DGCA ने इंडिगो अधिकारी हटाए
DGCA इंडिगो अधिकारी हटाए: इंडिगो की फ्लाइट ऑपरेशंस निगरानी करने वाले 4 अधिकारियों को हटाया गया। नए FDTL नियमों की तैयारी में चूक और हजारों उड़ानें रद्द होने के इंडिगो संकट 2025 के बाद सुरक्षा जांच में सख्त कार्रवाई। नाम, कारण और पूरी डिटेल्स जानें।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइंस के हालिया संकट के बीच बड़ा कदम उठाया है। दिसंबर 2025 में इंडिगो की हजारों उड़ानों के रद्द होने और यात्रियों को भारी परेशानी झेलने के बाद DGCA ने फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर्स (FOI) के रूप में इंडिगो की सुरक्षा और संचालन की निगरानी करने वाले चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। ये अधिकारी इंडिगो की ऑपरेशनल कंप्लायंस, पायलट ट्रेनिंग और नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के पालन पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार थे। यह कार्रवाई DGCA की प्रारंभिक जांच में निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद की गई है।
DGCA इंडिगो अधिकारी हटाए गए उनके नाम और उनकी भूमिका
DGCA के आंतरिक आदेश के अनुसार, हटाए गए चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स हैं:
- रिषि राज चटर्जी (डिप्टी चीफ फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर)
- सीमा झामनानी (सीनियर फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर)
- अनिल कुमार पोखरियाल (फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर)
- प्रियम कौशिक (फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर)
ये अधिकारी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर DGCA में कार्यरत थे और इंडिगो की दैनिक उड़ानों की सुरक्षा, क्रू मैनेजमेंट और नियमों के अनुपालन की जांच करते थे। FOI की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे एयरलाइंस की ऑडिटिंग, पायलट सर्टिफिकेशन और सुरक्षा मानकों की निगरानी करते हैं। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इन अधिकारियों ने इंडिगो की पायलट कमी और नए FDTL नियमों की तैयारी में चूक की, जिससे बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हुईं।
इंडिगो संकट की वजह: नए FDTL नियम और प्लानिंग की कमी
इंडिगो का यह संकट दिसंबर 2025 की शुरुआत से शुरू हुआ, जब एयरलाइन ने हजारों उड़ानें रद्द कर दीं। मुख्य वजह नए पायलट ड्यूटी और रेस्ट नियम (FDTL) थे, जो नवंबर 2025 से लागू हुए। इन नियमों के तहत:
- पायलटों को साप्ताहिक रेस्ट 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे किया गया।
- नाइट ड्यूटी में लैंडिंग की संख्या 6 से घटाकर 2-3 कर दी गई।
- थकान प्रबंधन के लिए कड़े मानक लागू किए गए।
#इंडिगो ने इन नियमों के लिए पर्याप्त पायलट नहीं भर्ती किए, जिससे क्रू शॉर्टेज हो गई। दिसंबर में पीक पर एक दिन में 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, खासकर दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर। लाखों यात्री प्रभावित हुए, एयरपोर्ट पर लंबी कतारें लगीं और बैगेज की समस्या बढ़ गई। DGCA ने इंडिगो की विंटर शेड्यूल 10% कम करने का आदेश दिया, जिससे रोजाना 200 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित हुईं।
DGCA की अन्य कार्रवाइयां और जांच
यह कार्रवाई DGCA की सख्ती का हिस्सा है। नियामक ने:
- इंडिगो के गुरुग्राम हेडक्वार्टर्स पर अधिकारियों की टीम तैनात की, जो दैनिक ऑपरेशंस, क्रू यूटिलाइजेशन और रिफंड की मॉनिटरिंग कर रही है।
- इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स और COO को कई बार तलब किया।
- चार सदस्यीय जांच पैनल गठित किया, जिसमें जॉइंट DG संजय ब्रह्मणे, डिप्टी DG अमित गुप्ता आदि शामिल हैं।
- 11 प्रमुख एयरपोर्ट पर ऑन-साइट इंस्पेक्शन करवाया।
सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो की इंटरनल मिसमैनेजमेंट से यात्रियों को भारी असुविधा हुई।
संसदीय पैनल भी DGCA और मिनिस्ट्री को तलब कर सकता है।
यात्रियों पर असर और इंडिगो की प्रतिक्रिया
इस संकट से दिसंबर में 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इंडिगो ने प्रभावित यात्रियों को 10,000 रुपये के ट्रैवल वाउचर देने की घोषणा की, साथ ही सरकारी नियमों के तहत मुआवजा और रिफंड प्रोसेस किया।
एयरलाइन ने बाहरी एक्सपर्ट नियुक्त कर आंतरिक जांच शुरू की है।
ऑपरेशंस अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं,
लेकिन DGCA की निगरानी जारी है।
भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए सबक
यह घटना भारतीय एविएशन की तेज ग्रोथ और चुनौतियों को उजागर करती है। इंडिगो का मार्केट शेयर 60% से ज्यादा है, इसलिए उसकी समस्या पूरे सेक्टर को प्रभावित करती है। DGCA को अपनी ओवरसाइट मजबूत करने की जरूरत है, जबकि एयरलाइंस को रेगुलेटरी बदलावों के लिए बेहतर प्लानिंग करनी होगी। पायलट थकान एक गंभीर सुरक्षा मुद्दा है, और नए नियम इसे संबोधित करने के लिए जरूरी हैं।
यह कार्रवाई DGCA का साफ संदेश है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से और कार्रवाइयां हो सकती हैं।
यात्रियों को सलाह है कि उड़ान स्टेटस चेक करें और अधिकारों के बारे में जागरूक रहें।
