दिल्ली मेट्रो फेज 4 : को दिल्लीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली मेट्रो फेज 4 के रिठाला-बवाना-नरेला-कुंडली कॉरिडोर के लिए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की जमीन DMRC को आवंटित करने की मंजूरी दे दी। यह फैसला सालों से लंबित बाधा को दूर करता है, जिससे रिठाला से रोहिणी सेक्टर-25 तक महत्वपूर्ण वायाडक्ट (ब्रिज) का निर्माण अब तेजी से शुरू हो सकेगा।
क्या है यह मंजूरी और क्यों थी देरी?
दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन को रिठाला से हरियाणा के कुंडली (नाथूपुर) तक एक्सटेंड करने का यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2024 में केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। कुल 26.463 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड कॉरिडोर करीब ₹6230 करोड़ की लागत से बनेगा। लेकिन रिठाला में DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की जमीन की वजह से निर्माण रुका हुआ था।

LG की मंजूरी के बाद:
- DJB रिठाला STP में 50 वर्ग मीटर जमीन DMRC को 99 साल की स्थायी लीज पर देगा।
- अतिरिक्त 1286 वर्ग मीटर जमीन 4 साल के लिए अस्थायी रूप से वायाडक्ट निर्माण के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
- DMRC इसके बदले DJB को कुल ₹75.50 लाख का मुआवजा देगा।
यह कदम प्रोजेक्ट को गति देगा और तय समयसीमा (लगभग 4 साल) में पूरा करने में मदद करेगा।
कॉरिडोर की मुख्य विशेषताएं
यह कॉरिडोर रेड लाइन का विस्तार होगा, जो वर्तमान में रिठाला से शहीद स्थल (गाजियाबाद) तक चलती है। कुल 21 एलिवेटेड स्टेशन बनेंगे:
- रोहिणी सेक्टर 25
- रोहिणी सेक्टर 26
- रोहिणी सेक्टर 31
- रोहिणी सेक्टर 32
- रोहिणी सेक्टर 36
- बरवाला
- रोहिणी सेक्टर 35
- रोहिणी सेक्टर 34
- बवाना इंडस्ट्रियल एरिया (सेक्टर 3-4)
- बवाना इंडस्ट्रियल एरिया (सेक्टर 1-2)
- बवाना JJ कॉलोनी
- सनोठ
- न्यू सनोठ
- डिपो स्टेशन
- भोरगढ़ गांव
- अनाज मंडी नरेला
- नरेला DDA स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
- नरेला
- नरेला सेक्टर 5
- कुंडली
- नाथूपुर
कॉरिडोर का ज्यादातर हिस्सा (23.7 किमी) दिल्ली में और 2.7 किमी हरियाणा में होगा।
क्षेत्र को क्या फायदे मिलेंगे?
यह प्रोजेक्ट उत्तर-पश्चिम दिल्ली और एनसीआर के लिए गेम-चेंजर साबित होगा:
- बेहतर कनेक्टिविटी: दिल्ली से हरियाणा (कुंडली) और यूपी (गाजियाबाद) तक सीमलेस यात्रा।
- ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी: रोहिणी, बवाना, नरेला जैसे इलाकों में जाम और पॉल्यूशन कम होगा।
- विकास को बूस्ट: नरेला को एजुकेशन हब (7 नए संस्थान), रेजिडेंशियल एरिया और स्पोर्ट्स सेंटर (इंटरनेशनल स्टेडियम) के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- लाखों लोगों को फायदा: बॉर्डर एरिया के निवासियों, इंडस्ट्रियल जोन (बवाना में 18,000+ फैक्टरियां) और कम्यूटर्स को आसान पब्लिक ट्रांसपोर्ट।
- आर्थिक ग्रोथ: औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।
आगे क्या?
अब मुख्य बाधा दूर हो गई है, DMRC जल्द टेंडर और निर्माण शुरू करेगा। पूरा प्रोजेक्ट 2029-2030 तक तैयार होने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो फेज 4 अब कुल 112 किमी से ज्यादा का हो गया है, जो एनसीआर को और मजबूत बनाएगा।
निष्कर्ष: रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर की यह मंजूरी दिल्ली-हरियाणा के लोगों के लिए लाइफलाइन साबित होगी। अगर आप उत्तर दिल्ली या एनसीआर में रहते हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार खत्म होने की शुरुआत है!
