ड्रीम ओलंपिक्स योजना शुरू
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए नई पहल शुरू की है। चेन्नई में आयोजित एक समारोह में उन्होंने एशियन गेम्स 2026 और 46वें चेस ओलंपियाड में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इसी कार्यक्रम में ‘ड्रीम ओलंपिक्स’ पहल की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य तमिलनाडु के खिलाड़ियों को भविष्य के ओलंपिक खेलों के लिए तैयार करना है।
तमिलनाडु सरकार ने एशियन गेम्स के पदक विजेताओं के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की घोषणा की है। नई दरों के अनुसार, स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 75 लाख रुपये, रजत पदक विजेता को 50 लाख रुपये और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 30 लाख रुपये दिए जाएंगे। सरकार ने इस कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को नकद प्रोत्साहन राशि के चेक भी सौंपे।
एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को कितनी मिलेगी राशि?
तमिलनाडु सरकार ने एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी की है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।
नई घोषित दरों का विवरण इस प्रकार है:
- स्वर्ण पदक: 75 लाख रुपये।
- रजत पदक: 50 लाख रुपये।
- कांस्य पदक: 30 लाख रुपये।
इससे पहले राज्य में एशियन गेम्स के पदक विजेताओं के लिए प्रोत्साहन राशि क्रमशः 50 लाख, 30 लाख और 20 लाख रुपये थी। नई दरों से खिलाड़ियों को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।
सरकार ने विभिन्न टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए भी प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है। पुरुष टीम की रजत पदक उपलब्धि पर प्रत्येक खिलाड़ी को 15 लाख रुपये और महिला टीम की कांस्य पदक उपलब्धि पर प्रत्येक खिलाड़ी को 10 लाख रुपये दिए गए।
क्रिकेटर वॉशिंगटन सुंदर को मिले 75 लाख रुपये
तमिलनाडु के क्रिकेटर वॉशिंगटन सुंदर को भी सम्मान समारोह में 75 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई। वह एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का हिस्सा थे।
वॉशिंगटन सुंदर भारतीय क्रिकेट में अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। एशियन गेम्स में भारतीय टीम की स्वर्ण पदक उपलब्धि के बाद राज्य सरकार ने उन्हें सम्मानित किया।
यह पुरस्कार खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की नीति का हिस्सा है। टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि निर्धारित नियमों और उनकी उपलब्धियों के आधार पर तय की जाती है।
जी. कमलिनी और आर. प्रज्ञानानंद भी सम्मानित
समारोह में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्वर्ण पदक विजेता सदस्य जी. कमलिनी को भी सम्मानित किया गया। मदुरै की विकेटकीपर-बल्लेबाज कमलिनी ने एशियन गेम्स में भारतीय टीम की उपलब्धि में योगदान दिया।
इसके अलावा, चेस ओलंपियाड में पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने भी राज्य सरकार के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
चेस ओलंपियाड में सम्मानित खिलाड़ियों के लिए भी नकद प्रोत्साहन राशि दी गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुरुष खिलाड़ियों के लिए 15 लाख रुपये और महिला खिलाड़ियों के लिए 10 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई थी।
समारोह में खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उनके प्रशिक्षण, मेहनत और भविष्य की तैयारी को भी महत्व दिया गया।
क्या है ‘ड्रीम ओलंपिक्स’ योजना?
‘ड्रीम ओलंपिक्स’ तमिलनाडु सरकार की खेल पहल है। इसका उद्देश्य राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक और अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
इस पहल के तहत एशियन गेम्स, पैरा एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स और पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं को प्रशिक्षण के लिए सालाना 50 लाख रुपये तक की सहायता और हर महीने एक लाख रुपये का वजीफा देने की व्यवस्था की घोषणा की गई है।
*इस तरह की सहायता से खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, फिटनेस, खेल उपकरण, कोचिंग और प्रतियोगिताओं की तैयारी में मदद मिल सकती है। योजना के तहत सहायता की पात्रता और भुगतान की शर्तें संबंधित सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार लागू होंगी।
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य खिलाड़ियों को आर्थिक चिंताओं से राहत देकर उनके खेल प्रदर्शन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने का अवसर देना है।
2028 और 2036 ओलंपिक पर सरकार की नजर
तमिलनाडु सरकार का लक्ष्य राज्य के खिलाड़ियों को 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2036 ओलंपिक के संभावित आयोजन चक्र के लिए तैयार करना है।
ओलंपिक में पदक जीतने के लिए प्रतिभा के साथ लंबे समय तक प्रशिक्षण, अनुभवी कोच, आधुनिक खेल सुविधाएं, पोषण, फिटनेस और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी जरूरी होती है।
‘ड्रीम ओलंपिक्स’ जैसी पहल का उद्देश्य इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को लगातार समर्थन उपलब्ध कराना है। हालांकि, किसी योजना की वास्तविक सफलता का आकलन उसके क्रियान्वयन, खिलाड़ियों की प्रगति और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर
तमिलनाडु के खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने राज्य में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की
आवश्यकता पर जोर दिया। खेल ढांचे में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र, बेहतर स्टेडियम, पुनर्वास सुविधाएं और
खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त आवास जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
सरकार ने सभी 38 जिलों में खेल छात्रावास विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया है।
इसके अतिरिक्त, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष सुविधाओं और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की खेलों में
भागीदारी को बढ़ावा देने से संबंधित योजनाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
ऐसी सुविधाएं खिलाड़ियों को अपने जिले और राज्य में प्रशिक्षण के अवसर
उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं। इससे उन प्रतिभाशाली युवाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है,
जिन्हें बेहतर प्रशिक्षण के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता है।
खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता क्यों जरूरी है?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण, यात्रा,
पोषण और फिटनेस पर काफी खर्च करना पड़ सकता है। कई खेलों में
विशेष उपकरण और नियमित विदेशी प्रशिक्षण की भी जरूरत होती है।
आर्थिक सहायता मिलने से खिलाड़ियों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला खर्च कम हो सकता है।
इससे खिलाड़ी लंबे समय तक प्रशिक्षण जारी रख सकते हैं और
महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
हालांकि, आर्थिक पुरस्कारों के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता, खेल विज्ञान, प्रशिक्षकों की
उपलब्धता और प्रतियोगिताओं में नियमित अवसर भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इन सभी पहलुओं पर
लगातार काम करने से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने में सहायता मिल सकती है।
निष्कर्ष
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने ‘ड्रीम ओलंपिक्स’ पहल शुरू करते हुए
एशियन गेम्स 2026 और चेस ओलंपियाड के पदक विजेताओं को
सम्मानित किया। राज्य सरकार ने एशियन गेम्स के स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए
75 लाख, रजत पदक विजेताओं के लिए 50 लाख और
कांस्य पदक विजेताओं के लिए 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि घोषित की है।
वॉशिंगटन सुंदर और जी. कमलिनी जैसे खिलाड़ियों को सम्मानित करना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की
प्रतियोगिताओं के लिए आर्थिक सहायता की व्यवस्था करना राज्य की खेल नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अब इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, सुविधाएं और सहायता कितनी प्रभावी तरीके से मिलती है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. ड्रीम ओलंपिक्स योजना किस राज्य ने शुरू की है?
यह योजना तमिलनाडु सरकार ने शुरू की है। इसका उद्देश्य राज्य के
खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक के लिए तैयार करना है।
2. एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने पर कितनी राशि मिलेगी?
तमिलनाडु सरकार की घोषित नई दर के अनुसार, स्वर्ण पदक विजेता को 75 लाख रुपये दिए जाएंगे।
3. सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल विजेताओं को कितना पुरस्कार मिलेगा?
रजत पदक विजेता को 50 लाख रुपये और कांस्य पदक विजेता को
30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है।
4. वॉशिंगटन सुंदर को कितनी राशि दी गई?
एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य वॉशिंगटन
सुंदर को 75 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
5. ड्रीम ओलंपिक्स योजना में कितनी आर्थिक सहायता का प्रावधान है?
घोषित पहल के तहत पात्र पदक विजेताओं को प्रशिक्षण के लिए सालाना 50 लाख रुपये तक की
सहायता और हर महीने एक लाख रुपये का वजीफा देने की व्यवस्था बताई गई है।
वास्तविक पात्रता संबंधित सरकारी दिशानिर्देशों पर निर्भर करेगी।
6. तमिलनाडु सरकार का ओलंपिक को लेकर क्या लक्ष्य है?
सरकार का लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2036 ओलंपिक के
लिए राज्य के खिलाड़ियों की तैयारी को मजबूत करना है।
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