उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं। जगह-जगह जलभराव, पेड़ गिरने और कच्चे मकानों की दीवारें ढहने की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले 48 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 15 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
यूपी में अगले 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने मौसम तंत्र के प्रभाव से बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसका प्रभाव अधिक रहने का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मध्य और तराई क्षेत्र के कुछ जलग्रहण इलाकों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बताया गया है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
लगातार बारिश ने प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
भारी बारिश के साथ कई इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिली है। इससे पेड़ गिरने और मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं हुई हैं।
बारिश से 48 घंटे में 15 लोगों की मौत
भारी बारिश के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हादसों की सूचना सामने आई है। पिछले 48 घंटे में बारिश से संबंधित घटनाओं में 15 लोगों की जान गई, जबकि शनिवार को ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में 10 मौत और 17 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी।
बारिश और तेज हवाओं के कारण 117 मकानों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। कई क्षेत्रों में फसलों पर भी बारिश का असर पड़ा है।
गोरखपुर समेत इन जिलों में सतर्कता
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन को कई जिलों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, अयोध्या, गोंडा, लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली समेत कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
गोरखपुर में भी लगातार बारिश के बाद कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का खतरा?
मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमानों में श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर जैसे क्षेत्रों के लिए गंभीर बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है।
इसके अलावा लखनऊ, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं सहित कई जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
तेज हवा और आकाशीय बिजली का भी खतरा
बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान खेतों, खुले मैदानों और जलाशयों के आसपास जाने से बचना चाहिए।
जलभराव से जनजीवन प्रभावित
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में सड़कें पानी से भर गई हैं।
कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ है। निचले इलाकों में पानी जमा होने से
लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और घरों तक पानी पहुंचने से परेशानी बढ़ी है।
स्थानीय प्रशासन जलभराव और संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा बारिश के पीछे सक्रिय मौसम तंत्र और उससे जुड़ी
नमी की महत्वपूर्ण भूमिका है। IMD के पूर्वानुमान में भी
उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और बाढ़ के खतरे के बीच लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए।
निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देना चाहिए।
आंधी और बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर रहना, बिजली के उपकरणों को
सावधानी से इस्तेमाल करना और टूटे बिजली तारों से दूर रहना जरूरी है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो गया है।
भारी बारिश, जलभराव, तेज हवाओं और अचानक बाढ़ के खतरे को देखते हुए
कई जिलों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के
अनुसार आने वाले घंटों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।
FAQ
1. उत्तर प्रदेश में भारी बारिश कब तक जारी रह सकती है?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर के दौरान राज्य के
कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
2. यूपी में बारिश से कितनी मौतें हुई हैं?
उपलब्ध 27 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 48 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में
15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
3. क्या गोरखपुर में भी बारिश का अलर्ट है?
हां। गोरखपुर उन जिलों में शामिल है जहां भारी बारिश और अचानक
बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
4. यूपी में फ्लैश फ्लड का खतरा किन क्षेत्रों में है?
मध्य और तराई उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।
5. भारी बारिश में लोगों को क्या करना चाहिए?
अनावश्यक यात्रा से बचें, निचले इलाकों से सावधान रहें, आकाशीय बिजली के
दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें
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