावा है कि अमेरिका द्वारा उसके रणनीतिक ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जवाब में यह ऑपरेशन चलाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान केवल सैन्य जवाब नहीं बल्कि क्षेत्र में अपनी ताकत और प्रभाव दिखाने की भी कोशिश है। इस ऑपरेशन का नाम भी विजय और प्रतिरोध का संदेश देने वाला बताया जा रहा है।
कुवैत और बहरीन में क्यों बने निशाने?
कुवैत और बहरीन में अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे मौजूद हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है, जबकि कुवैत लंबे समय से अमेरिकी सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है।
ईरान ने इन्हीं ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिका को सीधा संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अधिकांश मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया, जिससे बड़े नुकसान की आशंका टल गई।
खाड़ी देशों में बढ़ी सुरक्षा
हमले के बाद कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत
कई देशों ने अपनी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। हवाई निगरानी बढ़ा दी गई है और
कई सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो
पूरा खाड़ी क्षेत्र अस्थिरता की चपेट में आ सकता है।
इसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
तेल बाजार पर पड़ सकता है बड़ा असर
खाड़ी क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादन और
निर्यात केंद्रों में शामिल है। ऐसे में किसी भी
सैन्य संघर्ष का सीधा प्रभाव वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है। हमले की खबर सामने आते ही
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हलचल देखी गई।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और
ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो
ऊर्जा कीमतों में तेजी आ सकती है, जिसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।
दुनिया की नजर अगली कार्रवाई पर
ईरान के इस सैन्य अभियान के बाद दुनिया की नजर अब अमेरिका की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।
कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है।
संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी क्षेत्र में शांति बनाए रखने की
आवश्यकता पर जोर दिया है। हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए
आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ऑपरेशन ‘बशारत-उल-फतह’ के तहत ईरान द्वारा अमेरिकी ठिकानों पर किया गया
मिसाइल हमला पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का संकेत है। इस घटना ने न केवल
क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को लेकर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण होगी।
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