अनुप्रिया नागर ने Apple में
Hanuman Ansh Movie Success Story: कभी विदेश में अच्छी नौकरी करने का सपना देखने वाली 21 वर्षीय अनुप्रिया नागर की जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया कि उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी फिल्म बनाने में लगा दी। Apple में नौकरी के इंटरव्यू में असफल होने के बाद उन्होंने नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़ने का फैसला किया। इस फिल्म में उन्होंने करीब 50 से 55 लाख रुपये निवेश किए। शुरुआत में परिवार को उनका फैसला जोखिम भरा लगा, लेकिन बाद में यही फिल्म दुनियाभर में 452 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई करने में सफल रही। अनुप्रिया की यह कहानी आज युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है
Apple में नौकरी का सपना टूटा, फिर बदल गई जिंदगी
अनुप्रिया नागर कभी दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल Apple में नौकरी करना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने इंटरव्यू भी दिया, लेकिन दूसरे राउंड में उनका चयन नहीं हो पाया। हालांकि, इस असफलता के बाद उन्होंने हार नहीं मानी।
अनुप्रिया ने ब्रिटेन से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की थी और ज्यूरिख में उनके पास अच्छी नौकरी का अवसर भी था। परिवार को उम्मीद थी कि वह विदेश में अपना करियर बनाएंगी और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य तैयार करेंगी।
लेकिन अनुप्रिया के मन में कुछ अलग करने की इच्छा थी। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक असफल इंटरव्यू और एक आध्यात्मिक स्थल से जुड़ी जानकारी उनकी जिंदगी की दिशा बदल देगी।
स्टीव जॉब्स की कहानी से नीम करोली बाबा तक पहुंचीं अनुप्रिया
अनुप्रिया की जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब वह Apple के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स के जीवन और उनके व्यावसायिक सफर के बारे में पढ़ रही थीं।
इस दौरान उन्हें पता चला कि स्टीव जॉब्स भारत आए थे और उत्तराखंड स्थित कैंची धाम में नीम करोली बाबा से जुड़े आध्यात्मिक अनुभवों से प्रभावित हुए थे।
इस जानकारी ने अनुप्रिया के मन में नीम करोली बाबा के जीवन और उनके विचारों को जानने की उत्सुकता पैदा की। इसके बाद वह उत्तराखंड के कैंची धाम पहुंचीं। धीरे-धीरे उनकी आस्था नीम करोली बाबा के प्रति बढ़ती गई।
अनुप्रिया को महसूस हुआ कि भारत के इस महान संत की जीवन यात्रा और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहिए। इसी सोच ने उन्हें फिल्म निर्माण की दुनिया की ओर आकर्षित किया।
‘हनुमान अंश’ फिल्म में लगा दी जिंदगीभर की कमाई
अनुप्रिया नागर की मुलाकात फिल्म निर्माता और निर्देशक विशाल चतुर्वेदी से हुई। उस समय नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ तैयार की जा रही थी।
अनुप्रिया को जब इस फिल्म की कहानी के बारे में पता चला तो उन्होंने इसकी स्क्रिप्ट पढ़ने की इच्छा जताई। बताया जाता है कि उन्होंने करीब 120 पन्नों की स्क्रिप्ट एक ही बार में पढ़ ली।
कहानी से भावनात्मक जुड़ाव होने के बाद उन्होंने फिल्म से जुड़ने का फैसला किया। उस समय फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए पैसों की जरूरत थी।
फिल्म का शुरुआती बजट लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताया गया था। तीन निर्माताओं में शामिल अनुप्रिया ने अपनी बचत से करीब 50 से 55 लाख रुपये इसमें निवेश कर दिए।
यह पैसा उन्होंने ब्रिटेन में पढ़ाई के दौरान तीन साल तक पार्ट टाइम काम करके बचाया था।
बेटी के फैसले से घबरा गए पिता, बोले- कहीं भटक तो नहीं गई?
जब अनुप्रिया ने अपने पिता को बताया कि वह विदेश में अच्छी नौकरी करने के बजाय फिल्म निर्माण में अपनी पूरी बचत लगाने जा रही हैं, तो परिवार हैरान रह गया।
उनके पिता को यह फैसला समझ नहीं आया। उन्होंने सोचा कि ब्रिटेन से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई करने, ज्यूरिख में अच्छी नौकरी मिलने और बेहतर भविष्य का अवसर होने के बावजूद बेटी फिल्म इंडस्ट्री में पैसा क्यों लगा रही है?
अनुप्रिया ने एक बातचीत में बताया कि उनके पिता को लगा कि शायद उनकी बेटी रास्ता भटक गई है।
पिता की चिंता की एक बड़ी वजह यह भी थी कि फिल्म इंडस्ट्री में परिवार का कोई परिचित नहीं था। ऐसे में बेटी की वर्षों की कमाई एक ऐसी फिल्म में लगाना, जिसकी सफलता की कोई गारंटी नहीं थी, परिवार के लिए बड़ा जोखिम था।
हालांकि, धीरे-धीरे माता-पिता ने अनुप्रिया के फैसले को समझा और उनका समर्थन करना शुरू कर दिया।
ओटीटी नहीं, सिनेमाघरों में रिलीज करने का लिया फैसला
फिल्म निर्माण के दौरान टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि ‘हनुमान अंश’ को सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाए या सिनेमाघरों में उतारा जाए।
कई लोगों की सलाह थी कि फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना बेहतर रहेगा। लेकिन अनुप्रिया और उनके परिवार का मानना था कि इस कहानी को बड़े पर्दे पर दर्शकों तक पहुंचना चाहिए।
अनुप्रिया का विश्वास था कि अगर फिल्म तत्काल सफल नहीं भी हुई तो भविष्य में लोग इसे जरूर देखेंगे। वह चाहती थीं कि नई पीढ़ी नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक विचारों से परिचित हो।
आखिरकार फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला लिया गया।
शुरुआत में फ्लॉप मानी जा रही थी फिल्म
‘हनुमान अंश’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुरुआत में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर खास प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पहले सप्ताह में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई एक करोड़ रुपये से कुछ अधिक रही। दूसरे सप्ताह में इसकी स्क्रीन की संख्या घटकर लगभग 30 रह गई और कमाई करीब 70 लाख रुपये तक सिमट गई।
ऐसा लग रहा था कि फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों से बाहर हो जाएगी।
लेकिन तीसरे रविवार से फिल्म की किस्मत बदलने लगी। दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी और एक दिन में फिल्म ने एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। रविवार को इसका कलेक्शन करीब 2.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
इसके बाद फिल्म को दर्शकों का लगातार समर्थन मिलने लगा और इसकी कमाई में तेजी आती गई।
2 करोड़ से कम बजट में बनी फिल्म ने कमाए 452 करोड़ से ज्यादा
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन रहा।
लगभग 2 करोड़ रुपये से कम के शुरुआती बजट में बनी
इस फिल्म ने दुनियाभर में 452 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया।
रिलीज के लगभग 83 दिन बाद भी फिल्म की कमाई चर्चा में बनी हुई थी।
एक ऐसी फिल्म जिसे शुरुआत में सीमित दर्शक मिले और जिसके शो तक कम कर दिए गए थे,
उसने बाद में शानदार सफलता हासिल की।
हालांकि, बॉक्स ऑफिस पर बताई गई कमाई और निर्माताओं के वास्तविक मुनाफे में अंतर होता है।
फिल्म की कुल कमाई को सीधे किसी एक निर्माता की व्यक्तिगत कमाई नहीं माना जा सकता।
पिता के लिए थिएटर में नहीं मिली एक भी सीट
अनुप्रिया की इस सफलता की कहानी का सबसे भावुक हिस्सा उनके पिता से जुड़ा है।
फिल्म रिलीज होने के शुरुआती दो सप्ताह के दौरान उनके पिता लंदन में थे।
इस वजह से वह सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देख पाए।
जब वह भारत लौटे तो फिल्म की लोकप्रियता काफी बढ़ चुकी थी। मुंबई के
सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही थी और कई जगह हाउसफुल के बोर्ड लगे थे।
अनुप्रिया ने बताया कि वह अपने पिता के लिए मुंबई के किसी भी
थिएटर में एक सीट तक बुक नहीं कर पाईं।
जिस फिल्म में पैसा लगाने के फैसले पर कभी पिता को चिंता हुई थी,
उसी फिल्म को देखने के लिए बाद में उन्हें सिनेमाघरों में जगह नहीं मिल रही थी।
यह घटना अनुप्रिया और उनके परिवार के लिए बेहद खास बन गई।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी अनुप्रिया नागर की कहानी
अनुप्रिया नागर की कहानी बताती है कि जीवन में सफलता का रास्ता हमेशा पहले से तय नहीं होता।
कभी-कभी असफलता के बाद भी नए अवसर सामने आते हैं।
हालांकि, किसी भी बड़े निवेश का फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी है। अनुप्रिया ने अपनी रुचि,
विश्वास और फिल्म की कहानी से जुड़ाव के आधार पर यह जोखिम उठाया।
आज उनकी पहचान एक युवा फिल्म सह-निर्माता के रूप में हो रही है। उनकी कहानी
उन युवाओं के लिए चर्चा का विषय बन गई है, जो अपनी पारंपरिक पढ़ाई और
नौकरी से अलग किसी नए क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।
निष्कर्ष
Apple में नौकरी के इंटरव्यू में असफल होने से लेकर ‘हनुमान अंश’ जैसी बड़ी फिल्म की सह-निर्माता बनने तक
अनुप्रिया नागर का सफर बेहद दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपनी करीब 55 लाख रुपये की बचत फिल्म में लगाई।
शुरुआत में परिवार को चिंता हुई, लेकिन फिल्म की सफलता ने सबको हैरान कर दिया।
नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में
452 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर अनुप्रिया को नई पहचान दिलाई।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. अनुप्रिया नागर कौन हैं?
अनुप्रिया नागर युवा फिल्म सह-निर्माता हैं। वह नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी हैं।
2. अनुप्रिया नागर ने फिल्म में कितने रुपये लगाए थे?
उन्होंने अपनी जमा-पूंजी से लगभग 50 से 55 लाख रुपये फिल्म में निवेश किए थे।
3. अनुप्रिया नागर को Apple में नौकरी क्यों नहीं मिली?
उन्होंने Apple में नौकरी के लिए इंटरव्यू दिया था, लेकिन दूसरे राउंड में उनका चयन नहीं हो पाया था।
4. हनुमान अंश फिल्म किसके जीवन पर आधारित है?
यह फिल्म प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनसे जुड़ी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है।
5. हनुमान अंश फिल्म का बजट कितना था?
फिल्म का शुरुआती बजट लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताया गया था,
जबकि कुल बजट 2 करोड़ रुपये से कम बताया गया।
6. हनुमान अंश फिल्म ने कितनी कमाई की?
30 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार फिल्म ने
दुनियाभर में 452 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया था।
7. अनुप्रिया नागर के पिता उनके फैसले से क्यों परेशान थे?
उनके पिता को चिंता थी कि बेटी विदेश में अच्छी नौकरी और सुरक्षित करियर छोड़कर
अपनी पूरी बचत फिल्म में लगा रही है, जबकि फिल्म इंडस्ट्री में परिवार का कोई परिचित नहीं था।
8. हनुमान अंश फिल्म कब रिलीज हुई थी?
यह फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
9. अनुप्रिया नागर को नीम करोली बाबा के बारे में कैसे पता चला?
स्टीव जॉब्स के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में पढ़ते समय
उन्हें कैंची धाम और नीम करोली बाबा के बारे में जानकारी मिली थी।
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