दिल्ली के किलोकरी गांव में
राजधानी दिल्ली में मामूली विवाद के बाद एक मणिपुरी संगीतकार की मौत का मामला सामने आया है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह पर कथित तौर पर उस समय हमला किया गया, जब उन्होंने घर के आसपास हो रहे शोर-शराबे पर आपत्ति जताई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद कुछ लोग उनका पीछा करते हुए अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल तक पहुंचे और वहां उन्हें घेरकर पीटा। गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कूड़ा फेंकने निकले थे विक्रम सिंह
घटना रविवार देर रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह अपने फ्लैट से कूड़ा फेंकने के लिए नीचे आए थे। इसी दौरान उन्हें घर के पास स्थित दो ढाबों से जुड़े कुछ कर्मचारियों के शोर-शराबे की आवाज सुनाई दी।
बताया गया है कि उन्होंने कथित तौर पर वहां मौजूद लोगों को शोर कम करने के लिए टोका। इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। शुरुआती विवाद कुछ ही देर में कथित मारपीट में बदल गया।
तीसरी मंजिल तक किया पीछा
मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि बहस के बाद विक्रम सिंह जब अपने घर की ओर लौटने लगे तो आरोपियों ने उनका पीछा किया। पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, समूह तीसरी मंजिल तक पहुंचा और अपार्टमेंट के कॉरिडोर में विक्रम सिंह को घेर लिया।
आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी समेत अन्य माध्यमों से संदिग्धों की पहचान की।
अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं बच सकी जान
हमले की सूचना मिलने के बाद पुलिस को सोमवार तड़के करीब 1:38 बजे जानकारी मिली। विक्रम सिंह के बेटे उन्हें इलाज के लिए ओखला स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
हालांकि, उनकी हालत बेहद गंभीर थी। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत गंभीर चोटों के कारण हुई और पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा है।
कौन थे चोंगथम विक्रम सिंह?
चोंगथम विक्रम सिंह सिर्फ एक संगीत शिक्षक ही नहीं बल्कि मणिपुर के चर्चित गिटारवादकों में शामिल थे। उन्होंने कई सालों तक संगीत की दुनिया में योगदान दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, वह पिछले करीब 17 वर्षों से दिल्ली में संगीत सिखा रहे थे।
विक्रम सिंह का संबंध मणिपुर के रॉक म्यूजिक सीन से भी रहा। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उन्होंने 1980 के दशक में बैंड Phoenix में लीड गिटारिस्ट की भूमिका निभाई थी और बाद में संगीत शिक्षण के क्षेत्र में सक्रिय रहे।
उनकी मौत को मणिपुर के संगीत और सांस्कृतिक समुदाय के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
सात आरोपी गिरफ्तार, एक किशोर भी हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, विजय, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा और मन्नू शामिल हैं। इसके अलावा 15 वर्षीय एक किशोर को भी पकड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग आसपास के ढाबों में डिलीवरी का काम करते थे, जबकि कुछ पैकेजिंग और दूसरे काम से जुड़े बताए गए हैं।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह हिंसक हमले में बदल गया।
CCTV फुटेज से सामने आई अहम जानकारी
जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, फुटेज में कथित हमले के बाद
आठ लोगों को सीढ़ियों से नीचे आते हुए देखा गया। पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी
इस घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर साझा कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस ने भी आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी, तकनीकी निगरानी और
स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद कैंडल मार्च, न्याय की मांग
विक्रम सिंह की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मणिपुरी समुदाय में
नाराजगी देखने को मिली। सोमवार शाम किलोकरी गांव में करीब 100 लोग एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेताओं ने
घटना पर दुख जताते हुए निष्पक्ष और तेज जांच की मांग की है।
मामूली विवाद से मौत तक पहुंची बात
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि रोजमर्रा के छोटे विवाद
किस तरह गंभीर हिंसा में बदल सकते हैं। हालांकि पुलिस जांच अभी जारी है और
घटना के पूरे क्रम को कानूनी जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से स्थापित किया जा सकेगा।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के
आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अदालत में आरोप साबित होना अभी बाकी है।
परिवार और संगीत जगत में शोक
विक्रम सिंह की मौत से उनके परिवार के साथ-साथ दिल्ली और मणिपुर के
संगीत समुदाय में भी शोक है। लंबे समय तक संगीत सिखाने वाले विक्रम सिंह से
जुड़े लोगों ने उन्हें एक समर्पित कलाकार और शिक्षक के रूप में याद किया है।
उनकी मौत के बाद उठी न्याय की मांग अब पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पर केंद्रित है।
आने वाले दिनों में जांच से सामने आने वाली जानकारी इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट कर सकती है।
FAQ
सवाल 1: चोंगथम विक्रम सिंह कौन थे?
चोंगथम विक्रम सिंह 54 वर्षीय मणिपुरी गिटारवादक और संगीत शिक्षक थे।
वह करीब 17 वर्षों से दिल्ली में संगीत सिखा रहे थे।
सवाल 2: विक्रम सिंह की हत्या कैसे हुई?
आरोप है कि घर के आसपास शोर-शराबे का विरोध करने के बाद कुछ लोगों ने उनका पीछा किया और
अपार्टमेंट के कॉरिडोर में उनके साथ मारपीट की। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सवाल 3: घटना कहां हुई?
यह घटना दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में हुई।
सवाल 4: मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक 15 वर्षीय किशोर को भी पकड़ा गया है।
सवाल 5: विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था?
रिपोर्ट के अनुसार, विक्रम सिंह ने घर के पास हो रहे कथित शोर-
शराबे पर आपत्ति जताई थी। इसी के बाद विवाद बढ़ा।
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