दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र
नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026: राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार रात एक जूता बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फैक्ट्री के अंदर धुएं के कारण छह लोग बेहोशी की हालत में मिले थे। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चार लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। दो घायलों का उपचार जारी है।
इस घटना के बाद फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया है। हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। AajTak+2
मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में रात करीब 9:30 बजे लगी आग
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित बी-293/294 में शुक्रवार 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे एक जूता निर्माण फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली थी।
आग लगने की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। फैक्ट्री परिसर में आग और धुएं की स्थिति गंभीर थी। ऐसे में दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। इसके बाद वहां से उठने वाला घना धुआं ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। फैक्ट्री के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई।
दमकल विभाग की लगभग 20 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम किया। बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया। AajTak+1
छह लोग बेहोशी की हालत में मिले, अस्पताल में चार की मौत
इस हादसे में सबसे दुखद स्थिति तब सामने आई, जब राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री के अंदर छह लोग बेहोशी की हालत में मिले। दमकलकर्मियों ने सभी को बाहर निकालकर मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य घायलों का इलाज जारी है।
बताया गया कि फैक्ट्री में धुएं की मात्रा काफी अधिक थी। इसी वजह से अंदर मौजूद लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और वे बेहोश हो गए।
दमकल अधिकारी एडीओ पारस कुमार के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल की सीढ़ियों से निकाला गया, जबकि पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से बाहर निकाला गया।
इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। फिलहाल मृतकों की पहचान और घटना के समय फैक्ट्री में मौजूद कुल कर्मचारियों की संख्या की जानकारी जुटाई जा रही है। AajTak+2
बेसमेंट में लगी आग, ऊपरी मंजिलों तक फैला धुआं; दमकलकर्मियों ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्री के बेसमेंट में आग लगने के बाद वहां से निकलने वाला धुआं इमारत के अन्य हिस्सों में फैल गया था। धुएं की वजह से फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
बचाव अभियान के दौरान दमकलकर्मियों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। एक व्यक्ति तीसरी मंजिल की सीढ़ियों पर मिला, जबकि पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से निकाला गया। सभी छह लोगों को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
दमकल विभाग ने आग को बेसमेंट तक सीमित रखने में सफलता मिलने की जानकारी दी। इसके बाद आग बुझाने और इमारत को सुरक्षित करने का काम किया गया। आग पर काबू पाने के बाद मौके पर कूलिंग प्रक्रिया भी शुरू की गई,
ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका को कम किया जा सके।
इस हादसे में आग से ज्यादा घने धुएं के कारण लोगों के
फंसने और बेहोश होने की स्थिति सामने आई है।
हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। AajTak+1
फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया, आग लगने के कारणों की जांच शुरू
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आउटर जिला के डीसीपी
विक्रम सिंह के अनुसार, फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा ठेकेदार और
फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों से भी जानकारी ली जा रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना है कि हादसे के समय फैक्ट्री में
कुल कितने मजदूर मौजूद थे। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि
फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के लिए आपातकालीन निकास और सुरक्षा की क्या व्यवस्था थी।
फिलहाल आग लगने का सटीक कारण सामने नहीं आया है। शॉर्ट सर्किट या
अन्य संभावित वजहों को लेकर बिना जांच के कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
पुलिस और संबंधित विभागों की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फैक्ट्री में अग्नि सुरक्षा के
नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं और हादसे के समय सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।
फैक्ट्री मालिक, ठेकेदार और कर्मचारियों से पूछताछ के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकता है।
मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। AajTak+2
औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मंगोलपुरी की घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने ला दिया है।
फैक्ट्रियों में ज्वलनशील सामग्री, बिजली के उपकरण और मशीनों का इस्तेमाल होता है।
ऐसे में आग लगने की स्थिति में समय पर बचाव की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास,
बिजली की वायरिंग की नियमित जांच और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना महत्वपूर्ण है।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों को समय-समय पर
औद्योगिक इकाइयों का सुरक्षा निरीक्षण करना चाहिए। साथ ही,
फैक्ट्री संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
मंगोलपुरी हादसे की जांच के बाद यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि
इस फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर कोई लापरवाही हुई थी या नहीं।
निष्कर्ष: दिल्ली के मंगोलपुरी में जूता फैक्ट्री में लगी आग ने चार परिवारों को गहरा सदमा दिया है।
दो घायल लोगों का इलाज जारी है। अब पुलिस जांच और संबंधित विभागों की कार्रवाई से
हादसे की असली वजह सामने आने का इंतजार है। औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की
सुरक्षा सुनिश्चित करना इस घटना के बाद एक बार फिर महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. दिल्ली में फैक्ट्री में आग कहां लगी थी?
यह हादसा दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित एक जूता बनाने वाली फैक्ट्री में हुआ।
2. मंगोलपुरी फैक्ट्री अग्निकांड में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं।
3. फैक्ट्री में आग कब लगी थी?
शुक्रवार 30 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।
4. आग बुझाने के लिए कितनी दमकल गाड़ियां पहुंचीं?
दमकल विभाग की लगभग 20 गाड़ियां आग बुझाने और राहत एवं बचाव अभियान में लगाई गई थीं।
5. आग लगने का कारण क्या था?
अभी आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और
फैक्ट्री मालिक से पूछताछ की जा रही है।
