CJP Team
कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में अपनी पहली राष्ट्रीय कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन की दो दिवसीय बैठक के बाद 12 सदस्यीय प्रमुख टीम की घोषणा की गई। इस टीम में संगठन, मीडिया, कानूनी मामलों, शोध एवं नीति, तकनीक और वित्त जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
CJP की ओर से कहा गया है कि फिलहाल संगठन को औपचारिक राजनीतिक दल में बदलने की योजना नहीं है। इसके बजाय संगठन जमीनी स्तर पर काम करने और युवाओं, छात्रों, पेशेवरों तथा श्रमिकों से जुड़ने पर जोर देगा। अगले छह महीनों में देशभर में राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर समन्वय इकाइयां स्थापित करने की योजना भी बताई गई है।
अभिजीत दीपके को मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
CJP की नई राष्ट्रीय टीम में संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। दीपके ही इस संगठन की शुरुआत करने वाले प्रमुख चेहरा हैं।
दो दिवसीय बैठक उनके आवास पर आयोजित की गई थी। बैठक के समापन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की नई राष्ट्रीय कार्यसमिति और पदाधिकारियों की घोषणा की गई।
CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति को संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और देश के अलग-अलग हिस्सों में गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
सौरव दास और आशुतोष रांका को भी अहम जिम्मेदारी
CJP के प्रमुख प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को राष्ट्रीय सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
सौरव दास इससे पहले CJP के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं और संगठन की ओर से विभिन्न मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर अपनी बात रखते रहे हैं। आशुतोष रांका भी संगठन की गतिविधियों और सार्वजनिक संवाद में सक्रिय रहे हैं।
नई जिम्मेदारियों के साथ दोनों नेताओं की भूमिका संगठन के विस्तार और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय में महत्वपूर्ण हो सकती है।
CJP की 12 सदस्यीय टीम में किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?
CJP ने राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग विभागों के लिए जिम्मेदारियां तय की हैं। घोषित टीम के अनुसार:
- अभिजीत दीपके — राष्ट्रीय संयोजक
- सौरव दास — राष्ट्रीय सह-संयोजक
- आशुतोष रांका — राष्ट्रीय सह-संयोजक
- अजिंक्य शिंदे — राष्ट्रीय संगठन प्रभारी
- दीपक बालियान — संगठन सह-प्रभारी
- आफरीन नवाज — राष्ट्रीय सचिव
- विजय रेड्डी मल्लांगी — मीडिया प्रमुख
- रत्ना सिंह — कानूनी मामलों की प्रमुख
- वैष्णवी गौड़ — शोध एवं नीति प्रमुख
- रोहन देशपांडे — प्रौद्योगिकी प्रमुख
- योगेश इंगले — वित्त प्रमुख
रिपोर्ट में बताया गया है कि संगठन ने देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए भी नेतृत्व संबंधी जिम्मेदारियां तय की हैं।
अगले छह महीने में देशभर में संगठन विस्तार का प्लान
CJP ने केवल राष्ट्रीय स्तर की टीम बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है। संगठन की ओर से बताया गया कि अगले छह महीनों के दौरान देशभर में राज्य समन्वय समितियों के साथ-साथ लोकसभा और शहर स्तर की समन्वय इकाइयां बनाई जाएंगी।
इसका उद्देश्य संगठन की गतिविधियों को स्थानीय स्तर तक पहुंचाना और अलग-अलग राज्यों में सक्रिय लोगों को एक संरचना के तहत जोड़ना बताया गया है।
CJP की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि घोषित नामों के अलावा फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति को पदाधिकारी नियुक्त नहीं किया गया है।
फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनेगी CJP
CJP के सामने संगठन को राजनीतिक दल में बदलने की मांग भी सामने आती रही है। लेकिन नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के दौरान संगठन ने साफ किया कि फिलहाल इसे राजनीतिक दल में बदलने की योजना नहीं है।
सौरव दास के अनुसार, संगठन का ध्यान चुनावी राजनीति की बजाय जमीनी स्तर पर काम करने और लोगों में जागरूकता पैदा करने पर रहेगा।
CJP का कहना है कि इस समय एक और राजनीतिक दल बनाने के बजाय सामाजिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर धरातल पर काम करना ज्यादा उपयोगी है।
वेबसाइट के जरिए शुरू होगा सदस्यता अभियान
CJP ने संगठन में लोगों को जोड़ने के लिए वेबसाइट के जरिए सदस्यता अभियान शुरू करने की बात कही है।
सौरव दास ने बताया कि छात्र, युवा पेशेवर और श्रमिक संगठन से जुड़ सकते हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाकर उनकी आवाज को मजबूत करना बताया गया है।
संगठन की ओर से यह भी कहा गया कि फिलहाल किसी प्रकार का फंड एकत्र नहीं किया जा रहा है। लोगों को किसी भी अनधिकृत फंड कलेक्शन से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलेगी CJP की टीम
CJP ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर भी सक्रियता दिखाने की बात कही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात करेगा। इसके बाद CJP के शीर्ष पदाधिकारी भी वहां का दौरा कर सकते हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका था और छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर थे।
NEET और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी सक्रिय रही CJP
CJP पिछले कुछ समय से छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रही है।
पिछले महीने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ संगठन के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद CJP की गतिविधियों और उसके नेताओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बढ़ी।
संगठन का कहना है कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे युवाओं से सीधे जुड़े हैं और इन पर जनदबाव बनाने के लिए वह आगे भी अभियान चलाएगा।
‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान की भी तैयारी
CJP ने आगे देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से जनसंपर्क अभियान शुरू करने की योजना भी बताई है। इसका उद्देश्य जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों और समस्याओं को समझना तथा उन्हें सार्वजनिक मंच पर उठाना बताया गया है।
यह अभियान CJP की संगठनात्मक गतिविधियों को सोशल मीडिया से आगे जमीनी स्तर तक ले जाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
CJP के सामने अब संगठन विस्तार की चुनौती
राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन के बाद CJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठनात्मक ढांचे को देशभर में प्रभावी तरीके से लागू करने की होगी।
राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर समितियां बनाना एक बड़ा संगठनात्मक काम है। इसके लिए स्थानीय नेतृत्व, सदस्यता अभियान और विभिन्न मुद्दों पर निरंतर गतिविधियों की जरूरत होगी।
साथ ही संगठन को यह भी तय करना होगा कि वह अपनी मूल पहचान को बनाए रखते हुए
किस तरह लंबे समय तक जनसरोकार के मुद्दों पर प्रभावी तरीके से काम करता है।
राजनीतिक दल न बनने का फैसला कितना महत्वपूर्ण?
CJP का फिलहाल राजनीतिक दल नहीं बनने का निर्णय इस संगठन की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
यदि संगठन चुनावी राजनीति में नहीं जाता है तो उसका फोकस सरकार और प्रशासन पर जनदबाव बनाने,
युवाओं के मुद्दे उठाने तथा सामाजिक जागरूकता अभियानों पर रह सकता है।
वहीं, देशभर में राज्य और लोकसभा स्तर की इकाइयां बनाने की
योजना से संगठन का विस्तार भी तेज हो सकता है।
आने वाले महीनों में CJP की गतिविधियां यह तय करेंगी कि संगठन का प्रभाव किस स्तर तक पहुंचता है।
निष्कर्ष
CJP ने अपनी 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम का ऐलान करते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में
बड़ा कदम उठाया है। संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है,
जबकि सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
संगठन ने अगले छह महीनों में राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर
इकाइयां बनाने की योजना बताई है। वेबसाइट के जरिए
सदस्यता अभियान शुरू करने और छात्रों, युवाओं तथा श्रमिकों को जोड़ने की तैयारी है।
फिलहाल CJP को राजनीतिक दल में बदलने से इनकार किया गया है। संगठन का कहना है कि उसका ध्यान
जमीनी स्तर पर काम करने और शिक्षा, रोजगार तथा परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनदबाव बनाने पर रहेगा।
अब देखना होगा कि नई राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन के बाद CJP देशभर में अपने संगठन का
कितना विस्तार कर पाती है और आने वाले महीनों में उसके अभियान किस तरह आकार लेते हैं।
FAQ
Q1. CJP की नई राष्ट्रीय टीम में कितने सदस्य हैं?
CJP ने 12 लोगों की प्रमुख राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया है।
Q2. CJP का राष्ट्रीय संयोजक किसे बनाया गया है?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है।
Q3. CJP के राष्ट्रीय सह-संयोजक कौन हैं?
सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय सह-संयोजक बनाया गया है।
Q4. CJP फिलहाल राजनीतिक दल बनेगी या नहीं?
CJP की ओर से कहा गया है कि फिलहाल इसे राजनीतिक दल में बदलने की योजना नहीं है।
संगठन जमीनी स्तर पर काम करने पर जोर देगा।
Q5. CJP अगले छह महीनों में क्या करेगी?
संगठन के अनुसार, अगले छह महीनों में राज्य, लोकसभा और शहर स्तर पर समन्वय इकाइयां स्थापित करने की योजना है।
Q6. CJP सदस्यता अभियान कैसे शुरू करेगी?
संगठन ने वेबसाइट के जरिए सदस्यता अभियान शुरू करने की बात कही है,
जिसमें छात्र, युवा पेशेवर और श्रमिक जुड़ सकते हैं।
Q7. CJP झारखंड क्यों जाएगी?
CJP के अनुसार, उसका प्रतिनिधिमंडल झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में
कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात करेगा।
Q8. CJP किन मुद्दों पर काम करने की बात कह रही है?
संगठन शिक्षा, रोजगार, परीक्षा व्यवस्था और जनसरोकार से जुड़े
मुद्दों पर जमीनी स्तर पर काम करने की बात कह रहा है।
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