इंदौर हादसा जांच रिपोर्ट
इंदौर हादसा जांच रिपोर्ट इंदौर हादसे में हुई मौतों की वजह आखिरकार सामने आ गई है। जांच रिपोर्ट में जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको झकझोर दिया है। जानें क्या निकला असली कारण।

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 7 से 14 मौतें हो चुकी हैं, जबकि सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। जांच में पुष्टि हुई कि नर्मदा जलापूर्ति पाइपलाइन में सीवर का पानी मिल गया था, जो लंबे समय से लोगों का डर था।
हादसे का पूरा विवरण
25 दिसंबर 2025 से भागीरथपुरा क्षेत्र में नल के पानी में बदबू, कड़वापन और गंदगी दिखने लगी। लोगों ने शिकायत की, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। 26 दिसंबर को पहली मौत हुई, फिर मामला फैल गया। अब तक स्वास्थ्य विभाग ने 3-4 मौतें स्वीकार कीं, लेकिन मेयर ने 7 और स्थानीय लोगों ने 13-14 बताईं। 116 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
इंदौर हादसा जांच रिपोर्ट: मौतों की सच्ची वजह सीवर का पानी
प्रोब कमिटी ने पाया कि भागीरथपुरा पुलिस चौकी के पास बने शौचालय का सीवरेज चैंबर न होने से गंदा पानी लीक होकर नर्मदा पाइपलाइन में घुस गया। लैब रिपोर्ट्स में E. coli, Vibrio cholerae, Klebsiella और फीकल कोलाइफॉर्म पाए गए, जो डायरिया, उल्टी और डिहाइड्रेशन का कारण बने। यह वही डर था जो लोग खुदाई और पुरानी पाइपलाइनों को लेकर जता रहे थे।
प्रभावितों की कहानियां
- नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (60) और तारा कोरी (65) जैसी मौतें हुईं,
- जो डायरिया से कार्डियक अरेस्ट का शिकार बने।
- एक 6 महीने का बच्चा भी दूषित पानी से मिश्रित दूध पीकर मर गया।
- गब्बर लश्करी जैसे निवासियों ने बताया कि परिवार के सदस्य अस्पताल में हैं,
- पानी खरीदना पड़ रहा है। सैकड़ों परिवार उजड़ चुके हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अस्पताल जाकर मरीजों से मुलाकात की, मृतकों को 2 लाख मुआवजा और मुफ्त इलाज का ऐलान किया। नगर निगम जोनल अधिकारी, असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड, एक सब-इंजीनियर निष्कासित।
- 3 सदस्यीय IAS जांच समिति बनी, नर्मदा सप्लाई रोकी गई,
- टैंकरों से पानी बांटा जा रहा।
- कैलाश विजयवर्गीय ने भी दौरा किया।
राजनीतिक विवाद और जनता का गुस्सा
- कांग्रेस ने 2200 करोड़ पानी प्रोजेक्ट पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया।
- जीतू पटवारी ने भाजपा पर लापरवाही का ठहराया।
- स्वच्छता में नंबर 1 इंदौर में यह हादसा शर्मिंदगी का कारण बना।
- लोग सड़कों पर उतरे, प्रशासन पर भरोसा उठा।
सबक और सावधानियां
यह हादसा जल प्रबंधन की लापरवाही दिखाता है। भविष्य में पाइपलाइनों की नियमित जांच जरूरी। लोगों को उबालकर पानी पीने, RO इस्तेमाल करने की सलाह। सरकार ने कठोर प्रावधानों का वादा किया। जल संकट से बचाव ही सुरक्षा है।
