Abhinandan Varthaman
साल 2019 में पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने के बाद देशभर में चर्चा में आए भारतीय वायुसेना के जांबाज अधिकारी ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना को अलविदा कह दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने इस साल 31 मार्च को IAF से विदाई ली। इसके बाद उनके एक निजी एयरलाइन कंपनी से जुड़ने की खबर सामने आई है। हालांकि, अभिनंदन वर्धमान या भारतीय वायुसेना की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा नहीं की गई है।
अभिनंदन वर्धमान का नाम देश के उन चुनिंदा सैन्य अधिकारियों में लिया जाता है, जिन्होंने मुश्किल हालात में असाधारण साहस और संयम का परिचय दिया। फरवरी 2019 में पाकिस्तान के साथ हवाई मुठभेड़ के दौरान उन्होंने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी F-16 को निशाना बनाया था। इसके बाद उनका विमान भी दुश्मन की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें पैराशूट के जरिए पाकिस्तान की सीमा के भीतर उतरना पड़ा। पाकिस्तान ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, लेकिन करीब 60 घंटे बाद उन्हें भारत को सौंप दिया गया।
22 साल से ज्यादा की सैन्य सेवा के बाद लिया फैसला
रिपोर्टों के अनुसार अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना में करीब 22 साल से ज्यादा समय तक सेवा की। वह 31 मार्च 2026 को IAF से अलग हुए। इसके बाद उनके गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन Fly91 से जुड़ने की खबरें सामने आई हैं।
Fly91 ने इस मामले में कर्मचारी की निजी जानकारी का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार किया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि एयरलाइन में अभिनंदन की सटीक भूमिका क्या होगी। हालांकि, उनकी सैन्य उड़ान पृष्ठभूमि को देखते हुए एविएशन क्षेत्र में उनके जाने की खबर ने लोगों का ध्यान खींचा है।
2019 में पाकिस्तान के F-16 को मार गिराकर बने थे सुर्खियों में
अभिनंदन वर्धमान की सबसे बड़ी पहचान फरवरी 2019 की उस हवाई मुठभेड़ से जुड़ी है, जिसने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को बेहद बढ़ा दिया था।
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में CRPF के 40 जवानों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाते हुए हवाई कार्रवाई की।
इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाकिस्तान की वायुसेना ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। इसी दौरान भारतीय और पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के बीच हवाई मुठभेड़ हुई। अभिनंदन उस समय MiG-21 Bison उड़ा रहे थे।
भारतीय पक्ष के अनुसार, इस मुठभेड़ के दौरान अभिनंदन ने पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराया। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान उनका MiG-21 भी दुश्मन की मिसाइल की चपेट में आ गया और उन्हें विमान से बाहर निकलना पड़ा। वह पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में जा गिरे और पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
करीब 60 घंटे बाद भारत लौटे थे अभिनंदन
अभिनंदन की गिरफ्तारी के बाद भारत में उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता बढ़ गई थी। पाकिस्तान ने कुछ समय बाद उन्हें रिहा करने का फैसला किया और 1 मार्च 2019 को वह भारत लौटे।
उनकी वापसी के दृश्य उस समय देशभर में चर्चा का विषय बने थे। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनका आत्मविश्वास और संयम लोगों के लिए प्रेरणा बन गया था।
भारतीय वायुसेना से जुड़े रिकॉर्ड के अनुसार, दुश्मन के इलाके में पहुंचने और हिरासत में लिए जाने के बावजूद अभिनंदन ने असाधारण धैर्य और साहस का प्रदर्शन किया।
वीर चक्र से हुए सम्मानित
अभिनंदन वर्धमान को उनकी वीरता के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह युद्धकाल में दिया जाने वाला भारत का तीसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है।
उनके पुरस्कार प्रशस्ति पत्र में हवाई मुठभेड़ के दौरान कर्तव्य के प्रति
असाधारण समर्पण और साहस का उल्लेख किया गया था।
उनकी बहादुरी के साथ-साथ उनकी सादगी और शांत व्यवहार ने भी लोगों के बीच
उनकी अलग पहचान बनाई। पाकिस्तान से लौटने के बाद उनका एक वीडियो खास तौर पर वायरल हुआ था,
जिसमें वह बेहद संयमित अंदाज में सवालों का जवाब देते नजर आए थे।
अभिनंदन की MiG-21 स्क्वाड्रन भी हुई थी रिटायर
अभिनंदन वर्धमान जिस MiG-21 स्क्वाड्रन का हिस्सा थे, वह भी बाद में भारतीय
वायुसेना के पुराने लड़ाकू विमानों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनी।
वह श्रीनगर स्थित नंबर 51 स्क्वाड्रन, जिसे ‘स्वॉर्ड आर्म्स’ के नाम से जाना जाता था, का हिस्सा रहे थे।
2019 की हवाई मुठभेड़ में इसी स्क्वाड्रन के MiG-21 Bison से उन्होंने पाकिस्तान के
F-16 को निशाना बनाया था। यह स्क्वाड्रन सितंबर 2022 में रिटायर कर दी गई।
MiG-21 भारतीय वायुसेना के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले
लड़ाकू विमानों में शामिल रहा। इसे धीरे-धीरे आधुनिक लड़ाकू विमानों से बदला गया।
अब निजी एविएशन में नजर आ सकते हैं
भारतीय वायुसेना से विदाई के बाद अभिनंदन वर्धमान के निजी एविएशन क्षेत्र में जाने की खबर सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार वह Fly91 से जुड़े हैं। यह गोवा स्थित क्षेत्रीय
एयरलाइन है, जिसने मार्च 2024 में अपना परिचालन शुरू किया था। कंपनी के
पास ATR 72-600 विमान हैं और गोवा तथा हैदराबाद उसके परिचालन केंद्र बताए जाते हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उनकी नई भूमिका को लेकर अभी विस्तृत
आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि
वह एयरलाइन में किस पद पर या किस तरह की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अभिनंदन वर्धमान का सफर क्यों है खास?
अभिनंदन की कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि इसमें सैन्य साहस, विपरीत
परिस्थितियों में संयम और देश के प्रति समर्पण तीनों दिखाई देते हैं। एक ओर उन्होंने हवाई
युद्ध के दौरान दुश्मन के विमान को निशाना बनाया, वहीं दूसरी ओर
विमान गिरने के बाद दुश्मन के कब्जे में होने के बावजूद अपना धैर्य नहीं खोया।
उनकी कहानी भारतीय वायुसेना के उस जज्बे का उदाहरण बन गई,
जिसमें चुनौती कितनी भी बड़ी हो, जिम्मेदारी और कर्तव्य सर्वोपरि रहते हैं।
22 साल की सेवा के बाद नया अध्याय
अभिनंदन वर्धमान का भारतीय वायुसेना से अलग होना उनके सैन्य करियर का अंत जरूर है,
लेकिन एविएशन से उनका रिश्ता खत्म नहीं होने वाला है। यदि निजी एयरलाइन से जुड़ने की रिपोर्टें सही हैं,
तो अब उनके करियर का एक नया अध्याय शुरू होगा।
देश के लोगों के लिए अभिनंदन केवल एक पूर्व वायुसेना
अधिकारी नहीं, बल्कि 2019 की उस घटना के प्रतीक हैं, जब
एक भारतीय पायलट ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस और संयम का परिचय दिया था।
अभिनंदन वर्धमान का IAF से जाना भारतीय वायुसेना में उनके लंबे सफर का समापन है,
लेकिन उनके साहस की कहानी आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे समय तक याद की जाती रहेगी।
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