हादी मौत जांच साज़िश
हादी मौत जांच साज़िश हादी की मौत के मामले में पुलिस जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई — भारत को फंसाने की बड़ी साजिश का हुआ खुलासा। जांच एजेंसियों ने उठाए कई अहम कदम।

बांग्लादेश के कट्टर भारत-विरोधी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी (उस्मान हादी) की गोली मारकर हत्या के बाद देशभर में भड़की हिंसा के बीच पुलिस जांच ने बड़ा खुलासा किया है कि यह एक संगठित साजिश थी, जिसमें भारत को बदनाम करने का मकसद था। ढाका में 12 दिसंबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान गोली लगने के कई दिनों बाद सिंगापुर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई, जिसके बाद मीडिया हाउस, सांस्कृतिक केंद्रों और भारतीय राजनयिक भवनों पर हमले हुए। अब चार्जशीट में 17 नामजद, लेकिन मुख्य आरोपी फरार, और भारत भागने के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।
हादी हत्याकांड का पूरा विवरण
- 12 दिसंबर 2025 को ढाका में इंकलाब मंच के नेता हादी पर गोली चलाई गई।
- वे 12 फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव लड़ने वाले थे और अपनी कट्टर बयानों से चर्चित थे।
- सिंगापुर ले जाए जाने के बावजूद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई,
- जिससे बांग्लादेश में अराजकता फैल गई।
- हिंसा में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या तक हो गई।
मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद, आलमगीर शेख और ताइजुल इस्लाम चौधरी बप्पी बताए जा रहे हैं। बप्पी चत्र लीग (आवामी लीग की छात्र इकाई) का पूर्व अध्यक्ष था। पुलिस ने 11 गिरफ्तारियां कीं, दो भारतीय (मेघालय में पकड़े गए) सहयोगी भी।
हादी मौत जांच साज़िश: पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई
- ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) ने 6 जनवरी 2026 को चार्जशीट दाखिल की,
- जिसमें हत्या को ‘राजनीतिक बदला’ बताया।
- DMP के एडिशनल कमिश्नर शफीकुल इस्लाम ने कहा,
- कि हादी के आवामी लीग और चत्र लीग के खिलाफ बयानों से वे नाराज थे।
- दो विदेशी पिस्तौलें, 52 गोलियां, मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट और 218 करोड़ टका के चेक बरामद।
फैसल ने वीडियो जारी कर कहा कि वह दुबई में है, न कि भारत में। उसने दावा किया कि सरकारी ठेके के बदले चंदा दिया था, हत्या में उसका हाथ नहीं।
भारत को फंसाने की साजिश क्यों?
हत्या के तुरंत बाद बांग्लादेश पुलिस ने DMP के एस.एन. नजरुल इस्लाम ने कहा कि फैसल और आलमगीर मयमंसिंह के हलुआघाट बॉर्डर से मेघालय भारत भागे। इससे भारत-विरोधी प्रदर्शन भड़के, भारतीय राजनयिक भवनों पर हमले हुए।
लेकिन बीएसएफ ने इनकार किया। मेघालय आईजी ओ.पी. उपाध्याय ने कहा कि कोई घुसपैठ का प्रमाण नहीं। फैसल के दुबई वाले वीडियो ने झूठ बेनकाब किया। पूर्व RAW एजेंट लकी बिष्ट ने ऑडियो क्लिप जारी कर कहा कि ISI-DGFI की साजिश थी भारत को बदनाम करने की।
इंकलाब मंच ने आरोप खारिज कर चार्जशीट को बड़ी साजिश बताया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रभाव
- हादी इंकलाब मंच के प्रमुख थे, जो यूनुस सरकार के खिलाफ थे।
- हत्या चुनाव रोकने की कोशिश मानी जा रही।
- हिंसा में अल्पसंख्यकों पर हमले, भारत को निशाना।
- भारत ने प्रोपेगैंडा का खंडन किया।
- चार्जशीट आवामी लीग से जोड़ती है,
- शेख हसीना सरकार गिरने के बाद बैन पार्टी।
वर्तमान स्थिति और भविष्य
11 गिरफ्तार, 6 ने कबूल किया। फैसल फरार, दुबई से वीडियो। इंकलाब मंच ने 24 घंटे में ट्रायल की मांग। बांग्लादेश में तनाव, भारत के साथ संबंध प्रभावित।
यह मामला दक्षिण एशिया की सियासत को हिला रहा। सच्चाई सामने आने से साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश।
