ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल
चंडीगढ़। जंतर-मंतर से जुड़े कथित आतंकी साजिश के मामले में पंजाब पुलिस के अलग-अलग बयानों के बाद विवाद गहरा गया है। पहले पुलिस की ओर से सामने आए दावे में कथित ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल के कुछ आरोपियों के जंतर-मंतर पहुंचने और वहां रेकी करने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस कमिश्नर के बयान को काट-छांटकर और भ्रामक तरीके से पेश किया गया। पुलिस ने साफ किया कि गिरफ्तार आरोपियों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच कोई संबंध नहीं बताया गया था। इसी विवाद के बीच अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को पद से हटा दिया गया है।
4 अगस्त को आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ का दावा
पंजाब पुलिस ने 4 अगस्त को अमृतसर में कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े दो सीमा पार आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने की जानकारी दी थी। इस कार्रवाई में चार नाबालिगों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई थी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, चार पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई थी। शुरुआती जांच में विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर युवाओं की भर्ती, हथियार जुटाने, सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी और पंजाब में अशांति फैलाने की साजिश का आरोप सामने आया था।
जंतर-मंतर को लेकर क्या था विवाद?
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस दावे को लेकर हुई, जिसमें जंतर-मंतर का जिक्र आया। पुलिस के शुरुआती बयान की व्याख्या इस तरह की गई कि कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे और वहां प्रदर्शन के दौरान हमले की योजना बना रहे थे।
बाद में पंजाब पुलिस ने इस व्याख्या पर सफाई दी। पुलिस के अनुसार कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो के चुनिंदा हिस्सों को लेकर ऐसी प्रस्तुति की, जिससे यह संदेश गया कि जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और कथित आतंकी मॉड्यूल के बीच सीधा संबंध था। पुलिस ने इस बात से इनकार किया।
पुलिस ने कहा- प्रदर्शनकारियों का आतंकी मॉड्यूल से कोई संबंध नहीं
पंजाब पुलिस के स्पष्टीकरण के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी जंतर-मंतर गए थे और वहां रेकी किए जाने की बात जांच में सामने आई थी। पुलिस का दावा था कि आरोपियों की कथित योजना पेट्रोल बम के जरिए प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की थी।
लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र या अन्य प्रदर्शनकारी इस कथित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा थे। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों और वहां चल रहे आंदोलन को जोड़ना गलत है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी पुलिस की नजर
पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को काटकर, बैकग्राउंड फुटेज बदलकर और भ्रामक कैप्शन के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। इससे मूल बयान का अलग अर्थ निकलने लगा।
पंजाब पुलिस ने कहा कि ऐसे भ्रामक वीडियो और पोस्ट फैलाने वालों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर हटाए गए
पूरे विवाद के बीच अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को उनके पद से हटा दिया गया। उनकी जगह बॉर्डर रेंज के DIG हरमनबीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। यह प्रशासनिक बदलाव विवाद के बीच हुआ है और इसके बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है।
आतंकी मॉड्यूल की जांच में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार जांच में रेलवे ट्रैक के पास निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। आरोप है कि इन कैमरों से प्राप्त फुटेज विदेशी हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी।
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार लोगों के कथित नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और अन्य गतिविधियों की जांच जारी रखने की बात कही है। रेलवे ट्रैक के पास लगाए गए कैमरों से जुड़े मामले की जांच सरकारी रेलवे पुलिस को सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
तीन अलग-अलग FIR दर्ज
इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से तीन अलग-अलग FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का
नेटवर्क कितना बड़ा था और कथित विदेशी संपर्कों की वास्तविक भूमिका क्या थी। इन
आरोपों की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
बयान बदलने को लेकर उठे सवाल
जंतर-मंतर विवाद में पुलिस के शुरुआती बयान और बाद में जारी किए गए
स्पष्टीकरण के बीच अंतर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले बयान की व्याख्या से
जहां जंतर-मंतर प्रदर्शन और कथित आतंकी मॉड्यूल के बीच संबंध की चर्चा शुरू हुई,
वहीं बाद में पुलिस ने साफ किया कि प्रदर्शनकारियों को इस मॉड्यूल से जोड़ना गलत है।
इसी घटनाक्रम के बीच अमृतसर पुलिस कमिश्नर का तबादला होने से विवाद और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
हालांकि, उनके हटाए जाने के पीछे प्रशासनिक निर्णय की पूरी वजह और इस विवाद से उसका सीधा संबंध किस स्तर तक है,
यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
अब आगे क्या?
फिलहाल कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच जारी है। पुलिस के सामने आरोपियों के नेटवर्क,
कथित विदेशी संपर्क, हथियारों की व्यवस्था और अन्य संभावित साजिशों की जांच की चुनौती है।
वहीं जंतर-मंतर से जुड़े विवाद में पंजाब पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि
वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों को कथित आतंकी मॉड्यूल से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर
वायरल दावों की सत्यता को लेकर भी जांच और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर विवाद को लेकर पंजाब पुलिस के शुरुआती दावे और बाद की
सफाई ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कथित
ISI समर्थित मॉड्यूल के आरोपियों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के
बीच कोई संबंध नहीं बताया गया था। इसी बीच अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर को पद से हटाए
जाने के बाद मामला और गंभीर चर्चा का विषय बन गया है।
अब आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कथित आतंकी मॉड्यूल की वास्तविक साजिश क्या थी,
आरोपियों के विदेशी संपर्क कितने गहरे थे और इस पूरे घटनाक्रम में सामने आए
विवादित बयानों की प्रशासनिक जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती ह
FAQ
1. जंतर-मंतर विवाद क्या है?
कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच के दौरान जंतर-मंतर का नाम
सामने आने के बाद विवाद हुआ। बाद में पंजाब पुलिस ने
स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों और गिरफ्तार आरोपियों के बीच कोई संबंध नहीं बताया गया था।
2. पंजाब पुलिस ने बाद में क्या सफाई दी?
पुलिस ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को चुनिंदा हिस्सों और भ्रामक कैप्शन के
साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया, जिससे बयान का गलत अर्थ निकला।
3. अमृतसर के पुलिस कमिश्नर कौन थे जिन्हें हटाया गया?
गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अमृतसर पुलिस कमिश्नर के पद से हटाया गया है।
4. कथित आतंकी मॉड्यूल में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
पुलिस के अनुसार चार नाबालिगों समेत कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
5. आरोपियों से क्या बरामद होने का दावा किया गया?
पुलिस के अनुसार तीन अवैध पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस, चार पेट्रोल बम और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई थी।
6. क्या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले लोग आतंकी मॉड्यूल से जुड़े थे?
पंजाब पुलिस ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि गिरफ्तार आरोपियों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच कोई संबंध नहीं था।
7. मामले की जांच अभी जारी है?
हां, पुलिस के अनुसार कथित मॉड्यूल, उसके नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित गतिविधियों की जांच जारी है।
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