पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर को लेकर बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की 2026 की नई रेड बुक में मसूद अजहर को मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ ही उसकी गिरफ्तारी या उसके बारे में जानकारी देने पर मिलने वाले इनाम की राशि बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दी गई है।
यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अक्टूबर में Financial Action Task Force (FATF) की अहम बैठक प्रस्तावित है। FATF आतंकवाद के वित्तपोषण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में देशों की व्यवस्थाओं और कार्रवाई की समीक्षा करता है। इसलिए पाकिस्तान के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय दबाव के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
FIA की रेड बुक में शामिल हुआ मसूद अजहर का नाम
पाकिस्तान की FIA हर साल हाई-प्रोफाइल और मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों से संबंधित रेड बुक जारी करती है। 2026 की सूची में मसूद अजहर का नाम भी शामिल किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसके ऊपर पहले घोषित इनाम की राशि को बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये किया गया है।
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की एजेंसी ने मसूद अजहर के बारे में इनाम घोषित किया हो। इससे पहले भी उसकी गिरफ्तारी से जुड़ी सूचना देने के लिए इनाम रखा गया था। अब राशि में बढ़ोतरी की गई है।
हालांकि, इस कदम को लेकर सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि मसूद अजहर की मौजूदगी को लेकर पाकिस्तान और दूसरे पक्षों के दावों में लंबे समय से अंतर रहा है।
FATF बैठक से पहले क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
मसूद अजहर के खिलाफ पाकिस्तान की यह कार्रवाई FATF की आगामी बैठक से पहले सामने आई है। पाकिस्तान पहले भी FATF की निगरानी का सामना कर चुका है और 2018 से 2022 के बीच वह ग्रे लिस्ट में रहा था। आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और संबंधित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई FATF की प्रमुख चिंताओं में रही हैं।
कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तान के ताजा कदम को FATF के संदर्भ में रणनीतिक कदम बताया गया है। हालांकि, यह कहना कि इस कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य FATF की कार्रवाई से बचना है, एक विश्लेषण है और इसे आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान की मंशा के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने के दावे पर भी सवाल
मसूद अजहर की लोकेशन को लेकर भी विवाद बना हुआ है। पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि वह देश से बाहर जाकर अफगानिस्तान में हो सकता है। लेकिन हाल ही में अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में मौजूद नहीं है।
इस बयान के बाद मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान के पुराने दावों पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि उसकी वास्तविक वर्तमान लोकेशन के संबंध में अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए बिना स्वतंत्र पुष्टि के किसी एक जगह को निश्चित रूप से उसकी मौजूदगी का स्थान बताना उचित नहीं होगा।
संयुक्त राष्ट्र ने 2019 में घोषित किया था वैश्विक आतंकी
मसूद अजहर लंबे समय से भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से जुड़े मामलों के कारण चर्चा में रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने मई 2019 में उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। भारत में उसका नाम कई बड़े आतंकवादी मामलों से जुड़ा रहा है।
भारत सरकार के दस्तावेजों में भी मसूद अजहर को आतंकवाद से जुड़े मामलों में नामित किया गया है। इनमें पठानकोट हमला और 2019 का पुलवामा हमला जैसे मामले शामिल हैं।
पाकिस्तान के कदम पर अब सबकी नजर
मसूद अजहर को रेड बुक में शामिल करने और उस पर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये का इनाम बढ़ाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है।
एक तरफ पाकिस्तान इसे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश कर सकता है, वहीं दूसरी तरफ FATF बैठक से ठीक पहले समय को देखते हुए इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा भी हो सकती है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह केवल सूची और इनाम बढ़ाने तक सीमित रहेगा या पाकिस्तान वास्तव में मसूद अजहर के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगा। आने वाले समय में FATF की समीक्षा और पाकिस्तान की आगे की कार्रवाई से इस कदम की गंभीरता का आकलन किया जा सकेगा।
FAQ
मसूद अजहर पर पाकिस्तान ने कितना इनाम रखा है?
रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान ने मसूद अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख पाकिस्तानी रुपये कर दिया है।
मसूद अजहर किस संगठन का प्रमुख है?
मसूद अजहर को जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख और संस्थापक बताया जाता है।
मसूद अजहर का नाम कहां शामिल किया गया है?
उसका नाम पाकिस्तान की FIA की 2026 की रेड बुक में मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों की सूची में शामिल किया गया है।
क्या मसूद अजहर अफगानिस्तान में है?
इस पर अलग-अलग दावे रहे हैं। हाल में अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उसके अफगानिस्तान में होने के दावे को खारिज किया है।
