चाइनीज फोन भारत कमबैक
चाइनीज फोन भारत कमबैक चाइनीज स्मार्टफोन्स का भारत में मेगा कमबैक! पाबंदी हटी, Vivo-Oppo की बाढ़ आने वाली। 5G फोन की कीमतें क्रैश, सेल्स बूम। Make in India को झटका? लेटेस्ट लॉन्च, स्पेक्स और प्राइस डिटेल फुल कवरेज में देखें!

“चाइनीज फोन की मेगा कमबैक” का मतलब है कि भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स फिर से जोर पकड़ सकते हैं। 2020 के बाद भारत-चीन तनाव के बाद चीनी ऐप्स और कंपनियों पर पाबंदियां लगीं, जिससे रेडमी, ओप्पो, विवो, शाओमी जैसे ब्रांड्स को भारी झटका लगा। अब खबरें आ रही हैं कि भारत सरकार चीनी कंपनियों पर लगी कुछ पाबंदियों को हटाने या ढील देने की तैयारी कर रही है, खासकर सरकारी ठेकों के मामले में। इससे चीनी फोन कंपनियों को भी फायदा मिल सकता है।
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अगर यह होता है, तो चीनी ब्रांड्स फिर से भारत में जोरदार मार्केटिंग, नए मॉडल्स लॉन्च और डील्स के साथ वापसी कर सकते हैं — यही “मेगा कमबैक” और “बाढ़” की बात है।
चाइनीज फोन भारत कमबैक : पाबंदी खत्म होने की खबर क्या है?
2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिक झड़प के बाद भारत ने चीनी कंपनियों पर कई पाबंदियां लगाईं। इसमें चीनी ऐप्स का बैन, चीनी कंपनियों को सरकारी ठेके देने पर रोक और इलेक्ट्रॉनिक्स इंपोर्ट पर ज्यादा नियंत्रण शामिल है। अब 2026 में, भारत सरकार चीनी कंपनियों को सरकारी ठेकों के लिए बोली लगाने की अनुमति फिर से देने पर विचार कर रही है।
- इसका सीधा असर चीनी फोन कंपनियों पर नहीं होगा,
- लेकिन यह भारत-चीन व्यापारिक संबंधों को सामान्य करने का संकेत है।
- अगर चीनी कंपनियों को फिर से भारत में बड़े प्रोजेक्ट्स मिलते हैं,
- तो उनकी फाइनेंसियल स्थिति मजबूत होगी और वे भारत में फोन बिजनेस को फिर से बढ़ावा दे सकते हैं।
चीनी फोन ब्रांड्स का भारत में पुराना दबदबा
2016 से 2020 तक चीनी फोन ब्रांड्स भारत के स्मार्टफोन मार्केट पर राज करते थे। रेडमी, ओप्पो, विवो, शाओमी जैसे ब्रांड्स बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में धमाल मचा रहे थे। इनके फोन अच्छे कैमरा, बड़ी बैटरी और कम कीमत के कारण युवाओं के बीच बहुत पॉपुलर थे।
| ब्रांड | भारत में टॉप मॉडल्स (2016–2020) | फीचर्स जिन्होंने धमाल मचाया |
|---|---|---|
| रेडमी | Redmi Note 4, Redmi 9, Redmi 10 | बेहतरीन बैटरी, अच्छा कैमरा |
| ओप्पो | F11, F17, A53 | स्लाइडिंग कैमरा, फैशनेबल डिजाइन |
| विवो | V15, Y20, Y51 | सेल्फी कैमरा, बड़ी डिस्प्ले |
| शाओमी | Mi A1, Mi 10i, Mi 11X | फ्लैगशिप स्पेक्स, कम कीमत |
इन ब्रांड्स ने भारत में अपने लैब्स, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और बड़े एड कैंपेन चलाए थे। इसी दौरान भारत के फोन मार्केट में चीनी ब्रांड्स का शेयर 50% से ज्यादा रहा।
2020 के बाद क्या हुआ?
2020 के बाद भारत-चीन तनाव के साथ चीनी ऐप्स के बैन और चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदियों ने चीनी फोन ब्रांड्स को झटका दिया। इनकी बिक्री घटी, मार्केटिंग बजट कम हुआ और नए मॉडल्स की लॉन्चिंग धीमी हो गई। इस खाली जगह को सैमसंग, रियलमी, टेक्नो, इनफिनिक्स और भारतीय ब्रांड्स ने भरा।
- रेडमी/शाओमी ने भारत में अपनी रिटेल और एड गतिविधियां कम कीं।
- ओप्पो और विवो ने नए मॉडल्स की लॉन्चिंग धीमी कर दी।
- चीनी फोन्स के खिलाफ नेशनलिस्टिक भावना भी बढ़ी, जिससे कई यूजर्स ने इन्हें छोड़ दिया।
अब फिर से बाढ़ क्यों आ सकती है?
अगर भारत सरकार चीनी कंपनियों पर लगी पाबंदियों को नरम करती है, तो चीनी फोन ब्रांड्स फिर से जोर लगा सकते हैं। इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं:
- मजबूत फाइनेंसियल पोजीशन: चीनी कंपनियां अब भारत में अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और सप्लाई चेन बना चुकी हैं। अगर व्यापारिक माहौल सामान्य होता है, तो वे फिर से भारी निवेश कर सकती हैं।
- नए बजट और मिड-रेंज मॉडल्स: चीनी ब्रांड्स अब 5G, बेहतर कैमरा और बड़ी बैटरी वाले फोन बहुत कम कीमत पर ला सकते हैं, जिससे भारत के बड़े यूजर बेस को फिर से आकर्षित कर सकते हैं।
- ऑनलाइन और ऑफलाइन डिस्ट्रीब्यूशन: चीनी ब्रांड्स के पास भारत में बड़ा रिटेल नेटवर्क और ऑनलाइन प्रेजेंस है। अगर वे फिर से एक्टिव होते हैं, तो उनके फोन तुरंत बाजार में बाढ़ की तरह आ सकते हैं
