Volvo EX30
Volvo EX30 बैटरी हीटिंग से आग का खतरा, इस कार को कंपनी ने वापस बुलाया। लाखों ओनर्स अलर्ट। खराबी की वजह, प्रभावित मॉडल और क्या करें। सेफ्टी न्यूज अपडेट।

वोल्वो ने हाल ही में अपनी इलेक्ट्रिक SUV EX30 के कुछ मॉडल्स को बैटरी के ओवरहीटिंग और आग लगने के खतरे के चलते वापस बुलाया है, जिससे इस कार के मालिकों में चिंता बढ़ गई है। कंपनी ने माना है कि कुछ EX30 गाड़ियों में बैटरी सेल अधिक चार्ज पर गर्म हो सकते हैं, जिससे थर्मल रनअवे (thermal runaway) और आग लगने का खतरा हो सकता है।
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Volvo EX30: किन मॉडल्स पर लगी है चेतावनी?
यह चेतावनी और रिकॉल वोल्वो EX30 के दो विशेष वेरिएंट्स पर लागू होता है:
- EX30 Single Motor Extended Range (69 kWh बैटरी)
- EX30 Twin Motor Performance (69 kWh बैटरी)
इन दोनों मॉडल्स में 69 kWh की बड़ी बैटरी पैक लगी है, जो निकल-मैंगनीज-कोबाल्ट (NMC) सेल्स से बनी है। वोल्वो का कहना है कि इन बैटरी पैक्स में एक आपूर्तिकर्ता की कुछ सेल्स में दोष हो सकता है, जिससे चार्जिंग के दौरान अत्यधिक गर्मी पैदा हो सकती है।
बैटरी हीटिंग से कैसे बढ़ता है आग का खतरा?
- जब बैटरी सेल अत्यधिक गर्म होते हैं,
- तो उनमें थर्मल रनअवे की स्थिति बन सकती है,
- यानी एक सेल का ओवरहीट दूसरे सेल्स को भी गर्म कर देता है।
- इससे पूरे बैटरी पैक में आग फैल सकती है और गाड़ी के अन्य हिस्सों तक आग पहुँच सकती है।
वोल्वो के अनुसार, इस तरह की घटना बहुत दुर्लभ है, लेकिन फिर भी इसका जोखिम इतना गंभीर है कि कंपनी ने तुरंत एक्शन लेना जरूरी समझा। अभी तक ऐसी घटनाओं की संख्या Volvo EX30 के कुल 33,777 इकाइयों में महज 0.02% ही है, लेकिन कोई चोट या घायल होने की रिपोर्ट नहीं आई है।
मालिकों को क्या सलाह दी गई है?
वोल्वो ने प्रभावित EX30 मालिकों को निम्न सलाह दी है:
- गाड़ी को 70% से ऊपर चार्ज न करें।
- चार्ज सेटिंग्स में जाकर मैक्सिमम चार्ज लिमिट 70% तक सेट कर दें।
- अगर डैशबोर्ड पर “Danger! Battery overheating. Stop safely now and exit car” जैसी चेतावनी आए,
- तो तुरंत सुरक्षित जगह रुकें और गाड़ी से बाहर निकल जाएँ।
कंपनी का कहना है कि 70% चार्ज लेवल तक रहने से इस दुर्लभ दोष के खतरे में भारी कमी आ जाती है। इस बीच, वोल्वो एक सॉफ्टवेयर अपडेट या बैटरी पैक की मरम्मत/बदली के जरिए समस्या का स्थायी समाधान तैयार कर रही है।
क्या भारत में भी लागू होगा यह रिकॉल?
अभी तक वोल्वो ने भारत में EX30 के लिए आधिकारिक रूप से रिकॉल या सर्विस कैंपेन की घोषणा नहीं की है। हालाँकि, जो गाड़ियाँ 2024 से 2026 के बीच बनी हैं और इन दो वेरिएंट्स में आती हैं, उनके भारत में भी आने की संभावना है।
भारत में EX30 मालिकों को सलाह है कि वे अपने डीलरशिप या वोल्वो इंडिया की ग्राहक सेवा से संपर्क करके यह जान लें कि उनकी गाड़ी इस रिकॉल के दायरे में आती है या नहीं। अगर आती है, तो तुरंत चार्ज लिमिट 70% तक सेट कर दें और डीलर के निर्देशों का पालन करें।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
- अपनी गाड़ी की जाँच करें – वोल्वो ऐप या डीलर के जरिए चेक करें कि EX30 Single Motor Extended Range या Twin Motor Performance है और बनाने की तारीख 2024–2026 के बीच है या नहीं।
- चार्ज लिमिट सेट करें – अगर गाड़ी प्रभावित है, तो तुरंत चार्ज सेटिंग्स में मैक्सिमम चार्ज 70% तक लिमिट कर दें।
- चेतावनी आने पर तुरंत कार्रवाई करें – अगर डैशबोर्ड पर बैटरी ओवरहीटिंग की चेतावनी आए, तो तुरंत रुकें और गाड़ी से बाहर निकल जाएँ।
- डीलर से अपडेट लें – डीलरशिप से नियमित अपडेट लें कि कब तक सॉफ्टवेयर अपडेट या बैटरी फिक्स उपलब्ध होगा।
निष्कर्ष
वोल्वो EX30 के कुछ बड़े बैटरी वेरिएंट्स में बैटरी सेल्स के ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा पहचाना गया है, जिसके चलते कंपनी ने गाड़ियों को वापस बुलाया है। अभी तक यह घटना बहुत कम मामलों में हुई है, लेकिन सुरक्षा के लिए वोल्वो ने गंभीर कदम उठाए हैं। भारत में EX30 मालिकों को अपनी गाड़ी की स्थिति जाँचनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चार्ज लिमिट 70% तक सेट कर देनी चाहिए
