DRI ने मुंबई में
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने देशभर में विदेशी मूल के सोने की कथित तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, यह नेटवर्क भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए देश में लाए जा रहे विदेशी सोने को अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने के लिए कुरियर नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहा था।
DRI की मुंबई जोनल यूनिट ने इस मामले में कई शहरों में कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 6.61 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये बताई गई है।
नौ महीने में 318 किलो सोने की आवाजाही का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट ने वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में लगभग 318 किलोग्राम विदेशी सोना देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया। इस सोने की अनुमानित कीमत करीब 475 करोड़ रुपये बताई गई है।
DRI का कहना है कि तस्करी के सोने को छोटे-छोटे पार्सल के रूप में कुरियर नेटवर्क के माध्यम से आगे भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में अलग-अलग शहरों में मौजूद लोगों की भूमिका होने की बात सामने आई है।
भारत-बांग्लादेश सीमा से देश के अलग-अलग शहरों तक नेटवर्क
प्रारंभिक जांच के मुताबिक विदेशी मूल का सोना पश्चिम बंगाल और असम के रास्ते भारत में लाया जाता था। इसके बाद इसे कुरियर के माध्यम से मुंबई, दिल्ली, अहमदाबाद और अन्य स्थानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी।
DRI ने इस पूरे नेटवर्क के खिलाफ ‘ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट’ नाम से कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान एजेंसी ने कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों और सोने की डिलीवरी व्यवस्था के बारे में जानकारी जुटाई।
10.36 करोड़ रुपये का सोना जब्त
कार्रवाई के दौरान DRI ने 6.61 किलोग्राम विदेशी मूल की सोने की ईंटें बरामद कीं। इनकी अनुमानित कीमत 10.36 करोड़ रुपये बताई गई है।
एजेंसी ने इस मामले में कथित मुख्य सूत्रधार समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ सीमा शुल्क कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है।
कुरियर नेटवर्क के जरिए होती थी डिलीवरी
जांच में सामने आया है कि कथित तस्करी नेटवर्क में सोने को सीधे बड़े कंसाइनमेंट के
बजाय छोटे-छोटे कुरियर पार्सल के जरिए भेजने की व्यवस्था थी।
इससे सोने को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने का नेटवर्क तैयार किया गया था।
DRI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और
विदेशी सोने की आपूर्ति का पूरा स्रोत क्या था।
जांच अभी जारी
DRI की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। एजेंसी कथित नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन,
सोने की आपूर्ति के स्रोत, डिलीवरी चैनल और अंतिम प्राप्तकर्ताओं की भूमिका की जांच कर रही है।
फिलहाल 11 लोगों की गिरफ्तारी और 6.61 किलोग्राम सोने की जब्ती इस मामले में सामने
आई प्रमुख कार्रवाई है। आगे की जांच के आधार पर
तस्करी की पूरी श्रृंखला और उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
FAQ
सवाल: DRI ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
जवाब: DRI के अनुसार इस कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
सवाल: कितने सोने की बरामदगी हुई है?
जवाब: कार्रवाई के दौरान करीब 6.61 किलोग्राम विदेशी मूल का सोना जब्त किया गया है।
सवाल: जब्त सोने की कीमत कितनी है?
जवाब: जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब 10.36 करोड़ रुपये बताई गई है।
सवाल: 318 किलो सोने का मामला क्या है?
जवाब: DRI के अनुसार कथित सिंडिकेट ने 2026 के शुरुआती नौ महीनों में करीब 318 किलोग्राम विदेशी सोना,
जिसकी अनुमानित कीमत 475 करोड़ रुपये है, कुरियर नेटवर्क के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया।
सवाल: सोना भारत में किस रास्ते से लाए जाने का आरोप है?
जवाब: प्रारंभिक जांच के अनुसार सोना भारत-बांग्लादेश सीमा से पश्चिम बंगाल और असम के रास्ते देश में लाया जाता था।
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